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पुरुषों की वो बीमारियां, जिनके बारे में वो किसी को बताना नहीं चाहते

Sushant Mohan | News18Hindi
Updated: February 6, 2019, 7:45 PM IST
पुरुषों की वो बीमारियां, जिनके बारे में वो किसी को बताना नहीं चाहते
इन बीमारियों के बारे में बात नहीं कर पाते आदमी

मर्दानगी’ के चक्कर में पुरुष ऐसी बीमारियों के बारे में बात नहीं कर पाते जिनसे निजात नहीं पाया जाए तो वो मौत तक साथ नहीं छोड़ती. Mens Health Talk के तहत पुरुषों को अपनी ऐसी बीमारियों के बारे में बोलने के लिए कहा जा रहा है.

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  • Last Updated: February 6, 2019, 7:45 PM IST
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मर्दों की सबसे बड़ी समस्या है उनकी मर्दानगी. ये एक ऐसी चीज़ है जो अक्सर उनकी भावनाओं, उनकी बातों और उनके विचारों के आड़े आ जाती है. इसी ‘मर्दानगी’ के चक्कर में पुरुष ऐसी बीमारियों के बारे में बात नहीं कर पाते जिनसे निजात नहीं पाया जाए तो वो मौत तक साथ नहीं छोड़ती. Mens Health Talk के तहत पुरुषों को अपनी ऐसी बीमारियों के बारे में बोलने के लिए कहा जा रहा है. लेकिन वो बीमारियां हैं कौन सी जिनके बारे में बात करने से भी पुरुष घबराते हैं.

स्तंभन दोष

अंग्रेज़ी में Erectile Dysfunction के नाम से जानी जाने वाली इस बीमारी को दुनिया की सबसे शर्मनाक बीमारियों में से एक माना जाता है. इस बीमारी के मरीज को इरेक्शन संबंधी दिक्कते आती हैं और कुछ मरीज़ों को तो वियाग्रा जैसी प्रचलित दवा खा लेने के बाद भी इस तरह के दोष रहते हैं. दुनिया के सभी समाज में इस बीमारी को सीधे तौर पर मर्दानगी से जोड़ा जाता है और इससे जूझ रहे लोगों को नपुंसक कहा जाता है.

लेकिन ये एक शारिरिक बीमारी कम और मानसिक बीमारी ज्यादा है. इस बीमारी का सबसे बड़ा ईलाज है इसके बारे में बात करना और उन परिस्थितियों को समझना जिसके चलते स्तंभन में लोगों को परेशानी होती है. स्तंभन दोष को ठीक कैसे किया जाए इस पर ज़रुर बात करेंगे लेकिन फिलहाल इतना कि अधिक शराब, मीठे या धूम्रपान के सेवन से भी स्तंभन दोष होता है.

शुक्राणुओं की कमी

ये एक ऐसी समस्या है जिससे आज अधिकांश पुरुष पीड़ित हैं. बढ़ती इनफर्टिलिटी की समस्या का बड़ा कारण पुरुषों के घटते शुक्राणु भी हैं. शुक्राणु कई कारणों से कम होते हैं जिसमें तनाव, कसरत की कमी, गलत खान पान, अंडकोष में चोट, अंडकोष में वायरल बीमारी जैसे कारण है. कई बाहरी कारण, जैसे मोबाइल फोन, लैपटॉप का अत्याधिक इस्तेमाल, सपोर्टर का अत्याधिक इस्तेमाल भी इसका कारण बनता है, इस बीमारी को बेहद आसानी से ठीक किया जा सकता है लेकिन इसके लिए ज़रुरी है यूरोलॉजिस्ट से बात करना.

हर्पीज़असुरक्षित यौन संबंधो से होने वाली पहली लाइलाज बीमारी अगर एड्स है तो दूसरी है हर्पीज़. HIV के बारे में पूरी दुनिया को जागरुक किया जाता है लेकिन HPV यानि ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के बारे में काफी कम जानकारी जुटाई जाती है. इस बीमारी में पुरुष या महिलाओं के जननांगो के आसपास पानी से भरे दाने दर्दनाक दाने उभरने लगते हैं जो रह रह कर दर्द करते हैं. क्योंकि इस अवस्था का शरीर पर कोई सीधा प्रभाव नहीं होता तो व्यक्ति अपना काम करता रहता है लेकिन समय के साथ ये दाने छालों का रुप ले लेते हैं और फिर इनसे खून भी निकल सकता है.

