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एक म्यूज़ियम जो असफलता की कद्र करता है!

अगर आप भी उनमें से हैं जिनकी जिंदगी में सफलता से ज्यादा असफलता का योगदान रहा है. तो चिंता की कोई बात नहीं. यह समझ लीजिए कि आप अकेले नहीं हैं.

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    असफलताओं की भी अपने अहमियत होती है – यह बात तो हम सब जानते हैं लेकिन यह कितने लोग जानते हैं कि असफलताओं का एक संग्रहालय यानि म्यूज़ियम भी हो सकता है. वैसे भी सफल लोग और सफल आयडिया की तो सब बात करते हैं लेकिन असफलताओं की बात कौन करेगा. इसलिए यह बीड़ा उठाया स्वीडन के डॉ सैमुएल वेस्ट ने जिन्होंने ‘म्यूज़ियम ऑफ फेल्योर’ तैयार किया. यहां 100 से भी ज्यादा ऐसे सामान रखे गए हैं जो बुरी तरह फ्लॉप रहे.

    वैसे अपने नाम से उलट म्यूज़ियम ऑफ फेल्योर का एक अलग सिद्धांत है. इस संग्रहालय में असफल सामान और सेवाओं के ऐसे नमूने मिलेंगे जो हमें बताते हैं कि किसी सुपरहिट चीज़ को बनने से पहले कितनी नाकामी के दौर देखने पड़ते हैं. और यह भी कि सफलता एक बार में नहीं मिलती, उसके लिए हमें बार बार और कई बार प्रयास करना होता है. इसके साथ ही इस संग्रहालय का हर सामान यह बताता है कि कुछ नया सोचना और करना कितना चुनौतीपूर्ण है. निशाना लग जाए तो हिट वरना फेल. लेकिन इसके बावजूद नयेपन को लेकर हमारी चाहत छूटती नहीं है. तो यहां आपको क्या क्या देखने को मिलेगा -

    coalgate
    कोलगेट बीफ लसानिया लेकर आया तो उसी के प्रशंसकों ने उसे नकार दिया


    कोलगेट का खाने पीने के क्षेत्र में एक नाकाम दख़ल, 1980 में बीफ लसानिया के साथ शुरू हुआ जिसका जल्द ही अंत हो गया. शायद लोगों ने सोचा होगा कि टूथपेस्ट बनाने वाली कंपनी अगर कुछ खाने के लिए बनाए तो शायद उसमें भी आपको पेस्ट का ही स्वाद आए.

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    harley davidson
    हार्ले डेविडसन को परफ्यूम को पसंद नहीं किया गया (तस्वीर - museumoffailure)


    बाइक की लोकप्रिय कंपनी हार्ले डेविडसन का हॉट रोड परफ्यूम भी यहां आपको मिलेगा. हार्ले के दीवानों ने परफ्यूम के मामले में किसी और को चुनना बेहतर समझा.

    spray condom, museum of failure
    स्प्रे कॉन्डम का मर्द अपने लिंग पर छिड़काव कर सकते थे


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    nokia n gage
    नोकिया की यह कोशिश नाकाम रही
    (तस्वीर - museumoffailure)


    इसके अलावा नोकिया का एन-गेज - जो कि 2003 में आया था. यह एक स्मार्टफोन के साथ साथ हाथ से पकड़ने वाला गेमिंग सिस्टम भी था. दिखने में तो साधारण था लेकिन एक तो इसमें गेम बहुत कम थे, ऊपर से गेम बदलने के लिए इसे बार बार खोलना पड़ता था. और फोन की तरह इस्तेमाल करने के लिए इसे टेढ़ा करके कान पर लगाना होता था.

    kodak
    कोडैक का डिजिटल कैमरा फ्लॉप रहा
    (तस्वीर - museumoffailure)


    कोडैक जिसका फोटोग्राफी की दुनिया में नाम चलता था - अपना पहला डिजिटल कैमरा लेकर आया. लेकिन उससे एक गलती हो गई. जब दुनिया ऑनलाइन फोटो शेयरिंग पर जा रही थी, तब कोडैक के इस कैमरे की तस्वीरों को प्रिंट ही करवाया जा सकता था. फिर क्या था, इस दूरदर्शिता की कमी और स्मार्टफोन की भीड़ ने कंपनी को 2012 में दीवालिया घोषित कर दिया.

    plastic cycle
    प्लासिटक की साइकल भी ढह गई
    (तस्वीर - museumoffailure)


    इसके अलावा हाइन्ज़ का हरे रंग का केचअप भी इस संग्रहालय की शान बढ़ा रहा है. कोका कोला का डाइट कोक है जो अच्छी नीयत से बनाया गया था लेकिन बहुत कमाल नहीं कर पाया. प्लासटिक की साइकिल भी डिस्पेल पर है जिसे बनाते वक्त सोचा गया था कि उस पर जंग नहीं लगेगा. प्लासटिक के होने की वजह से चलाते वक्त यह साइकिल हिलती ज्यादा थी.

    ऐसा ही बहुत कुछ आपको म्यूज़ियम ऑफ फेल्योर में मिलेगा.  इस संग्रहालय को बनाने वाले वेस्ट कहते हैं कि वह सफलता की पूजा करने वालों को देखकर थक गए थे. वेस्ट के मुताबिक हर असफलता अपने आप में अलग है जबकि सफलता कई बार एक जैसी ही दिखने लगती है. कुछ नया बनाने के लिए जरूरी है कि असफलता की पेचीदगियों को समझें और उससे सीखे.

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