क्या हैं हैमर्स, जो राफेल फाइटर जेट में हथियार के तौर पर होंगे इस्तेमाल

क्या हैं हैमर्स, जो राफेल फाइटर जेट में हथियार के तौर पर होंगे इस्तेमाल
भारतीय वायुसेना के लिए आ रहे राफेल विमानों में हैमर मिसाइल जुड़ने से उसकी ताकत कई गुना बढ़ जाएगी. . (फाइल फोटो)

इसी महीने फ्रांस (France) से भारत आ रहे राफेल (Rafale) लड़ाकू विमानों में भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) हैमर (HAMMER) मिसाइल जोड़ने की तैयारी कर रही है.

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पिछले दिनों भारत और चीन सीमा (Indo-china border)  पर बढ़ते तनाव के बाद भारत की रक्षा प्रणाली पर लोगों का ध्यान बढ़ा है. इस दौरान भारत के राफेल लड़ाकू जेट विमानों (Rafale Fighter jet planes) की भी ज्यादा चर्चा रही. यह विमान भारत को फ्रांस (France) से मिल रहे हैं और इस महीने के अंत तक पांच विमान भारत पहुंच जाएंगे. आधुनिक तकनीकों और क्षमताओं से लैस यह लड़ाकू विमान चीन को टक्कर देने के लिए उपयुक्त माना जा रहा है. लेकिन अब हैमर (HAMMER) मिसाइल किट के लैस होने से यह और भी ज्यादा खतरनाक होने वाला है.

राफेल की मारक क्षमता को बढ़ाएगा हैमर
राफेल जेट में वे सभी आधुनिक सुविधाएं हैं जो एक लड़ाकू विमान में होनी चाहिए. हवा से हवा और जमीन दोनों में सटीक वार करना, छोटे स्तर के परमाणु हथियार तक ले जाने में सक्षमता, जैसी कई क्षमताएं हैं. भारतीय वायुसेना राफेल जेट की क्षमता बढ़ाने के लिए उसे हैमर मिसाइल्स से लैस करने की तैयारी कर रही है.

क्या है ये हैमर किट
हैमर यानि कि हाइली एजाइल  एंड मैनोवरेबल म्यूनिशन एक्टेंडेड रेंज (HAMMER) हवा से जमीन पर मार करने वाली रॉकेट के जरिए चलने वाली मिसाइल किट है. यह AASM (Armement Air-Sol Modulaire) श्रेणी की मीडियम रेंज मिसाइल किट फ्रांस ने अपने वायु और नौसेना के लिए तैयार की थी. इसमें आईएनएस/जीपीएस या आईएनएस/जीपीएस/आईआईआर गाइडेंस किट को फिट किया जा सकता है. इसमें सैफरान इलेक्ट्रॉनिक एंड डिफेंस का विकसित की हुई आईएनएस/जीपीएस/लेजर गाइडेंस सिस्टम भी लगाया जा सकता है.



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भारत को जुलाई के अंत तक मिल जाएंगे राफेल विमान. (File Photo)


फ्रांस इसे जल्दी उपलब्ध कराएगा भारत को
चीन के साथ बढ़ते सीमा तनाव के बाद भारत सरकार ने फ्रांस सरकार से जल्दी ही इसे डिलीवर करने की मांग की और फ्रांस की सरकार ने इस पर सहमति जताई है. सरकार का कहना है कि फ्रांस सरकार किसी और कस्टमर के लिए पहले से निर्मित हैमर मिसाइल भारत को देने के लिए तैयार हो गई है.

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क्या खासियत है इसकी
इसकी मारक दूरी 20 से 70 किलोमीटर तक है. हैमर की खास क्षमता दुश्मन देश की सीमा और युद्ध के मैदान, जिसमें लद्दाख जैसे दुर्गम इलाके भी शामिल हैं, में बने दुश्मनों के बंकरों की नष्ट करने की है. हैमर इजराइल के स्पाइस गाइडेड बम सिस्टम के समान है जिसका प्रयोग भारतीय वायुसेना ने पिछले साल फरवरी में बालाकोट हमले में किया था. इस किट में 125 किलो,250 किलो, 500 किलो और 1,000 किलो के बम फिट किए जा सकते हैं जिसमें एक हजार किलो के बम बंकर उड़ाने के लिए उपयोग में लाए जाते हैं. राफेल लड़ाकू विमान 250 किलो के छह हैमर सामग्री ले जा सकता है जो एक साथ छह निशानों पर वार करने में सक्षम है.

IAF
IAF, चीन सीमा पर देश की युद्ध की तैयारियों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है (फोटो- ANI)


और भी देश करते हैं इसका उपयोग
साल 2007 से उपयोग किए जा रहे हैमर का इस्तेमाल भारत और फ्रांस के अलावा कतर, मिस्र, मोरक्को जैसे देश भी कर रहे हैं.  इस सिस्टम में मिसाइल और गाइडेड बम दोनों ही फिट किए जा सकते हैं.

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इस मिसाइल किट के बारे में आलोचना के तौर पर कहा जाता है कि यह बहुत महंगी है. इसकी वजह विशेषज्ञ यह बताते हैं कि इसका उत्पादन बहुत ही कम होता है खासतौर पर इसके समकक्ष अमेरिकी मिसाइल किट की तुलना में जिसका उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है  जिससे इसकी कीमत की तुलना की जाती है. इसकी निर्माता कंपनी ने इसकी कीमत को कम करने के प्रयासों पर जोर देने की घोषणा की थी.
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