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सोशल नेटवर्किंग में तेजी से जगह बना रही ये साइट, ट्विटर से भी ज्यादा पॉपुलर

News18Hindi
Updated: November 10, 2019, 6:49 PM IST
सोशल नेटवर्किंग में तेजी से जगह बना रही ये साइट, ट्विटर से भी ज्यादा पॉपुलर
सोशल नेृटवर्किंग साइट में मास्टोडॉन तेजी से पॉपुलर हो रही है.

माइक्रो ब्लागिंग साइट मास्टोडॉन (Mastodon) का भी इस्तेमाल ट्विटर की ही तरह सोशल नेटवर्किंग साइट के रूप में किया जाता है.

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  • Last Updated: November 10, 2019, 6:49 PM IST
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सोशस मीडिया के एक नए माध्यम के रूप में मास्टोडॉन (Mastodon) तेजी से पॉपुलर हो रहा है. सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वाले लोगों में मास्टोडॉन आज ट्विटर से ज्यादा पसंद किया जा रहा है. दरअसल मास्टोडॉन की स्थापना 5 अक्टूबर 2016 में यूगेन रोचको द्वारा की गई. यूगेन इसे फेडरेशन कहते हैं, जिसमें हजारों लोगों का समुदाय शामिल है.

माइक्रो ब्लागिंग साइट मास्टोडॉन का भी इस्तेमाल ट्विटर की ही तरह सोशल नेटवर्किंग साइट के रूप में किया जाता है. जिसका इस्तेमाल उपभोक्ता अपनी प्रोफाइल बनाने के साथ-साथ इमेज पोस्ट करने, संदेश और वीडियों को शेयर करने में करते हैं.

मास्टोडॉन का इस्तेमाल ट्विटर की ही तरह सोशल नेटवर्किंग साइट के रूप में किया जाता है.


ओपेन सोर्सज पर करता है काम

मास्टोडॉन माइक्रो ब्लागिंग साइट रेडिट की ही तरह ओपेन सोर्सज पर काम करता है. ये साइट उपभोक्ताओं को अपनी बात कहने के लिए 500 कैरेक्टर का स्पेस प्रदान करता है. वहीं ट्विटर उपभोक्ताओं को केवल 280 कैरेक्टर की ही स्पेस देता है. दरअसल मास्टोडॉन पृथ्वी से विलुप्त हो गए एक बड़े प्राणी को कहते हैं, जो इस साइट के विस्तृत आकार को दर्शाता है.

मास्टोडॉन एक नयी ब्लागिंग साइट है, ऐसा कहना सही नहीं है. वास्तव में ये कुछ वर्षों से लगातार सीखने की प्रक्रिया के चलते बदलावों के दौर से गुजर रही है. जिसके कारण इसका बुनियादी ढांचे में काफी विकास हुआ है. मास्टोडॉन अब एक सुरक्षित सोशल मीडिया का अनुभव करने का वादा करता है.

सुरक्षा के बेहतर उपकरणों से लैस
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उल्लेखनीय है कि मास्टोडॉन खुद को और अपने यूजर्स को सख्त आचार संहिता से बचाने के लिए बेहतर उपकरणों से लैस है. साथ ही प्लेटफॉर्म की देखभाल के लिए कई प्रोफेशनलस की एक बड़ी टीम शामिल है. वहीं ट्विटर और मास्टोडॉन के बुनियादी ढाचें में व्यापक स्तर में अंतर है. यहां ट्विटर एक केंद्रीकृत सोशल नेटवर्किंग साइट है, तो वहीं मास्टोडॉन में कई लोगों के संवादों पर आधारित है.

ट्विटर और मास्टोडॉन के बुनियादी ढाचें में व्यापक स्तर में अंतर है.


वास्तव में ट्विटर एक कंपनी द्वारा नियंत्रित होता है. जिसमें सभी लोग एक-दूसरे से इंटरकनेक्टेड होते हैं. मास्टोडॉन में व्यक्ति की स्वयं की नीतियां और व्यवस्था होती है. मास्टोडॉन के संस्थापक यूगेन ने जुलाई 2018 में एक पोस्ट के जरिए कहा कि उन्होंने मास्टोडॉन के विकास के लिए वास्तव में ट्विटर मॉडल का इस्तेमाल किया है.

मास्टोडॉन का इस्तेमाल अधिक सुरक्षित
यूगेन ने कहा कि बाद में उनको यह महसूस किया कि ट्विटर में उत्पीड़न और उससे निपटने के उपकरणों का आभाव है. जिसके चलते उन्होंने मास्टोडॉन में इन समस्याओं के स्थायी समाधान वाले टूल का निर्माण किया है. उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों में भारतीय उपयोगकर्ताओं ने मास्टोडॉन को बहुत बड़े पैमाने पर सोशल नेटवर्किंग साइट के रूप में इस्तेमाल किया है.

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े ने अपना ट्विटर अकाउंट डिलीट करके मास्टोडॉन को अपनाया है. वहीं कुछ यूजर्स ने ट्विटर को अपनी सख्त नीतियों के लिए असंगत होने का आरोप लगाया है. मास्टोडॉन को एक व्यक्तिगत सेवा के रूप में डिजाइन किया गया है.

भारतीय उपयोगकर्ताओं ने मास्टोडॉन को बहुत बड़े पैमाने पर सोशल नेटवर्किंग साइट के रूप में इस्तेमाल किया है.


मास्टोडॉन का यूज आसान
मास्टोडॉन में कोई भी सामान्य रूप से शामिल हो सकता है. वहीं अन्य सोशल नेटवर्किंग साइट नियंत्रित रूप से कुछ विशिष्ट लोगों के हितों को साझा करने में फोकस्ड रहते हैं. मास्टोडॉन में प्रत्येक व्यक्ति का अपना व्यक्तिगत सर्वर होता है. जिसको उसी के द्वारा चलाया और नियंत्रित किया जाता है.

साथ ही वही व्यक्ति सदस्यों को भी नियंत्रित करता है. उदाहरण के लिए inditoot.com भारतीयों के लिए एक सामाजिक नेटवर्क है. जिसको भारतीय मालिकों द्वारा ही एक विशिष्ट मास्टोडॉन inditoot  पर चलाय जाता है.

मस्तोडॉन को एसे करे साइन अप
मास्टोडॉन को शुरू करने के लिए सबसे अच्छा तरीका साइन अप का होता है. mastodon.social से जुड़कर एक प्लेटफॉर्म का एहसास होता है. मास्टोडॉन एक ऑफीशियल ऐप नहीं होता है. इसलिए Mastodon.org से जुड़ने के लिए एंड्रोएट, वेब, डेस्कटॉप में मास्टोडॉन ब्राउजर को डाउनलोड करना होगा. एक बार मास्टोडॉन ऐप डाउनलोड करने के बाद अपने फोन या सिस्टम में साइन अप करके शुरू कर सकते हैं.

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First published: November 10, 2019, 6:48 PM IST
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