वो अजीबोगरीब बीमारियां, जिनका रहस्य अब तक नहीं खुल सका

कनाडा के प्रांत न्यू ब्रुन्सविक में बीते कुछ समय में अलग ही बीमारी दिख रही है- सांकेतिक फोटो (pixabay)

कनाडा में फैली बीमारी (mysterious disease in Canada) के लक्षण क्यूबा में साल 2016 में फैली बीमारी जैसे हैं. तब क्यूबा में तैनात अमेरिकी राजदूतों को अजीबोगरीब आवाजें सुनाई देने लगी थीं. बीमारी को हवाना सिंड्रोम (Havana Syndrome) कहा गया.

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    साल 2019 में चीन के वुहान से फैले कोरोना वायरस संक्रमण के बारे में अब तक बहुत-सी बातें साफ नहीं हो सकी हैं. कई एक्सपर्ट मान रहे हैं कि तूफानी तेजी से फैला ये रहस्यमयी वायरस लैब में तैयार हुआ है. कोरोना की जानकारी जुटाने में लगे वैज्ञानिक अब एक नई बीमारी देख रहे हैं. कनाडा के न्यू ब्रुन्सविक प्रांत में इस बीमारी के मरीज काफी ज्यादा थकान और सिरदर्द के अलावा अजीबोगरीब चीजें देख रहे हैं. कईयों ने सपने में मृत लोगों के आने और बातें करने की बात कही.

    इस कनाडियन प्रांत में दिख रहे मरीज 
    कनाडा के समु्द्र किनारे बसे प्रांत न्यू ब्रुन्सविक में बीते कुछ समय में एक के बाद एक ऐसे 48 मरीज आ चुके हैं, जो कोरोना के बाद से मतिभ्रम और अजीबोगरीब लोगों को देख रहे हैं. लगभग 7 लाख 70 हजार की आबादी वाले इस इलाके में इस रहस्यमयी बीमारी से अबतक आधिकारिक तौर पर 6 मौतें भी हो चुकी हैं. अजीब बात ये है कि जांच करने पर मरीजों में कोई शारीरिक दिक्कत पता नहीं लग रही.

    चिकित्सक खुद परेशान हैं 
    न्यूयॉर्क टाइम्स में इस रहस्यमयी बीमारी का जिक्र है. 4 जून की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि चिकित्सक लगातार इसका पता लगाने में जुटे हैं, हालांकि अब तक कोई संकेत नहीं मिल सका है कि आखिर कुछ लोग एक सी शिकायतों के साथ कैसे आ रहे हैं. मरीजों में अधिकतर युवा हैं.

    Mysterious Brain Syndrome
    कनाडा सरकार बीते 15 महीनों से अपने यहां कोरोना संक्रमण रोकने और वैक्सिनेशन में जुटी है- सांकेतिक फोटो (pikrepo)


    रेडिएशन से लेकर खानपान तक पर सवाल 
    इसी प्रांत के एक गांव बट्रेंड के मेयर यवोन गॉडिन कहते हैं कि लोग डरे हुए हैं. वे लगातार कयास लगा रहे हैं कि बीमारी क्यों हो रही है. क्या ये मोबाइल टावर के रेडिएशन से उपजी है? या फिर ये किसी खास मांस को खाने पर हो रही है? यहां तक कि कुछ लोग कोरोना की वैक्सीन को भी इसके लिए जिम्मेदार मान रहे हैं. हालांकि इस अनुमान का कोई सिर-पैर नहीं क्योंकि वैक्सीन लेने पर बाकी आबादी एकदम सुरक्षित है. और दूसरा पहलू ये भी है कि रहस्यमयी बीमारी के कुछ मरीज बीतों 6 सालों में भी दिखे, हालांकि अब उनकी संख्या तेजी से बढ़ी है.

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    लीक हुए दस्तावेज से पता लगा बीमारी का 
    कनाडा सरकार बीते 15 महीनों से अपने यहां कोरोना संक्रमण रोकने और वैक्सिनेशन में जुटी हुई थी. ऐसे में इस अजीबोगरीब बीमारी के बारे में पहले तो किसी को जानकारी ही नहीं थी, लेकिन मार्च में न्यू ब्रुन्सविक प्रांत के चीफ मेडिकल अफसर का एक मैमो लीक हो गया, जिसकी जानकारी मीडिया तक चली गई. इसके बाद से ही इस नई और अनाम बीमारी पर चर्चा हो रही है.

