इस साइंटिस्ट ने बनाई वो दवा जो कर सकती है कोरोना का इलाज

इस साइंटिस्ट ने बनाई वो दवा जो कर सकती है कोरोना का इलाज
चेकोस्लोवाकिया के साइंटिस्ट Tomas Cihlar ने अपनी टीम के साथ Remdesivir दवा बनाई थी.

मूल रूप से चेकोस्लोवाकिया से ताल्लुक रखने वाले Tomas Cihlar ने University of Chemistry and Technology, Prague से पढ़ाई की है. Gilead कंपनी में वो सैंकड़ों वैज्ञानिकों की टीम को लीड करते हैं जिसने इबोला, MERS और डेंगू dengue की दवाएं तलाशी हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 30, 2020, 9:24 PM IST
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अमेरिकी कंपनी Gilead की दवा  के बारे में माना जा रहा है कि ये कोरोना की पहली दवा बन सकती है. कोरोना के मरीजों पर इस दवा के तीसरे चरण के ट्रायल के नतीजे भी पॉजिटिव आए हैं. इस खबर से लोगों के बीच उत्साह है. अभी तक कोरोना की न कोई सटीक दवा मिली है और न ही वैक्सीन. दुनियाभर में संक्रमितों का आंकडा 32 लाख के पार पहुंच गया है. ऐसे में Remdesivir लोगों के लिए एक आशा की तरह है. इस दवा को बनाने वाले साइंटिस्ट का नाम है Tomas Cihlar जो विख्यात वायरोलॉजिस्ट यानी संक्रामक बीमारियों के विशेषज्ञ हैं. Tomas Cihlar इस समय Gilead के लिए ही काम करते हैं.

क्या है Tomas Cihlar का रोल
मूल रूप से चेकोस्लोवाकिया से ताल्लुक रखने वाले Tomas Cihlar ने University of Chemistry and Technology, Prague से पढ़ाई की है. Gilead कंपनी में वो सैंकड़ों वैज्ञानिकों की टीम को लीड करते हैं जिसने इबोला, MERS और डेंगू dengue की दवाएं तलाशी हैं. एचआईवी की दवाओं को लेकर Tomas विशेष रूप से ज्यादा फोकस करते हैं. एचआईवी एड्स के लिए Antonín Holý के साथ मिलकर उन्होंने antiretroviral दवा Viread बनाई थी. इस वक्त जिस Remdesivir पर चर्चा चल रही है उसे भी Tomas ने अपनी टीम के साथ मिलकर बनाया था.

Gilead की तरफ से कहा गया है कि Remdesivir के तीसरे चरण के ट्रायल में भी पॉजिटिव नतीजे सामने आए हैं.

क्यों बनाई गई थी Remdesivir


Remdesivir दवा की खोज 2010 के दशक के मध्य में हुई थी. शुरुआत में जानवरों पर किए गए टेस्ट से सिद्ध हुआ था कि ये दवा इबोला के इलाज में सटीक काम करेगी. लेकिन डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो में हुए तीसरे चरण के बड़े परीक्षण के दौरान पता चला कि ये दवा इबोला को पूरी तरह ठीक कर पाने में उतनी कारगर नहीं है. लेकिन अब कोरोना के सार्स और मर्स से काफी मिलने के कारण माना जा रहा है कि ये दवा कोरोना के इलाज में कारगर साबित होगी. शोधकर्ताओं का मानना है कि तीसरे चरण के ट्रायल के बाद अमेरिका का फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन विभाग दवा को अप्रूव करने में तेजी दिखाएगा. जैसा कि इसने 1987 में HIV/AIDS को लेकर बनाई गई दवा azidothymidine- AZT के मामले में किया था.

अब कोरोना की दवा बन सकती है Remdesivir
Remdesivir को कोरोना संक्रमण के इलाज के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है. बुधवार को Gilead की तरफ से कहा गया है कि Remdesivir के तीसरे चरण के ट्रायल में भी पॉजिटिव नतीजे सामने आए हैं. Remdesivir का विट्रो (टेस्ट ट्यूब) और vivo (शरीर पर परीक्षण) टेस्ट जानवरों पर भी किया जा चुका है. जानवरों में MERS and SARS पर इस दवा का परीक्षण सफल रहा है. कोरोना वायरस भी इन्हीं बीमारियों के परिवार का हिस्सा है. कंपनी का कहना है कि जानवरों पर परीक्षण के बाद ही हमें अंदाजा हुआ कि इस दवा का असर कोरोना के इलाज में किया जा सकता है.

डॉ. एंथनी फॉसी


ये दवा एक आशा है
अमेरिका में संक्रामक बीमारियों के बड़े विशेषज्ञ के रूप में मशहूर डॉ. एंथनी फॉसी ने कहा है कि इस दवा ने साबित किया है कि ये कोरोना का रास्ता रोक सकती है. इससे हमें ये आशा मिली है कि हम कोरोना के मरीजों को ठीक कर सकते हैं. गौरतलब है कि इस हफ्ते ही विश्व स्वास्थ्य ने कहा था कि Remdesivir के नतीजे चीन में अच्छे नहीं आए हैं. हालांकि फिर संगठन ने जल्दी ही अपना स्टेटमेंट वापस ले लिया. डॉ. फॉसी का कहना है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्टेटमेंट देने के पहले पर्याप्त स्टडी नहीं की थी.

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