वैज्ञानिकों ने बनाया खास Chemist Robot, रिकॉर्ड समय में कर डाले करोड़ों प्रयोग

वैज्ञानिकों ने बनाया खास Chemist Robot, रिकॉर्ड समय में कर डाले करोड़ों प्रयोग
पहली बार ऐसा कैमिस्ट रोबोट बनाया गया है जो शोधकर्ताओं की शोध में मदद करता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

इस रोबोट (Robot) ने वैज्ञानिकों की मदद करते हुए करोड़ो प्रयोग बहुत ही कम समय में कर एक नया उत्प्रेरक (Catalyst) बनाने में योगदान दिया.

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यह पूरी दुनिया में बहस का विषय है कि रोबोट (Robot) इंसान के कितने तरह के काम कर सकता है. इस समय दुनिया में चल रहे वैज्ञानिक शोध रोबोट को और ज्यादा सक्षम व्यापक तरह के काम करने लायक बना रहे हैं. आज कल रोबोट कई ऐसे काम भी करने लगे हैं जिनके बारे में  सोचा जाता है कि वे इंसान के अलावा की और कर ही नहीं कर सकता, लेकिन वैज्ञानिकों ऐसा ही एक और रोबोट बनाना है. यह एक केमिस्ट (Chemist) है.

कहां बना है यह रोबोट
यूके की लिवरपूल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा केमिस्ट रोबोट बनाया है  जो  इंसानी कैमिस्ट की तुलना में हजार गुना ज्यादा तेजी से काम करता है. वैज्ञानिक शोधों और उससे संबंधित  प्रक्रियाओं को गति देने के लिए सालों से काम हो रहा है अब यह रोबोट इस काम में मददगार हो सकता है. यह अध्ययन नेचर जर्नल में प्रकाशित हुआ है.

रोबोट पर क्या होती है आपत्ति
रोबोट के बारे में सबसे बड़ा विवाद यही है कि क्या वह इंसानों की नौकरियां खाते हुए एक दिन इंसान की ही जगह ले लेगा. लेकिन बहुत से लोग रोबोट को सकारात्मक नजरिए से देखते हैं. ऐसे लोगों का मानना है कि रोबोट इंसान के बोझ को हलका करने के लिए बनाए जाते हैं ना कि उनके काम को छीनने के लिए. रोबोट से इंसान को काफी वक्त मिल सकता है जिसे वे दूसरे कामों में लगा सकता है. वह रोजमर्रा के रूटीन कामों को कर इंसान का समय और उसकी ऊर्जा दोनों बचा सकता है. वहीं इस तरह के कामों को रोबोट लगातार कर सकते हैं वह भी बिना रुके.





क्यों खास है यह रोबोट
लीवरपूल यूनिवर्सिटी ने जो रोबोट बनाया है वह इसी काम के लिए हैं. यह लेजर स्कैन और चलने फिरने के लिए टच फीडबैक का उपयोग करता है. इसकी सटीक और संवेदनशील भुजा इंसानों के कई ऐसे काम कर सकती है जिन्हें इंसान के लिए एक खास दक्षता की जरूरत होती है. इस रोबोट को इंसान की कद काठी की तरह बनाया गया है जिससे लैब की व्यवस्था और उपकरणों में बदलाव करने की जरूरत न पड़े. यह रोबोट लागातार 20 घंटे तक बिना थके काम कर सकता है.

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स्वचलित उपकरण नहीं है यह
इस अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता एंड्रयू कूपर ने बताया कि रसायन विज्ञान में कई उपकरण ऐसे हैं जिन्हें लोग रोबोट समझते हैं. यह कोई नई बात नहीं हैं. लेकिन अब तक जो सभी स्वचलित सिस्टम बने हैं वे किसी खास और एक ही काम को करने के लिए बने हैं. लेकिन यह अलग विचार है क्योंकि इसमें शोधकर्ताओं ने ऐसा रोबोट बनाया है जो इंसान की तरह उपकरणों का उपयोग करता है.

Robot
रोबोट के बारे में कहा जाता है कि इंसानों का बोझ हलका करने के लिए बनाए जाते है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


क्या किया है इस रोबोट ने
लैब में इस रोबोट ने इंसानी वैज्ञानिकों को एक नया फोटो कैटालिस्ट खोजने में मदद की है. इस काम को करने में इंसानी  शोधकर्ताओं को महीने लग जाते हैं लेकिन इस रोबोट ने इसकी खोज केवल एक हफ्ते से  कुछ ही ज्यादा समय में कर दी. इसने इस दौरान करीब 9.8 करोड़ अलग-अलग प्रयोग कर लिए. इसकी मदद से वैज्ञानिक एक ऐसा कैटालिस्ट खो सके जो पिछले कैटालिस्ट के मुकाबले छह गुना ज्यादा तेजी से प्रतिक्रिया करता है.

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शोधकर्ता कूपर का मानना है कि ये रोबोट किसी इंसान की नौकरी छीनने के लिए नहीं है, बल्कि यह हो सहयोग करने के लिए हैं और वैज्ञानिकों के लिए एक सहयोगी के तौर पर काम करता है. इस रोबोट के विकास में अब शोधकर्ता आवाज पहचानने की तकनीक जोड़ने की तैयारी में हैं जिससे इंसानी वैज्ञानिकों और उसमें एक संवाद हो सके. शोधकर्ता उम्मीद कर रहे हैं यह अगले डेढ़ साल में हो जाएगा.
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