होम /न्यूज /नॉलेज /जिन शरणार्थियों को कोसते थे वही वर्ल्ड कप बने में शान

जिन शरणार्थियों को कोसते थे वही वर्ल्ड कप बने में शान

फीफा वर्ल्ड कप में 10 यूरोपीय टीमें हिस्सा ले रही हैं. इनमें बड़ी संख्या में अप्रवासी खिलाड़ी हैं. जानिए कैसे अपना मुल्क छोड़ दूसरों के लिए खेल रहे अप्रवासी.

फीफा वर्ल्ड कप में 10 यूरोपीय टीमें हिस्सा ले रही हैं. इनमें बड़ी संख्या में अप्रवासी खिलाड़ी हैं. जानिए कैसे अपना मुल्क छोड़ दूसरों के लिए खेल रहे अप्रवासी.

फीफा वर्ल्ड कप में 10 यूरोपीय टीमें हिस्सा ले रही हैं. इनमें बड़ी संख्या में अप्रवासी खिलाड़ी हैं. जानिए कैसे अपना मुल् ...अधिक पढ़ें

    संकटग्रस्त और गृहयुद्ध से जूझते मुल्कों से आने वाले शरणार्थियों को लेकर पूरी दुनिया में विवाद है. अमेरिका शरणार्थियों के खिलाफ अपना कड़ा रुख जाहिर कर चुका है. जबकि जापान, फ्रांस और जर्मनी सरीखे मुल्कों ने ट्रंप सरकार के इस रुख की आलोचना की थी. लेकिन रूस में चल रहे फीफा वर्ल्ड कप में अप्रवासी खिलाड़ियों का जलवा है. फ्रांस से स्विटज़रलैंड, बेल्जियम, इंग्लैंड और जर्मनी जैसी कई टीमों में दूसरे देशों से आए खिलाड़ी अपना जलवा बिखेर रहे हैं. जानिए कौन से अप्रवासी खिलाड़ी बढ़ा रहे दूसरी टीमों का मान और कौन होते हैं अप्रवासी?

    क्यों मुल्क छोड़ते हैं शरणार्थी?
    करियर, जिंदगी और दूसरे क्षेत्रों में बेहतर अवसरों के लिए, अपने मुल्क में अस्थिरता, अशांति, संघर्ष और युद्ध से बचने के लिए अधिकतर लोग दूसरे देशों का रुख करते हैं. शरणार्थियों के देश छोड़ने का मकसद बेहतर ढंग से जिंदगी जीना और जीवन स्तर सुधारना होता है. लेकिन शरणार्थियों को कई बार शरण लेने वाले मुल्क में भेदभाव का सामना करना पड़ता है. फुटबॉल टीमों में खेल रहे अप्रवासी खिलाड़ियों के अपना देश छोड़ने का बड़ा कारण भी यही रहा है.

    News18 Hindi

    लियोनेल मेसी के नाम हैं फुटबॉल के ये खास रिकॉर्ड्स

    यूरोपीय टीमें मतलब अप्रवासियों का गढ़
    रूस में खेले जा रहे फीफा वर्ल्ड कप 2018 में सबसे ज्यादा शरणार्थी यूरोपीय टीमों से खेल रहे हैं. जैसे-जैसे उनके मुल्क में शरणार्थियों की संख्या में इजाफा हुआ है, इसका असर फुटबॉल में भी देखने को मिला है. वर्ल्ड कप में 10 यूरोपीय टीम हिस्सा ले रही हैं.

    इनके 230 खिलाड़ियों में से 83 खिलाड़ी ऐसे हैं, जो शरणार्थी हैं. इन टीमों में फ्रांस, स्विटज़रलैंड, बेल्जियम, इंग्लैंड, जर्मनी, पुर्तगाल, स्पेन, स्वीडन, डेनमार्क और आइसलैंड शामिल हैं. सबसे ज्यादा शरणार्थी खिलाड़ियों वाली टीम की बात करें तो इनमें फ्रांस का नाम पहले नंबर पर है. इस टीम में करीब 78.35% खिलाड़ी दूसरे मुल्कों से आए हुए हैं.

    जबकि यहां रहने वाले शरणार्थियों की तादाद 8.6% है. दुनिया में शरणार्थियों के लिए अपने दरवाजे खोलकर फ्रांस ने एक मानवता की मिसाल पेश की थी. शरणार्थियों के खिलाफ अपना रुख रखने पर फ्रांस ने अमेरिका की ट्रंप सरकार की जमकर आलोचना भी की थी.

    News18 Hindi

    88 साल के फीफा वर्ल्ड कप में 22 बार बदली फुटबॉल

    बेल्जियम में सर्वाधिक अप्रवासी
    फीफा खेल रही यूरोपीय टीमों सबसे ज्यादा अप्रवासी आबादी बेल्जियम में है. ये आंकड़ा 12.1% जबकि बेल्जियम टीम में 47.8% अप्रवासी खिलाड़ी हैं. इसके बाद जर्मनी का नंबर आता है. वहां 11.3% अप्रवासी हैं. जबकि उनकी टीम में 39.1% अप्रवासी खिलाड़ी हैं.

    सर्वाधिक 78.3% अप्रवासी खिलाड़ी फ्रांस, 65.2% स्विटज़रलैंड और 47.8 बेल्जियम की टीम में मौजूद.

    कुछ बड़े शरणार्थी खिलाड़ी
    - डिएगो कोस्टा (स्पेन)
    - पेपे (पुर्तगाल)
    - इवान राकिटिक (क्रोएशिया)
    - हाकिम ज़ियाच (मोरक्को)
    - कालीदोउ कॉलिबाली (सेनेगल)
    - मेधी बेनाटिया (मोरक्को)

    Tags: 2018 FIFA WORLD CUP, Fifa world cup, FIFA World Cup 2018, Germany

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें