मर्लिन मनरो की खुदकुशी जो अब भी रहस्य है, परफेक्ट मर्डर मानते हैं लोग इसे

मर्लिन मनरो की खुदकुशी जो अब भी रहस्य है, परफेक्ट मर्डर मानते हैं लोग इसे
हॉलीवुड की सुपरस्टार एक्ट्रैस मर्लिन मनरो की खुदकुशी आज भी रहस्यमयी बनी हुई है, अब भी इसे मर्डर ज्यादा माना जाता है

अपने जमाने में हॉलीवुड की सबसे बड़ी एक्ट्रैस रहीं मर्लिन मनरो ने महज 36 साल की उम्र में नींद की गोलियां खाकर खुदकुशी कर ली लेकिन जब कुछ लोगों ने इसकी स्वतंत्र जांच करने की कोशिश की तो तमाम रिकॉर्ड्स और सबूत नष्ट या गायब पाए. जो कुछ सामने आ रहा था, वो ये कह रहा था कि ये खुदकुशी नहीं बल्कि मर्डर है. शक की सुइयां कैनेडी परिवार की ओर भी मुड़ीं और सीआईए की तरफ भी..

  • Share this:
जिस तरह बॉलीवुड स्टार सुशांत सिंह राजपूत की खुदकुशी अब रहस्य के बादलों में घिरी हुई है. उसी तरह हॉलीवुड की सुपरस्टार और ग्लैमरस एक्ट्रैस मर्लिन मुनरो की खुदकुशी आज भी रहस्यों में घिरी है. आज भी ऐसे लोगों की कमी नहीं जो मानते हैं कि अमेरिकी की कुख्यात जासूसी एजेंसी सीआईए ने उन्हें मार दिया था. मर्लिन की रहस्यमय खुदकुशी की फाइलें कई बार खुलीं लेकिन इसे बंद कर दिया गया.

आइए जानते हैं कि ये पूरा मामला क्या था और क्यों अब तक मर्लिन मुनरो की मौत रहस्यों में घिरी हुई है. किताब स्वप्नपरी मर्लिन मनरो में इस हादसे पर विस्तार से बताया गया है.

05 अगस्त 1962 में अमेरिका के लास एंजिल्स के सांतामोनिका समुद्र तट पर सुबह सबेरे एक कंसर्ट का आय़ोजन था. उसमें बॉबी डोरिन, एल्पिस प्रेसले और डेन शेनन जैसे जाने-माने गायक हिस्सा ले रहे थे. काफी संख्या में लोग इकट्ठा थे. संगीत लहरियां बह रही थीं. दीवाने झूम रहे थे. तभी डिक्स जॉकी ने बीच में कार्यक्रम को रोकते हुए एक श्रृद्धांजलि गीत सुनाया.



हर कोई शोक में डूब गया
हर किसी को लगने लगा कि कोई तो अनहोनी हो गई है. फिर कुछ सेकेंड्स की चुप्पी के बाद जॉकी ने दुखद खबर सुनाई कि दुनिया की सबसे मशहूर और लोगों को दीवाना बना देनी वाली एक्ट्रैस मर्लिन मनरो ने 36 साल की उम्र में आत्महत्या कर ली. हर कोई शोक में डूब गया. जैसे जैसे ये खबर फैली लोगों के विश्वास करना मुश्किल हो गया कि ऐसा कैसे हो गया. दुनियाभर में लोग शॉक्ड थे.

वो शख्स जिसको किया था आखिरी फोन
लाफोर्ड वो आखिरी शख्स था, जिससे मर्लिन ने बात की थी. जब लाफोर्ड से पूछताछ हुई तो उसने बताया, दरअसल मर्लिन को उसने डिनर पर आमंत्रित किया था लेकिन जब उसने जब शाम में मर्लिन को फोन मिलाकर उससे आने के लिए पूछा तो वो चिड़चिड़ी हो रही थी, उसने आने से इनकार कर दिया. वो निराश लग रही थी. उसकी आवाज में लड़खड़ाहट थी. वो ढंग से बोल भी नहीं पा रही थी.

