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पीने के पानी पर कसने वाली है लगाम, बर्बाद किया तो भरने पड़ेंगे पैसे

पीने के पानी पर कसने वाली है लगाम, बर्बाद किया तो भरने पड़ेंगे पैसे

इस कदम का मकसद बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाना है,

इस कदम का मकसद बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाना है,

आधा गिलास पानी पीकर बचा पानी फेंक देने वालों के लिए ये खबर खतरे की घंटी है. दुनिया के सबसे महंगे बैंक ने फैसला किया है कि यहां रोज हर कर्मचारी को तय मात्रा में पानी मिलेगा. ज्यादा पानी पीने पर उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी.

    कॉस्ट कटिंग के अपने अजब-गजब तरीकों के लिए मशहूर PT Bank Central Asia (बीसीए) में हाल ही में नया फरमान आया है. कुछ हफ्तों पहले ही कार्यभार संभाले बैंक के वाइस प्रेसिडेंट अर्मांड वाह्यूदी हारतोनो (Armand Wahyudi Hartono) ने फैसला लिया कि कर्मचारियों को तय मात्रा में ही पानी मिलेगा.

    अर्मांड के अनुसार उन्होंने अक्सर ये देखा कि बैंक में काम करने वाले कैसे पानी बर्बाद करते हैं. मिसाल के तौर पर वे पानी लेते हुए हमेशा एक पूरा गिलास लेते है लेकिन ज्यादातर वक्त कुछ घूंट पीकर फेंक देते हैं. इसी वजह से पानी के इस्तेमाल पर नियंत्रण लगाने की कोशिश की जा रही है.

    इंडोनेशिया के सबसे बड़े गैर सरकारी बैंक ने ये फैसला कॉस्ट कटिंग के तहत लिया है. ये बैंक कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की बजाए बचत सीमित करने के लिए अलग तरीके अपनाता है, जो सारी दुनिया के लिए मिसाल है. इससे पहले भी 2008 में मंदी के दौरान कॉस्ट कटिंग के लिए नौकरियां लेने की बजाए बचत के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए गए.

    मीटिंग रूम का इस्तेमाल भी पैसे देकर करना होता है


    जैसे यहां स्टाफ के लिए इंटरनेट के इस्तेमाल पर कोटा तय है. यानी स्टाफ नेट का उपयोग तो कर सकता है लेकिन सीमित तरीके से. ऐसे में दफ्र में सोशल साइट पर बर्बाद होने पर वक्त भी बचता है. इसके अलावा यहां मीटिंग रूम का इस्तेमाल भी पैसे देकर करना होता है. स्टाफ में ही अलग-अलग डिपार्टमेंट के लोग अगर कोई मीटिंग लेना चाहें तो इसके लिए उन्हें बैंक को पैसे देने होते हैं.

    ब्लूमबर्ग (Bloomberg) की मानें तो ये बैंक न केवल इंडोनेशिया, बल्कि पूरी दुनिया का सबसे महंगा बैंक है. इसकी मार्केट कीमत 5,000 करोड़ ($50 billion) से भी ज्यादा है. इतना महंगा होने के बावजूद इनवेस्टर्स इसमें निवेश के लिए हमेशा तैयार रहते हैं. इसकी वजह ये है कि इस बैंक के शेयर बुरी से बुरी हालत में भी नहीं गिरते हैं. बल्कि हमेशा इसमें उछाल ही देखा गया है. साल 2008 ही इसमें अपवाद रहा, जब बैंक के शेयर गिरे थे. बैंक की इसी खूबी की वजह से निवेशक इसे defensive holding की तरह लेते हैं और पैसे निवेश करते हैं.

    इंडोनेशियाई लोग पैसे कमाना और उसे बचाना भी जानते हैं


    वैसे इंडोनेशिया देश दक्षिण-पूर्वी एशिया की कुछ सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है. 26 करोड़ की आबादी वाले इस देश में तेजी से मिडिल क्लास बढ़ा है. ये क्लास भी बैंक को मजबूती दे रहा है. माना जा रहा है कि इंडोनेशियाई लोग पैसे कमाना और उसे बचाना भी जानते हैं. यही क्वालिटी बैंक में भी है. ब्लूमबर्ग के अनुसार केवल इसी साल में बैंक के शेयर्स में 19% की बढ़ोत्तरी हुई. साल 2020 में इसके और मजबूत होने के कयास लग रहे हैं.

    वहीं कई एसोसिएट बैंकों के मर्जर के बाद भी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया दुनिया के बड़े बैंकों में शामिल नहीं है. पड़ोसी देश चीन का इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना (Industrial & Commercial Bank of China) सबसे बड़ा बैंक है, जिसकी लागत $4.03 trillion है. पहले 4 नंबर तक चीन के ही बैंकों का कब्जा है. इसके बाद जापान, अमेरिका, अफ्रीका और दूसरे यूरोपीय बैंकों का नंबर है.

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    Tags: Bank, Bank interest rate, Bank rates, SBI Bank

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