क्या सेना में विद्रोह से बचने को चीन नहीं बता रहा गलवान में मरे अपने सैनिकों की संख्या

क्या सेना में विद्रोह से बचने को चीन नहीं बता रहा गलवान में मरे अपने सैनिकों की संख्या
क्या चीन को डर है कि अगर उसने गलवान घाटी में मरे चीनी सैनिकों की संख्या बता दी तो सेना में विद्रोह की स्थिति पैदा हो जाएगी

चीन के एक पूर्व सैन्य अधिकारी ने वाशिंगटन पोस्ट में एक लेख लिखकर दावा किया कि गलवान में 100 से ज्यादा चीनी सैनिक मारे गए. अब चीन जानबूझकर ये संख्या नहीं बता रहा है, क्योंकि उसको डर है कि इससे चीनी सैनिकों में विद्रोह हो जाएगा. साथ ही रिटायर्ड चीनी सैनिकों का विरोध प्रदर्शन और तेज हो जाएगा

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ट्विटर पर 06 जुलाई को घंटों #100Chinese जोरशोर से ट्रेंड करता रहा. इसका मतलब था भारत ने गलवान घाटी में हुए खूनी संघर्ष में 100 चीनी सैनिकों को मारा है. इसके साथ साथ यही बात #GalwanValley के नाम से भी ट्रेंड हो रही थी. ये दोनों ट्रेंड दावा कर रहे थे कि गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई खूनी भिड़ंत में चीन के 100 से ज्यादा सैनिक मारे गए हैं. हालांकि चीन ने अब तक इस भिड़ंत में मरे चीनी सैनिकों की संख्या को आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किया है.

आइए देखते हैं कि ये ट्रेंड कैसे शुरू हुआ. दरअसल इसकी शुरुआत वाशिंगटन पोस्ट में एक लेख छपने के बाद हुई. ये लेख जियानली यांग नाम के शख्स ने लिखा था.

यूरेशिया टाइम्स के अनुसार, जियानली यांग चीनी सेना के पूर्व अधिकारी हैं और चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी के नेता के बेटे. उन्होंने सनसनीखेज दावा किया कि गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों के साथ हुए संघर्ष में 100 से ज्यादा चीनी सैनिक मारे गए.



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गौरतलब है कि ये खूनी भिड़ंत दोनों देशों के सैनिकों में गलवान घाटी में 15 जून की रात हुई थी. भारत सरकार ने अगले दिन ही ये जानकारी देते हुए बताया कि इस भिड़ंत में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए हैं लेकिन चाइनीज सरकार ने अपने मरने वाले सैनिकों की संख्या बार बार मीडिया द्वारा पूछे जाने के बाद भी नहीं बताई है.



चीन सरकार को सैनिकों में विद्रोह होने का डर
वाशिंगटन पोस्ट में यांग ने लिखा है, "चीनी सरकार जानबूझकर इस संख्या को चीनी लोगों से छिपा रही है, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को डर है कि अगर ये जानकारी सेना में काम कर रहे सैनिकों और इसी तरह रिटायर्ड सैनिकों के सामने आई तो वो विद्रोह कर सकते हैं. इसके अलावा चीन की सेना में विद्रोह हो सकता है. हो सकता है कि इसे लेकर कम्युनिस्ट पार्टी के अंदर ही विद्रोह हो जाए."

यूरेशिया टाइम्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट में इस ट्विटर ट्रेंड और जियानली यांग के आरोप का जिक्र किया गया है. यांग ने चीन की सरकार पर आरोप लगाया चीन की सरकार चाहती ही नहीं कि वो गलवान घाटी के बारे में जानकारी अपनी जनता को दे. दरअसल यांग ने ये आरोप वाशिंगटन पोस्ट में लिखे गए एक आर्टिकल में लगाए हैं. उसके बाद से ही ये चर्चा का विषय बना हुआ है.

चीन में पिछले कुछ समय से करोड़ों रिटायर्ड चीनी सैनिक अपनी खऱाब स्थिति को लेकर जबरदस्त प्रदर्शन कर रहे हैं (Photo-pixabay)


क्यों चीन टालता है ये सवाल 
यांग ने इस आर्टिकल में पिछले कुछ दिनों की याद दिलाई है. उन्होंने कहा कि आखिर क्यों चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियांग ने इस सवाल को टाल दिया. उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि ऐसा चीन जानबूझकर कर रहा है लेकिन वहीं दूसरी ओर भारतीय सरकार ने अपने शहीदों का सम्मान किया.

चीन में रिटायर्ड सैनिकों की हालत बहुत खराब 
यांग ने चीनी सैनिकों के दर्द के बारे में कहा, 'बेहतर हो कि हम चीन में रिटायर्ड चीनी सैनिकों की खराब स्थिति के बारे में सोचें ही नहीं आखिर जब चीन अपने मौजूदा सैनिकों और शहीदों की ही परवाह नहीं कर रहा है तो क्या कहा जाए.' चीन के पूर्व सैनिक कई बार सरकार के सामने अपनी पेंशन, चिकित्सा सुविधाओं और रोजगार को लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं और ऐसा कई सालों से हो रहा है. ये साफ है कि चीन सरकार को उनकी दिक्कतों से कोई सरोकार ही नहीं है.

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हर शहर में प्रदर्शन कर रहे रिटायर्ड चीनी सैनिक
इस लेख में जिनियांग ने लिखा, 'चीन की पब्लिक लिबरेशन आर्मी के करीब 5.75 करोड़ सैनिक रिटायर हैं. हर साल वो अपनी पेंशन और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हैं. शी जिनपिंग की सरकार इन लोगों के खिलाफ ही कार्रवाई करती है.' जिनियांग ने ये भी लिखा, 'जिनपिंग के खिलाफ पूर्व सैनिक अब चीन के हर शहर में प्रदर्शन कर रहे हैं.'

Zhao Lijian, Foreign Ministry, China
जब चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से पूछा गया कि क्या गलवान घाटी में हुए संघर्ष में 40 से ज्यादा चीनी सैनिकों की मौत हुई तो उन्होंने इसे फेक न्यूज बताया


जिनियांग यांग का ये लेख दुनियाभर में वायरल हो रहा है. भारत में भी ट्विटर पर ये 07 जुलाई को काफी देर तक ट्रेंड करता रहा. इस लेख के अलावा तमाम स्रोतों ने गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों से टक्कर के बाद मरने वाले चीनी सैनिकों की अलग- अलग संख्या छापी है.

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चीन के विदेश मंत्रालय ने ये कहा, नहीं मरे 40 सैनिक
ये संख्या अलग अलग स्रोतों में 30 से लेकर 50 तक बताई गई है. बीबीसी ने अपुष्ट स्रोतों से दावा किया कि इस भिड़ंत में 40 चीनी सैनिक मारे गए. लेकिन चीन की सरकार ने इस पर चुप्पी साधी हुई है. ये जरूर है कि जब चीन के विदेश प्रवक्ता से बार-बार इस पर सवाल होने लगे तो उन्होंने 40 सैनिकों के मरने की संख्या पर कहा, 'कुछ लोग चीनी सैनिकों के मरने की संख्या को मनगढ़ंत तरीके से बढ़ाचढ़ाकर बता रहे हैं. कुछ ने ये संख्या 40 बताई है. मैं आपसे कह सकता हूं कि ये फेक न्यूज है.' हालांकि चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ ने इसके बाद भी ये नंबर नहीं बताए.
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