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अमेरिका में कोरोना वायरस से भी खतरनाक 'महामारी', 8 हजार से ज्यादा लोगों की गई जान

News18Hindi
Updated: January 31, 2020, 5:22 PM IST
अमेरिका में कोरोना वायरस से भी खतरनाक 'महामारी', 8 हजार से ज्यादा लोगों की गई जान
अमेरिका में फैली कोरोना वायरस से भी खतरनाक बीमारी

कोराना वायरस (Coronavirus) के कोहराम के बीच अमेरिका (America) से एक हैरान करने वाली रिपोर्ट सामने आई है. अमेरिका में एक वायरस ने कोरोना वायरस से भी ज्यादा कोहराम मचा रखा है. इसकी वजह से 8 हजार से ज्यादा लोगों की जान गई है..

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  • Last Updated: January 31, 2020, 5:22 PM IST
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पूरी दुनिया कोरोना वायरस (Coronavirus) के खौफ में जी रही है. चीन (China) से फैली इस बीमारी ने दुनिया के कई देशों को अपनी चपेट में ले लिया है. भारत के केरल में भी इसके वायरस से संक्रमित एक मरीज मिला है. चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों का आंकड़ा 200 को पार कर गया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना वायरस के बढ़ते असर को देखते हुए ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दी है.

कोराना वायरस के कोहराम के बीच अमेरिका (America) से एक हैरान करने वाली रिपोर्ट सामने आई है. अमेरिका में एक वायरस ने कोरोना वायरस से भी ज्यादा कोहराम मचा रखा है. अमेरिका में कुल 15 मिलियन यानी डेढ़ करोड़ लोग इससे पीड़ित पाए गए हैं. इस वायरस की वजह से अमेरिका में 8200 लोगों की जान जा चुकी है. पिछले एक दशक के दौरान इस वायरस का अमेरिका पर सबसे भीषण अटैक हुआ है.

कैसा है अमेरिका में हड़कंप मचाने वाला वायरस
अमेरिका में फैला वायरस कोई नए तरह का वायरस नहीं है. ये इंफ्लुएंजा का वायरस है. अमेरिका में इंफ्लुएंजा महामारी का रूप ले चुका है. सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में 2019-20 का सीजन इंफ्लुएंजा के लिहाज से पिछले एक दशक में सबसे खराब रहा है. सिर्फ इंफ्लुएंजा की वजह से अमेरिका में एक सीजन में 8200 लोगों की मौत हुई है.



अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शन डिजीज की रिपोर्ट के मुताबिक फ्लू सीजन में एक लाख 40 हजार मरीज अस्पतालों में भर्ती हुए. इन सबको फ्लू की समस्या थी. बताया जा रहा है कि इससे पीड़ित मरीजों की संख्या और बढ़ सकती है.

more deadly virus than coronavirus is spreading in america killed more than 8 thousand people
अमेरिका में फ्लू की वजह से हर साल 12 हजार मौतें होती हैं.


अमेरिका में हर साल फ्लू से 12 हजार मौतें
अमेरिका में फ्लू-इंफ्लुएंजा का फैलना आम बात माना जाता है. अमेरिकी डॉक्टर बताते हैं कि इसी की वजह से समस्या बढ़ी है. अमेरिकी लोग इस बीमारी के प्रति लापरवाह हो जाते हैं, जिसकी वजह से कई बार ये जानलेवा साबित होता है. डॉक्टर बताते हैं अमेरिका में ठंड के दिनों में आमतौर लोग ये मान लेते हैं कि वो भयानक सर्दी के शिकार हैं. वो इंफ्लुएंजा की भयावहता को समझ नहीं पाते और उसका शिकार हो जाते हैं.

अमेरिका जैसे विकसित देश में फ्लू से मरने वालों का आंकड़ा हैरान करने वाला है. सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में हर साल 12 हजार मौतें फ्लू की वजह से होती हैं. 2017-18 के फ्लू के सीजन में 61 हजार लोगों की मौत इस बीमारी से हो गई. उस दौरान करीब साढ़े चार करोड़ अमेरिकी फ्लू से पीड़ित पाए गए थे.

अमेरिका अभी भी फ्लू की चपेट में
अमेरिका में अब भी फ्लू का वायरस फैल रहा है. 2019-20 में अमेरिका के डेढ़ करोड़ लोग फ्लू से पीड़ित पाए गए, इनमें से 8200 लोगों की मौत हो गई. इसमें 54 बच्चे भी शामिल थे. अमेरिका में फ्लू का वायरस पिछले 11 हफ्ते से लगातार फैल रहा है. अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि ये अगले कई हफ्तों तक जारी रहेगा.

अमेरिकी डॉक्टरों का कहना है कि जिस तरह से नई-नई बीमारियां फैल रही हैं. उसमें लोग फ्लू को आम बीमारी समझ लेते हैं. इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता है. संक्रमण पर वक्त रहते काबू नहीं पाया जाए तो ये घातक हो जाता है.

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अमेरिका में फ्लू के प्रति आमतौर पर लोग लापरवाह बने रहते हैं


डॉक्टर बताते हैं कि फ्लू का दूसरी बार संक्रमण होने पर ये ज्यादा घातक हो जाता है. ऐसी स्थिति में न्यूमोनिया, हार्ट में जलन और ऑर्गन फेलियर भी हो सकता है. ये कई मामलों में जानलेवा साबित होता है.

इंफ्लुएंजा क्यों अमेरिका के लिए बना इतना बड़ा खतरा
अमेरिकी डॉक्टरों के मुताबिक इंफ्लुएंजा के वायरस हर साल बदल जाते हैं. कई बार ये पिछले वर्षों की तुलना में ज्यादा तेजी से फैलते हैं, ज्यादा तेजी से लोगों को संक्रमित कर जाते हैं. कई बार वायरस में बदलाव इतना कम होता है कि वो पकड़ में ही नहीं आ पाता. बॉडी का इम्यून सिस्टम भी इसकी पहचान नहीं कर पाता और ये वायरस से पीड़ित को बीमार कर देता है. 2009 में H1N1 वायरस इसलिए महामारी की तरह फैली थी क्योंकि इसके वायरस से लोगों का इम्यून सिस्टम लड़ नहीं पाया.

अमेरिकी में फ्लू-इंफ्लुएंजा इसलिए भी बड़ी समस्या बन गया है क्योंकि लोग इसका वैक्सिन लेने के प्रति लापरवाह हैं. लोगों को लगता है कि वैक्सिन लेने के बावजूद फ्लू से बचाव नहीं हो पाता. जबकि रिपोर्ट बताती है कि वैक्सिन लेने से बीमार पड़ने का रिस्क 60 फीसदी तक कम हो जाता है.

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First published: January 31, 2020, 4:30 PM IST
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स्रोत: स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार
अपडेटेड: April 09 (05:00 PM)
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स्रोत: जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी, U.S. (www.jhu.edu)
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