Mission Paani: मिशन पानी से जुड़े नरेश त्रेहन, कहा- जल है तो कल है

नरेश त्रेहन ने कहा, 'नेटवर्क 18 के मिशन पानी को मेरा 100 फीसदी सपोर्ट है. हमें समझना चाहिए कि अगर पानी नहीं बचाया गया, तो अगला युद्ध पानी के लिए होगा.'

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Updated: July 23, 2019, 11:17 AM IST
Mission Paani: मिशन पानी से जुड़े नरेश त्रेहन, कहा- जल है तो कल है
मिशन पानी से जुड़ें मेदांता के चेयरमैन और एमडी नरेश त्रेहन
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Updated: July 23, 2019, 11:17 AM IST
पानी की समस्या से न सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया जूझती नज़र आ रही है. जलवायु परिवर्तन एक डराने वाला शब्द है. अगर जल्दी ही कुछ उपाय नहीं किए गए तो खेती के लिए क्या, पीने के पानी पर संकट आ सकता है. इसी के चलते News18 ने शुरू किया है एक जल शक्ति अभियान 'मिशन पानी'. इस मुहीम में हमारे साथ अब मेदांता के चेयरमैन और एमडी नरेश त्रेहन भी जुड़ गए हैं. उन्होंने सभी लोगों से साथ मिलकर की पानी बचाने की अपील है. त्रेहन ने कहा- 'पानी बचाइए, क्योंकि जल है तो कल है.'

नरेश त्रेहन ने कहा, 'नेटवर्क 18 के मिशन पानी को मेरा 100 फीसदी सपोर्ट है. पानी की अहमियत के बारे में हमें बचपन से बताया जाता है, लेकिन इसका अहसास हमें बहुत देर से हुआ. हम पानी खर्च करने को लेकर ध्यान नहीं देते. ये एक लिमिटेड सोर्स है. हमें समझना चाहिए कि अगर पानी नहीं बचाया गया, तो अगला युद्ध पानी के लिए होगा.'

त्रेहन से पहले नादिर पटेल, किरण रिजिजू, गजेंद्र शेखावत, आमिर खान, भूमि पेडनेकर, अनुपम खेर, बीजेपी नेता दिनेश शर्मा 'मिशन पानी' का हिस्सा बन चुकी हैं.

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बता दें कि नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट कहती है कि भारत के लगभग 21 बड़े राज्य जलसंकट से जूझ रहे हैं. यानी लगभग 100 मिलियन लोग पानी की तंगी से प्रभावित हैं. इसके बावजूद पानी बचाने को लेकर ज्यादातर लोग काफी लापरवाह हैं. आगाह किया जा रहा है कि यही हालात रहे तो पानी के लिए तीसरा विश्वयुद्ध हो सकता है. ऐसे में पानी के संचय की पुरानी तकनीकों पर काम करने की जरूरत है.

दुनिया के क्षेत्रफल का लगभग 70 प्रतिशत भाग जल से भरा हुआ है, लेकिन पीने योग्य पानी मात्र 3 प्रतिशत है, शेष भाग खारा है. इसमें से भी मात्र एक प्रतिशत मीठे पानी का ही वास्तव में हम उपयोग कर पाते हैं.

आर्थिक विकास, औद्योगीकरण और जनसंख्या विस्फोट से जल का प्रदूषण और जल की खपत बढ़ने के कारण जलचक्र बिगड़़ता जा रहा है. तीसरी दुनिया के देश इससे ज्यादा पीड़ित हैं. यह सच है कि विश्व में उपलब्ध कुल जल की मात्रा आज भी उतनी है जितनी कि 2000 वर्ष पहले थी. बस फर्क इतना है कि उस समय पृथ्वी की जनसंख्या आज की तुलना में मात्र 3 प्रतिशत ही थी. ऐसे में जीवन बचाने के लिए पानी बचाना बहुत जरूरी है.
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मिशन पानी: ‘पानी ही जीवन, इसे बचाएं’- किरण रिजिजू
First published: July 23, 2019, 11:17 AM IST
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