    Mysterious Brain Syndrome
    इस बीमारी का ब्रेन से संबंध खोजा जा रहा है- सांकेतिक फोटो (pixabay)


    तंत्रिका तंत्र से संबंधित बीमारी हो सकती है 
    अजीबोगरीब आकृतियां या मृत लोगों के दिखने के कारण इस बीमारी को तंत्रिकातंत्र से जुड़ी कोई बीमारी भी माना जा रहा है. दुनिया के बड़े-बड़े विशेषज्ञ अब इसकी पड़ताल में लगे हैं. वैसे पहली बार कोई रहस्यमयी बीमारी दुनिया के सामने नहीं आई, बल्कि पहले भी एक बार ऐसा हो चुका है.

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    क्यूबा में दिखी थी ऐसी ही एक बीमारी
    साल 2016 में क्यूबा में तैनात अमेरिकी राजदूतों ने अजीब आवाजें सुनने के बाद बीमार होने की शिकायत की. कई अफसरों की सुनने-समझने की क्षमता तक चली गई. इस रहस्यमयी बीमारी को हवाना सिंड्रोम कहा गया. बाद में राजूदतों के अलावा अमेरिकी खुफिया विभाग के क्यूबा, चीन और दूसरे कई देशों में रह रहे लोग भी अजीबोगरीब बीमारी की गिरफ्त में आने लगे.

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    ऐसे थे उसके लक्षण
    इसमें वे कोई ऐसी आवाज सुनते थे, जो कभी नहीं सुनी गई. इसके बाद शरीर में बदलाव आने लगे. वे तेज सिरदर्द, उबकाई आने, उल्टियों से परेशान हो गए. साथ ही साथ उनके बोलने और सुनने की क्षमता भी घटने लगी. यानी ये कोई ऐसी बीमारी थी, जो सीधे तंत्रिका तंत्र पर असर डालती थी.

    Mysterious Brain Syndrome
    क्यूबा में फैले हवाना सिंड्रोम को रेडिएशन से भी जोड़ा गया था- सांकेतिक फोटो (pixabay)


    जांच में कुछ पता नहीं लग सका 
    कुछ लोग देश से बाहर लाने पर बेहतर होने लगे, जबकि कईयों की हालत इतनी बिगड़ गई कि वे अपने रुटीन कामों के लिए भी दूसरों पर निर्भर हो गए. नेशनल एकेडमिक्स ऑफ साइंसेज (NAS) इसे क्यूबा या रूस या किसी दुश्मन देश का सोनिक हमला मानते हुए लगातार इसकी जांच की कोशिश में लगा था. NAS को ये भी लगता है कि ये माइक्रोवेव रेडिएशन थी, जो शायद जानबूझकर अमेरिकी अधिकारियों को बीमार करने के लिए छोड़ी जा रही थी.

    माइक्रोवेव वेपन क्या है, जो इतनी बुरी तरह से बीमारी करता है
    ये एक तरह का डायरेक्ट एनर्जी वेपन है, जो किसी तरह की विकिरण, जैसे लेजर, सोनिक या माइक्रोवेव के फॉर्म में होता है. इसकी तेज विकिरण से कानों में अजीब आवाजें सुनाई देने लगती हैं. ये ऐसी आवाज होती है कि लगता है मानो सीधे सिर के भीतर कुछ हो रहा हो. इसका बेहद खतरनाक और लंबे समय तक टिकने वाला असर हो सकता है. इसमें बोलने-सुनने और समझने की क्षमता जाने के अलावा कई तरह के शारीरिक बदलाव भी शामिल हैं.

    आज भी है रहस्य 
    रूस (तत्कालीन सोवियत संघ) भी माइक्रोवेव रेडिएशन पर काफी प्रयोग कर चुका है. ऐसे में शक की सुई उनकी तरफ घूमी, हालांकि रूस का कहना है कि उसने ऐसा कोई अटैक नहीं किया. क्यूबा समेत किसी भी देश ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली. लिहाजा, हवाना सिंड्रोम आज भी एक रहस्य बना हुआ है.
    Published by:Mridulika Jha
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