भूलकर भी न जाएं यहां, टॉयलेट फ्लश करने पर भी लगता है टैक्स

भूलकर भी न जाएं यहां, टॉयलेट फ्लश करने पर भी लगता है टैक्स
दुनियाभर की सरकारें अपने नागरिकों पर कई तरह के टैक्स लगाती हैं (Photo-pixabay)

अमेरिका के मेरीलैंड में टॉयलेट फ्लश करने पर भी टैक्स (tax on toilet flushing in Maryland) लगता है. अगर कोई तय की गई लिमिट से ज्यादा बार फ्लश करे तो उसे 375 रुपए महीने के देने होते हैं.

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दुनियाभर की सरकारें अपने नागरिकों पर कई तरह के टैक्स लगाती हैं. इसका मकसद होता है कि वे उन्हें शिक्षा, सेहत, सड़क-पानी जैसी जरूरी सुविधाएं बेहतर ढंग से दे सकें. किसानों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को दी जाने वाली सब्सिडी भी हमारे इसी टैक्स से दी जाती है. इसके लिए सरकारें हमारी आमदनी का कुछ हिस्सा लेती हैं. वैसे दुनिया के कई देशों या प्रांतों में बड़े मजेदार किस्म के टैक्स होते हैं. इनमें टॉयलेट फ्लश पर टैक्स से लेकर इस बात का टैक्स भी शामिल है कि आपके घर में कितनी खिड़कियां हैं. जानिए, दुनिया के कुछ ऐसे ही दिलचस्प टैक्स के बारे में.

बैचलर टैक्स
वैसे तो शादीशुदा होना या न होना आपकी मर्जी है लेकिन अमेरिका के मिसौरी स्टेट में ये थोड़ा अलग है. यहां बैचलर टैक्स होता है, जो हर अविवाहित पुरुष को देना होता है. साल 1820 में शुरू हुए ये टैक्स हालांकि बहुत कम है. 21 से 50 साल के हर अविवाहित पुरुष को सालाना ये टैक्स देना होता है. देखादेखी कई देशों जैसे जर्मनी और इटली में भी बैचलर टैक्स लागू कर दिया गया था, बाद में ये हटा लिया गया.

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बर्फ की खरीदी पर टैक्स


ऐसे ही एक टैक्स बर्फ की खरीदी पर लगाया जाता है. एरिजोना में लगाया जाने वाला ये टैक्स आइस ब्लॉक टैक्स कहलाता है. अगर आप बहुत सारी बर्फ थोक के भाव लेते हैं तो आपको उसपर टैक्स देना होगा. लेकिन मजे की बात ये है कि आइस क्यूब लेने पर ये टैक्स लागू नहीं होता है.

एरिजोना में लगाया जाने वाला ये टैक्स आइस ब्लॉक टैक्स कहलाता है (Photo-pixabay)


कद्दू पर भी टैक्स है
जी हां, अमेरिका के न्यू जर्सी में कद्दू पर भी टैक्स है. लेकिन अगर कद्दू सब्जियों की दुकान से खरीदा जाए तो उसपर कोई टैक्स नहीं. वहीं अगर कद्दू पर किसी तरह की सजावट है, या कोई शेप बनाया गया हो तो उसपर टैक्स लगता है. बता दें कि कद्दू वहां पर हैलोविन त्योहार के दौरान खूब इस्तेमाल होता है, जब लोग डरावने चेहरे बनाकर एक-दूसरे को डराते हैं.

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विंडो टैक्स 
एक काफी दिलचस्प टैक्स है विंडो टैक्स यानी खिड़कियों के लिए दिया जाने वाला टैक्स. अठारहवीं सदी के मध्य में इंग्लैंड, फ्रांस, आयरलैंड और स्कॉटलैंड में विंडो टैक्स की शुरुआत हुई. ये एक तरह का प्रॉपर्टी टैक्स है जो इस आधार पर दिया जाता है कि आपके घर में कितनी ज्यादा खिड़कियां हैं. ये एक तरह से अमीरों पर लगा टैक्स था जो महलनुमा घरों में रहते थे. बाद में काफी विरोध के बाद इस टैक्स को हटाना पड़ा.

अरकंसास में टैटू टैक्स लगता है
साल 2002 से शुरू किए गए इस टैक्स में क्लाइंट को 6 प्रतिशत सेल्स टैक्स देना होता है. इसी तरह से एक और अजीबोगरीब टैक्स है, जिसे हैट टैक्स के नाम से जाना जाता है. ये टैक्स ब्रिटिश सरकार ने साल 1784 से 1811 के बीच अपनी जनता के लिए लगाया था. हालांकि ये टैक्स केवल हैट लगाने वाले पुरुषों को देना होता था, महिलाओं को नहीं.

एक काफी दिलचस्प टैक्स है विंडो टैक्स यानी खिड़कियों के लिए दिया जाने वाला टैक्स (Photo-pixabay)


कायरता पर लगा टैक्स
अजीबोगरीब टैक्स की परंपरा में एक बेहद ही अजीब टैक्स है कायरता पर लगा टैक्स. इसे कवर्डाइस टैक्स कहते थे. दसवीं सदी में लगाया जाने वाला ये टैक्स उनपर लगाया जाता था, जो किसी भी वजह से सेना में शामिल नहीं होना चाहते थे. ऐसे लोगों को कर देना होता था ताकि उनके बदले दूसरे लोग युद्ध कर सकें और वे शांति से रहें. पहले ये टैक्स काफी कम था लेकिन बाद में बढ़ता चला गया. यही वजह है कि गरीब हालातों वाले युवकों को सेना में जाना ही पड़ता था.

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इसी तरह से एक पेट टैक्स भी है, जो पालतू जानवर रखने पर देना होता है. ये टैक्स पंजाब सरकार ने साल 2017 के आखिर में लगाया. इस टैक्स की दो श्रेणियां हैं. कुत्ते, बिल्ली, भेड़, सुअर रखने वालों को साल के 250 रुपए देने होते हैं. वहीं बड़े जानवर जैसे गाय, बैल, ऊंट, घोड़ा, भैंस या हाथी पालने वालों को सरकार को सालाना 500 रुपए टैक्स में देने होते हैं.
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