खगोलविदों ने पहली बार ली सुदूर सौरमंडल की सीधी तस्वीर, जानिए कितना खास है ये

खगोलविदों ने पहली बार ली सुदूर सौरमंडल की सीधी तस्वीर, जानिए कितना खास है ये
यह सौरमंडल हमारे सौरमंडल की ही तरह है जिसकी सीधी तस्वीर ली गई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पहली बार हमारे खगोलविदों ने एक सौरमंडल (Solar System) और उसके दो ग्रहों (Exoplanet) की सीधी तस्वीर ली है.

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वैसे तो वैज्ञानिक पिछले कुछ सालों से बाह्यग्रह (Exoplanet) और उनके तारों (Star) की खोज करते ही रहे हैं लेकिन यह पहली बार है कि उन्होंने इस दूसरे सौरमडंल (Solar system) की सीधी तस्वीर (Direct image) कैद की है. खास बात यह है कि यह सौरमंडल हमारे सौरमंडल की तरह है. इस सौरमंडल में दो बाह्य ग्रह हमारे सूर्य के जैसे तारे का चक्कर लगा रहे हैं. यह सौरमंडल हमसे 300 प्रकाशवर्ष (Light Years) दूर स्थित है.

कहां से ली गई तस्वीर
इस तस्वीर को यूरोपीय साउदर्न ऑबजरेवेटरी के चिली के आटाकामा मरुस्थल स्थित वेरी लार्ज टेलीस्कोप ने कैद किया है. एस्ट्रोफिजिक्स जर्नल लैटर्स में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार इस सिस्टम से खगोलविदों को हमारे खुद के सौरमंडल के निर्माण और विकास के बारे में जानकारी मिल सकेगी. TYC 8998-760-1 नाम का यह तारा मुस्का (Musca) के दक्षिणी तारामंडल में स्थिति है. यह केवल 1.7 करोड़ साल पुराना है जिसे शोधकर्ता हमारे सूर्य के मुकाबले बहुत युवा मान रहे हैं. हमारा सूर्य करीब 4.6 अरब साल पुराना है.

बाह्यग्रहों की ऐसी तस्वीर पहली बार
इस तरह किसी सौरमंडल की इतनी दूर की तस्वीरें लेना बहुत ही कम हो पाता है और इससे पहले ऐसा कभी नहीं हो सका है. अब तक खगोलविद इससे पहले कभी एक ज्यादा बाह्यग्रहों के एक सूर्य जैसे तारे का चक्कर लगाते हुए सीधे नहीं देख सके थे.



हमारे सौरमंडल से कितने अलग
ये गैसीय ग्रह हमारे सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी के 160 और 320 गुना दूरी पर अपने तारे का चक्कर लगा रहे हैं. इसका मतलब यह हुआ कि ये ग्रह हमारे सूर्य से गुरू ग्रह या शनिग्रह की दूरी से भी ज्यादा दूर हैं. ये दोनों बाह्यग्रह हमारे सौरमंडल के ग्रहों से बहुत ज्यादा भारी हैं. अंदर का ग्रह जहां गुरू से 14 गुना भारी है तो वहीं बाहर का ग्रह उसे छह गुना ज्यादा भारी है.



गैसीय ग्रह हैं ये दोनों
इन ग्रहों के अवलोकनों से खगोलविदों को हमारे सौरमंडल और उसके ग्रह के निर्माण के बारे में जानकारी मिल सकेगी. इन दोनों ग्रहों को TYC 8998-760-1b और TYC 8998-760-1c नाम दिए गए हैं. अनुमान लगाया गया है कि ये दोनों विशाल गैसीय ग्रह हैं. माना जा रहा है कि ये हीलियम और हाइड्रोजन गैसों के मिल कर बने हैं.

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हाल ही में बने हैं ये दोनों
तस्वीरों  दर्शाती हैं कि दोनों ग्रह जो प्रकाश के चमकदार बिंदु की तरह दिखाई दे रहे है, ब्रह्माण्डीय समय के पैमाने के लिहाज से ये ग्रह हाल ही में बने हैं इसलिए ये पृथ्वी पर से भी चमकते हुए दिखाई दे रहे हैं.

Planet
यह हमारे सौरमंडल के शुरुआती हालातों को दर्शाता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


हमारे सौरमंडल की तरह
इससे पहले भी इस तरह के सौरमंडल देखे गए थे, लेकिन उनके तारे हमारे सूर्य से बहुत अलग हैं. नीदरलैंड की लेडिन यूनिवर्सिटी के पीएचडी छात्र और इस अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता एलेक्जेंडर बॉन ने कहा, “यह खोज बताती है कि इस सौरमंडल का वातावरण हमारे सौरमंडल जैसा है, लेकिन यह अपने विकास के बहुत शुरुआती स्तर पर है.

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इस अध्ययन के सह लेखक और लेडिन यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर मैथ्यू केनवर्थी का करना  कि इस तरह के सीधे अवलोकन जीवन की संभावना के अनुकूल ग्रहों की खोज के लिए बहुत हम हैं. खगलोविदों ने अप्रत्यक्ष तौर पर बहुत से ग्रह खोजे हैं इनमें से बहुत कम ही सीधे तौर पर अवलोकित किए जा सके हैं. नासा का भी यही मानना है कि बहुत कम इस तरह से बाह्यग्रहों की सीधी तस्वीर ली जा सकती है.
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