हर्पीज़ में पूरे शरीर पर पानी वाले छाले हो जाते हैं


इस बीमारी का इलाज नहीं है और संक्रामक रोग होने की वजह से ये बहुत तेज़ी से फैलता है. आप से अनुरोध है कि जननांग के आसपास लाल चकत्ते, पस या किसी तरह का पानी भरा दाना दिखने पर तुरंत किसी त्वचा विशेषज्ञ से मिले. इस बीमारी को खून की जाँच से ही पहचाना जा सकता है इसलिए इसे नज़र अंदाज़ न करें.

वेरिकोसिल

वेरिकोज़ वेन एक नसों से संबंधित बीमारी है जो आमतौर पर लोगों के पैरो में होती है. वेरिकोसिल अंडकोष की नसों का खराब हो जाना होता है और इस परिस्थिति में अंडकोष में होने वाला रक्तसंचार रुक जाता है. इस बीमारी में धीरे धीरे अंडकोष सिकुड़ने लगते हैं और वीर्य में खून आने की समस्या भी हो सकती है. इस बीमारी की पहचान आँखो से देख कर की जा सकती है. अगर आप लंबे समय से कमर के निचले हिस्से या अपने अंडकोष में दर्द से परेशान हैं तो वेरिकोसिल इसकी वजह हो सकता है. हालांकि वेरिकोसिल जानलेवा नहीं लेकिन ये बेहद तकलीफदेह हो सकता है और सिर्फ सर्जरी ही इसका एकमात्र उपाय है.

बलानाइटिस

ऐसे सभी पुरुष जिनके पेनिस पर खाल की मोटी परत (फोरस्किन) मौजूद रहती है वे इस बीमारी का शिकार बनते हैं. आमतौर पर मूत्र विसर्जन के बाद मूत्र की बूँदे फोरस्किन में रह जाती हैं और नमी से बैक्टीरिया पैदा होता है. इससे फोरस्किन में सूजन आ जाती है और ये बेहद दर्दनाक होता है. बलानाइटिस इतना दर्दनाक होता है कि आपको पेशाब करने में भी समस्या आती है और इसका इलाज सिर्फ ठंडी सिकाई और कुछ एंटी फंगल दवा व क्रीम से ही किया जा सकता है. अगर आप कभी भी फोरस्किन में किसी लालपन या दर्द को महसूस करें तो त्वचा विशेषज्ञ को दिखाएं.

क्लामीडिया

इंसानी कोशिका के अंदर मौजूद क्लामीडिया का वायरस


ये एक प्राचीन मिथक है जो रोमन सभ्यता के साथ आया था और अमेरिका में इसे जिप्सियों की बीमारी कहा जाता है. क्लामीडिया एक वायरस है जो असुरक्षित यौन संबंधो से फैलता है और ये महिलाओं के गर्भाशय और पुरुषों की वीर्य नली में इंन्फेक्शन पैदा करते हैं. डॉक्टर इस बीमारी को मानते नहीं हैं लेकिन अमेरिकी पॉप कल्चर में इस का ज़िक्र आता है और इसे बेहद घृणित बीमारी माना जाता है. अगर आपको वीर्य में बदबू, वीर्य में जलन या वीर्य के रंग में कोई बदलाव महसूस हो तो एक बार इस बीमारी की जाँच करवा लेना ही बेहतर है. क्लामीडिया ठीक हो जाने के बाद एक पुराने दाग जैसे आपके साथ रह जाता है.

इन 6 बीमारियों के बारे में हम विस्तार से आगे चर्चा करेंगे लेकिन आपको फिलहाल ये समझना होगा कि इन बीमारियों से आप सिर्फ बात करने से जूझ सकते हैं और इनके बारे में खुल कर बात करना आवश्यक है.

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First published: February 6, 2019, 4:26 PM IST
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