क्या चीन जाने वाले एक नागरिक के चलते हैकर्स ने ले ली थी 239 लोगों की जान?

MH370 के लिए संदेश लिखते लोग (फाइल फोटो)
MH370 के लिए संदेश लिखते लोग (फाइल फोटो)

मलेशियन फ्लाइट MH370 का गायब होना दुनिया में विमान जगत का सबसे बड़ा रहस्य माना जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 29, 2019, 12:26 PM IST
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मार्च, 2014 में MH370 के गायब होने के बाद इसे लेकर अफवाहों का बाजार गर्म हो गया था. फिर से उसको रूट को बनाकर उसे खोजने की बातें सामने आई हैं लेकिन मलेशिया ने अपनी MH370 फ्लाइट को खोजना बंद कर दिया था और मान लिया था कि वह प्लेन अब नहीं मिलेगा. ऐसे में यह एक रहस्य बन गया है कि आखिर एक जहाज गया कहां? जहां वैज्ञानिक प्रगति अब धरती ही नहीं अंतरिक्ष के भी रहस्यों को खोज निकालने की बात कर रही हो तो एक जहाज खोजना नामुमकिन कैसे हो गया?

आपको बताते चलें कि MH370 एक बोइंग 377 प्लेन था. जो इतना बड़ा होता है कि भारत में पाए जाने वाले 20 हाथियों या 2 ब्लू व्हेल मछलियों को उसके अंदर रखा जा सकता है. इतनी बड़ी फ्लाइट या उसके मलबे को न खोज पाना गले न उतरने वाली बात है. वैसे इस विमान पर 239 लोग सवार थे और यह फ्लाइट मलेशिया के कुआलांलपुर से बीजिंग के बीच उड़ान भर रही थी.

इतिहास में किसी खोए विमान की यह सबसे लंबे वक्त तक चली खोज थी. जिसमें लाखों डॉलर खर्च हुए और इस मिशन में ऑस्ट्रेलिया ने भी मदद की. इसके बाद भी फ्लाइट MH370 को ढूंढ़ा नहीं नहीं जा सका.



अंत में जून, 2014 में प्राइवेट सीबेड एक्सप्लोरेशन फर्म ओशियन इनफिनिटी को बिना खोज के कोई फीस न देते हुए मलेशिया सरकार ने वापस बुला लिया. लेकिन तबसे लगातार इस घटना के पीछे कुछ षड्यंत्रों का जिक्र भी आता रहा है. आइये जानते हैं कि क्या हैं वे षड्यंत्रकारी अफवाहें क्या हैं -
प्लेन मार गिराया गया
मार्च के महीने में एक ऑस्ट्रेलियन आदमी ने एक सनसनीखेज दावा किया था. उसका कहना था कि उसे गूगल अर्थ पर MH370 का मलबा मिला है.

पीटर मैकमाहोन नाम के इस शख्स के मुताबिक इस विमान के मलबे में गोलियों के छेद थे. उसका कहना था कि यह उसे एक द्वीप के पास मिला था. जहां पर मॉरीशस का शासन है. उसने डेली मेल के लिए लिखे अपने आर्टिकल में दावा किया था कि इस जगह पर खोजी दस्तों ने विमान को नहीं खोजा है.

अपने दावे को एक कदम आगे बढ़ाते हुए उसने यह भी कहा था कि वह सोचता है कि ऑस्ट्रेलिया इस हिस्से को खोजना ही नहीं चाहता और लोगों से इस बात को छिपा रहा है.

उसने रिपोर्टस को बताया था कि जो भी जानकारियां सामने आई हैं, उन्हें लोगों और सरकारों दोनों से ही छिपाया जा रहा है. लेकिन उसे नहीं पता कि ऐसा क्यों किया जा रहा है?

उसने आगे कहा था कि वे इसे गोलियों के निशान के साथ नहीं ढूंढना चाहते, नहीं तो नए तरह की जाचें शुरू हो जाएंगीं. दरअसल मैकमोहन का दावा था कि प्लेन को निशाना बनाकर उसपर गोलियां दागीं गईं, जिससे वह समुद्र में क्रैश कर गया.

हालांकि मलेशिया के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर लियु तियोंग ने मैकमाहोन के दावों को फर्जी करार दिया था और कहा था कि जिन तस्वीरों को मैकमाहोन फैला रहा था सिविल एविएशन अथॉरिटी मलेशिया ने उनकी जांच भी कर ली है.

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रिमोट साइबर हाइजैकिंग
अपनी किताब बिनीथ अनॉदर स्काई: ए ग्लोबल जर्नी इनटू हिस्ट्री में ख्यातिप्राप्त लेखक और इतिहासकार नॉर्मन डेविस ने कहा था कि एक और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर जैसे हमले से बचने के लिए जिस प्लेन को रिमोटली कंट्रोल करने का सिस्टम शुरु हुआ था, साइबर अपराधी उसका गलत इस्तेमाल भी कर सकते हैं.

उनका कहना था कि MH370 जिसमें बोइंग हनीवेल अनइंट्रेप्टेड ऑटोपाइलट ऑन-बोर्ड कंप्यूटर लगा हुआ है को हैक और फिर रिप्रोग्राम किया जा सकता है और उड़ाकर किसी खूफिया जगह पर ले जाया जा सकता है.

उन्होंने संडे टाइम्स से कहा था कि हो सकता है कि प्लेन चीन की राजधानी बीजिंग में कोई खूफिया जानकारी या महत्वपूर्ण शख्स को लेकर जा रहा हो. जिसके चलते इसकी किडनैपिंग हुई हो.

