जानिए, प्लेन क्रैश के आखिरी पलों में पाकिस्तानी पायलट लगातार 'मेडे' क्यों कहता रहा

पाकिस्तान के कराची शहर में 22 मई की शाम एक यात्री विमान क्रैश हो गया
पाकिस्तान के कराची शहर में 22 मई की शाम एक यात्री विमान क्रैश हो गया

पाकिस्तान के कराची (Karachi in Pakistan) शहर में 22 मई की शाम एक यात्री विमान क्रैश (plane crash) हो गया. हादसे से पहले कंट्रोल रूम (control room) के संपर्क में आया पायलट लगातार एक शब्द बोल रहा था- मेडे... मेडे (Mayday). क्या ये कोई खुफिया कोड है? जानिए, इसके बारे में सबकुछ.

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मेडे (Mayday) असल में डिस्ट्रेस कॉल (distress call) है, जो किसी इमरजेंसी में कहा जाता है. पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (Pakistan International Airlines) का A320 एयरबस विमान जो शुक्रवार को लाहौर (Lahore) से कराची के लिए रवाना हुआ, उसके इंजन में लैंडिंग से ठीक पहले कोई खराब आ गई. इस दौरान अपने आखिरी कॉल पर पायलट (pilot) लगातार मेडे कह रहा था. इससे पहले भी फ्यूल खत्म होने, खराब मौसम या इंजन बिगड़ने के हालातों में पायलट को मेडे कहते सुना गया है.

क्या है मेडे कॉल
ये किसी जानलेवा हादसे की आशंका में कहा जाता है. वैसे तो ये कॉल हवाई जहाज या जहाजों से लिए है लेकिन दूसरे मामलों में भी मेडे पुकारने का मतलब इमरजेंसी सिचुएशन ही है. मेडे बोलने का एक खास तरीका है. एक के बाद एक तीन बार जोर-जोर से ये बोला जाता है ताकि सुनने वाले को तसल्ली हो जाए कि वो ठीक सुन रहा है. इसके बाद दूसरे आंकड़े दिए जाते हैं जैसे बचाव दल में कितने लोगों या कितनी चीजों की जरूरत है, क्या लोकेशन है, वहां का मौसम कैसा है, कितना ईंधन बाकी है और कितने लोग फंसे हुए हैं. डिस्ट्रेस कॉल आने पर कंट्रोल रूम सारी चीजें छोड़कर उसी पर फोकस करता है.

डिस्ट्रेस कॉल आने पर कंट्रोल रूम सारी चीजें छोड़कर उसी पर फोकस करता है (Photo-pixabay)

क्या है इसका इतिहास


मेडे कॉल साल 1920 में बना. लंदन के क्रॉयडान एयरपोर्ट पर काम करने वाले सीनियर अफसर Frederick Stanley Mockford ने ये शब्द दिया. दरअसल उनसे किसी ऐसे शब्द के बारे में पूछा गया जो आसान हो, जल्दी से बोला जा सके और जिसे सारी दुनिया के पायलट इमरजेंसी में इस्तेमाल कर सकें. तब फ्रेडरिक ने ये शब्द दिया. मेडे वैसे फ्रेंच शब्द “m’aider" से आया है, जिसका मतलब है मदद करें. इस शब्द को चुने जाने की अहम वजह ये थी कि ये काफी शोरगुल में भी अलग से सुना जा सकता है. वैसे इससे पहले इमरजेंसी में SOS शब्द का इस्तेमाल होता था यानी save our souls.

और भी कई शब्द हैं
इमरजेंसी को बताने के लिए दुनिया में कई और शब्द भी प्रचलित हैं. जैसे Pan-pan. ये भी एक फ्रेंच शब्द पेने से आया है, जिसका मतलब होता है ब्रेकडाउन. इस शब्द को मेकेनिकल या मेडिकल इमरजेंसी में इस्तेमाल करते हैं. हालांकि मेडे की तुलना में ये शब्द कुछ कम जरूरी है और अगर एक बार में दो जगहों से मेडे और पैन-पैन की आवाज आए तो कंट्रोल रूम पहले मेडे कहने वाले की मदद की कोशिश करता है.

रिहायशी मकानों से घिरे काई टाक एयरपोर्ट पर उतरने के दौरान यात्री घरों की खिड़कियों-दरवाजों से तक झांकते हुए उतरते थे


क्या है मेडे कॉल का फॉर्मेट
शिप या फ्लाइट के पायलट को तीन बार एक रो में जोर-जोर से मेडे कहना होता है. इसके बाद उसे जहाज का नंबर, टाइप, इमरजेंसी किस तरह की है, मौसम कैसा है  जैसी डिटेल्स देनी होती हैं. इसके बाद पायलट बताता है कि उसे किस किस्म की मदद चाहिए. अगर विमान खराब मौसम की वजह से खो चुका हो तो भी पायलट को ये बताना होता है कि आखिरी बार वो कब किसी स्टेशन या पोजिशन पर था. उस जगह से विमान किस दिशा में बढ़ा और कितना ईंधन बाकी रहा है.



शुक्रवार को पाकिस्तान में यात्री विमान क्रैश होकर सीधे रिहायशी इलाके पर गिरा. बताया जा रहा है कि बस्ती एयरपोर्ट से सिर्फ 3 किलोमीटर दूर है. आमतौर पर इमरजेंसी हालातों के मद्देनजर एयरपोर्ट को रिहायशी इलाकों से कम से कम 5 किलोमीटर दूर रखने की कोशिश की जाती है. हालांकि जगह की कमी के कारण कई बार इससे समझौता हो जाता है जो खतरनाक भी साबित होता है.

वैसे हांगकांग का काई टाक एयरपोर्ट (Kai Tak Airport) इंटरनेशनल एयरपोर्टइस मामले में सबसे आगे था. इसके नाम में ही खतरा छिपा हुआ है, काई टाक यानी मेंडेरियन भाषा में होता है दिल का दौरा पड़ना. यहां लैंड करना दिल के दौरे को बुलावा देने से अलग नहीं था. दोनों तरफ से रिहायशी मकानों से घिरे इस एयरपोर्ट पर उतरने के दौरान यात्री लोगों के घरों की खिड़कियों-दरवाजों से तक झांकते हुए उतरते थे. इसी वजह से इसे 1998 में बंद कर दिया गया.

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