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मानसून से पहले क्यों आता है प्री मानसून, दोनों में क्या है अंतर

मानसून (Monsoon) और प्री मानसून बारिश में समय के अलावा भी कुछ अंतर होते हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

मानसून (Monsoon) और प्री मानसून बारिश में समय के अलावा भी कुछ अंतर होते हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

भारत (India) में मानसून की बारिश (Monsoon) की पहले प्रीमानसून (Premonsoon) की बारिश आती है. दोनों तरह की बारिश में काफी अंतर होता है. जहां मानसून बारिश बड़ी और विस्तृत प्रक्रियाओं का नतीजा होती है, वहीं प्री मानसून बारिश कुछ अलग तरह की होती है उसके बादल और स्वरूप भी कुछ अलग होते हैं. प्री मानसून बारिश स्थानीय बारिश की तरह होती है.

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    भारत (India) में मानसून (Monsoon) के आने में कुछ ही दिन रह गए हैं. एक जून को मानसून केरल में पहुंचता है और उससे पहले ही उसके आने की संभावना और बारिश के पूर्वानुमान (Rainfall forecast) आदि की चर्चाएं चल निकलती है. भारत में मानसून कहां तक पहुंचा,  आगे कैसे और कहां-कहां कितने दिनों में पहुंचेगा. इस साल बारिश कितनी होगी ऐसे कई सवालों पर लोगों की नजरें होंगी. इनके साथ मानसून और प्री मानसून यानि मानसून से पहले की बारिश की भी बातें होने लगी हैं. आइए जानते हैं कि यह प्री मानसून बारिश क्या है और मानसून की बारिश से यह कितनी अलग है.

    क्या होती है मानसूनी बारिश
    भारत में मानसून का मौसम कई बड़ी और विस्तृत प्रक्रियाओं से मिलकर बना है. मई- जून के महीने में भारतीय प्रायद्वीप गर्मी से तपने लगता है जबकि उसके दक्षिण और आसपास अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में तापमान तुलनात्मक रूप से काफी कम होती है. इस तापांतर की वजह से समुद्र से पानी के बादल भारी मात्रा में उत्तर भारत की ओर जाते हैं और वहां जाते हुए पूरे भारत में बारिश करते हैं जिसे मानसूनी बारिश कहते हैं.

    कब होती हैं मानसून और प्री मानसून बारिश
    भारतीय प्रायद्वीप में प्री मानसून बारिश उत्तरी हिस्सों के पहले आती है और पहले चली भी जाती है. उत्तर भारत में जून का महीना प्री मानसून मौसम कहलता है. केरल और पूर्वोत्तर भारत में मानसून का आगमन एक जून को होता है, लेकिन मानसून जल्दी ही महीने के अंत तक उत्तर भारत तक पहुंच जाता है. लेकिन मानसून और प्री मानसून बारिश की विशेषताओं में कुछ अंतर है.

    प्रीमानसून की विशेषताएं
    प्रीमानसून बारिश की खासियत गर्मी और आर्द्रता के हालात होते हैं. यह असहज स्थिति दिन और रात पूरे समय रहती है. लेकिन तेज हवाएं गर्मी से कुछ सुकून दे जाती हैं. लेकिन मानसून में हवाओं और लंबे समय तक बारिश से तापामान में गिरावट देखने को मिल जाती है. इसके अलावा बादल और उनके बहाव में भी खासा अंतर देखने को मिलता है. प्री मानसून के बादल ऊपर की ओर जाते हैं और प्रायः शाम को ही बरसते हैं.

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    मानसून (Monsoon) के बादल प्री मानसून बादल से काफी कुछ अलग होते हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

    बादलों का विशेष अंतर
    जहां प्रीमानसून के बादल ऊपर की ओर जाते हैं और अधिक तापमान पर बनते हैं. वहीं मानसून के बादल परतों वाले बादल होते हैं एक स्थान से दूसरे  स्थान तकलंबी दूरी तक जाते हैं. इन परतों में नमी की मात्रा ज्यादा होती है. प्री मानसून की बारिश तेज और तीखी होती है जो एक दो दिन में ही खत्म हो जाती है. वहीं  मानसून बारिश की पारी लंबी होती है और यह बारिश बार बार भी होती है.

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    समय का अंतर
    दोनों ही तरह की बारिश एक साथ देखने को नहीं मिलती है. मानसून की बारिश दिन में किसी भी समय आ सकती है. लेकिन प्रीमानसून बारिश दोपहर के बाद या शाम को ही आती है. इसके अलावा दोनों बारिशों में हवा का भी अंतर होता है. प्री मानसून बारिश झोंकेदार हवा के कारण धूल वाली तूफानी बारिश होती है.

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    प्री मानसून बारिश (Pre monsoon) स्थानीय बारिश के जैसा असर देती है (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

    हवा का अंतर
    गर्मी और तापमान में ज्यादा अंतर होने के कारण समुद्र और स्थल समीर का मानसून आने से पहले ज्यादा जोर दिखाई देता है, इससे नमी और बादल छाए रहने की स्थिति बनती है. लेकिन मानसूनी में इस तरह की हवाएं प्रमुख तौर पर नहीं दिखती है. हां कई बार मानसून के कारण पैदा हुए चक्रवात की तेज हवाएं जरूर देखने को मिलती है.

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    प्री मानसून बारिश जैसे का कहा जाता केवल एक सीमीत क्षेत्र में ही स्थानीय बारिश की तरह होती हैं. लेकिन मानसून की बारिश बहुत बड़े इलाके को घेरती हैं और इस दौरान पूरे इलाके में ही एक सा मौसम होता है. कृषि प्रधान देश होने के कारण भारत के लोग मानसून कीबारिश का ज्यादा इंतजार करते हैं क्योंकि अलगे साल की पूरी अर्थव्यवस्था मानसून की बारिश के कोटा पूरा होने या ना होने पर निर्भर करती है.

    Tags: Climate, India, Monsoon, Research, Weather

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