इतना ही नहीं उन्होंने कहा था कि इसे दो बार हैकिंग के जरिए दूसरी जगहों पर ले जाने का प्रयास किया गया था. पहली बार अमेरिकी हैकरों ने किसी ऐसी जानकारी या व्यक्ति को चीन जाने से रोकने के लिए उसे हिंद महासागर में स्थित एक अमेरिकी नौसेनिक बेस पर ले जाने का प्रयास किया लेकिन किन्हीं दूसरे हैकरों ने उनके मंसूबे नाकामयाब करने के लिए उसे फिर से ऐक कर लिया.

इसके बाद ऐसी कई रिपोर्ट सामने आई थीं, जिनमें प्लेन पर कुछ 'गलत' होने के बात कही गई थी. संडे एक्सप्रेस में मार्च, 2014 में ही छपी एक रिपोर्ट में बताया गया था कि कैसे प्लेन की सारी प्रोग्रामिंग को हैक करके, उसमें एक अलग स्पीड, एल्टीट्यूड और दिशा सेट कर दी गई, जिसके चलते प्लेन अपने आप क्रैश कर गया.

पुतिन इसके बारे में जानते थे
एक स्वतंत्र जांचकर्ता ने दावा किया था कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सब जानते हैं कि मलेशियन विमान कहां पर है?

डेली स्टार से बात करते हुए आंद्रे मिलने नाम के इस शख्स ने कहा था कि फ्लाइट MH370 हिंद महासागर की एक खाई में गिर गई थी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को इसकी जानकारी थी.

उसने यह भी कहा, सैटलाइटों के जरिए रूसी एक्सपर्ट्स ने जहाज के मलबे को देख लिया था और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को इसकी जानकारी भी दे दी गई थी.

पुतिन इस बारे में इसलिए शांत रहे क्योंकि रूसी एक्सपर्ट ने इसे एक सीक्रेट सैटेलाइट के जरिए देखा था और अगर वे इसके बारे में दुनिया को बताते तो उन्हें अपनी सीक्रेट सैटेलाइट के बारे में भी बताना पड़ता. जो कि जासूसी की बात को स्वीकारना होता.

बाद में इस शख्स ने यह भी दावा किया था कि अगर अभी भी बंगाल की खाड़ी में बिना पंखों का जहाज का मलबा मिल जाएगा.

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रहस्यमयी यात्री
क्या प्लेन पर कोई रहस्यमय यात्री मौजूद था जिसने आधे रास्ते में प्लेन का कंट्रोल खुद ले लिया और प्लेन को गहरे समुद्र में डुबा दिया.

यह थ्योरी इसलिए सामने आई क्योंकि जिस दिन प्लेन गायब हुआ, उसी दिन एक केस प्लेन पर मौजूद एक यात्री के परिवार ने दर्ज कराया.

स्वतंत्र जांचकर्ता आंद्रे मिलने कहते हैं कि प्लेन के बारे में आधिकारिक तौर पर कहा गया था कि 239 लोग मिसिंग हैं. जबकि 226 यात्री ही प्लेन पर मौजूद थे (चार यात्रियों ने फ्लाइट मिस कर दी थी). इसके अलावा उसमें 12 क्रू के लोग थे. यानि कुल मिलाकर 238 लोग. फिर 239 लोगों की बात क्यों कही जा रही है?

आंद्रे ने कहा था कि इसी एक अतिरिक्त यात्री ने प्लेन के कॉकपिट पर पूरा कंट्रोल ले लिया और उसे डुबा दिया.

हालांकि इस थियरी के बारे में MH370 की ओर से एक प्रवक्ता ने कहा था कि हमें इस तरह की बातों की जानकारी है और इस जानकारी के साथ जो डॉक्यूमेंट सर्कुलेट किया जा रहा है, वह कुछ देर पहले का है. जबकि आखिरी कुछ मिनटों में हुए कुछ बदलावों के चलते प्लेन पर 227 लोग सवार थे. जिनकी संख्या 12 क्रू मेंबरों को मिलाकर 239 हो जाती है.

इसके अलावा भी कई सारी थियरी हैं जो प्लेन के गायब होने की वजह बताने का दावा करती हैं. इनमें से कुछ हैं -

# एक थियरी के मुताबिक उड़ने से पहले ही प्लेन में क्रैक थे. जो उड़ान के दौरान बढ़ गया और प्लेन क्रैश कर गया.

# एक मलेशियन मिनिस्टर ने भी कहा था कि जिस इलाके से प्लेन गायब हुआ है वह बरमूडा ट्राएंगल से ठीक उल्टे इलाके में पड़ता है. हो सकता है कि रहस्यमयी बरमूडा ट्राएंगल के चलते ही प्लेन गायब हो गया हो.

# एक और दावे के अनुसार पायलट ने खुद ही प्लेन को गायब कर दिया क्योंकि वह दुनिया के सबसे बड़े रहस्य को पैदा करना चाहता था.

# एक और थियरी के हिसाब से उत्तरी कोरिया ने MH370 को हाइजैक कर दिया.

# एक अखबार संडे स्पोर्ट ने इस प्लेन की एक एडिटेड तस्वीर छापी थी और दावा किया था कि यह प्लेन चांद पर मौजूद है. हालांकि यह ख़बर फर्जी थी.

# इलूमिनाटी वाचर के अनुसार प्लेन एक ग्रिड ऑफ एनर्जी से टकरा गया था जहां से बहुत एनर्जी निकलती है और इसी में गायब हो गया.

# फ्रांस एंटर में छपी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि प्लेन को यूएस मिलिट्री ने प्लेन को मार गिराया था.

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