ये भी पढे़ं - राफेल विमानों की टेल पर क्यों लिखा होगा RB या BS? क्या है ये कहानी?

लाफोर्ड भी हॉलीवुड से जुड़ा हुआ था. उसने आगे बताया, रात 08.00 बजे उसने फिर मर्लिन को फोन मिलाया, उसने फिर आने से मना कर दिया. लड़खडा़ती जुूबान से उसने कहा, प्रेसिडेंट को गुडबॉय कहना और तुम्हें भी गुडबॉय. लाफोर्ड इसके बाद जब तक जिंदा रहा, तब तक यही कहानी हर जांच में सुनाता रहा. हालांकि ज्यादातर लोगों को लगता था कि वो झूठ बोल रहा है. मर्लिन को अमेरिकी प्रेसीडेंट जॉन एफ कैनेडी और उनके भाई के साथ अक्सर देखा जाने लगा था. लाफोर्ड कैनेडी भाइयों का करीबी था.

मर्लिन मनरो के बारे में कहा गया कि उसने जरूरत से ज्यादा नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या की लेकिन ये सवाल कभी सुलझ नहीं पाया कि इतनी ढेर सारी गोलियां उसके पास कहां से आईं. बाद में दवा की शीशी भी गायब पायी गई.


कहा जाता है कि मर्लिन के मौत की खबर आधी रात तक कई अहम जगहों तक पहुंच चुकी थी. कहा जाता है कि रातों-रात खुफिया विभाग के लोगों ने मर्लिन के घर पहुंचकर पहला काम ये किया कि फॉक्स स्टूडियो और कैनेडी बंधुओं से संबंधित कई कागजात और तस्वीरें वहां से हटा ली गईं.

फिर फॉक्स स्टूडियो ने आधिकारिक बयान जारी किया
कई घंटों बाद फॉक्स स्टूडियो की ओर आधिकारिक बयान जारी हुआ, रात 03.30 बजे हाउसटेकर मिसेज यूनाइस मरे ने मर्लिन के शयनकक्ष की लाइट जली हुई देखी. ये अजीब सी बात थी. उसने दरवाजा थपथपाया, जिसका कोई जवाब नहीं मिला. खिड़की से मर्लिन अचेतावस्था में बिस्तर में पड़ी थी. तुरंत पुलिस को सूचना दी गई.शयनकक्ष का दरवाजा तोड़ा गया. अंदर मर्लिन मृत पड़ी थी. वहां बुलाए गए डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया. पुलिस ने कहा है कि मर्लिन ने नींद की ढेर सारी गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली.

फैलने लगीं मर्लिन के संदिग्ध मौत की चर्चाएं
शुरुआत में कैनेडी बंधुओं के दबदबे के कारण कोई भी खुलेतौर पर कुछ ज्यादा नहीं कह पाता था. गुपचुप तौर पर ये चर्चाएं फैलती रहीं. जैसे ही कैनेडी परिवार की पकड़ अमेरिकी राजनीति पर कमजोर पड़ी, मर्लिन की खुदकुशी पर सवाल खड़ा करने वाली किताबें और लेख सामने आने लगे.

ये भी पढ़ें - रिजल्ट्स के बीच जानिए किस देश का एजुकेशन सिस्टम है दुनिया में नंबर 01

रिकॉर्ड गायब हो रहे थे
हॉलीवुड सुपरस्टार के निधन के बाद एक महिला क्राइम रिपोर्टर फ्लोराबेल मुईट ने मर्लिन के घर की आखिरी तीन दिनों की टेलीफोन कॉल रिकॉर्ड निकलवाने की कोशिश की लेकिन उसे बताया गया कि ये रिकॉर्ड फेडरल एजेंट्स ले जा चुके हैं, उसके पास नहीं हैं. कुछ और रिपोर्टर्स ने इसे तलाशने की कोशिश की लेकिन रिकॉर्ड नहीं मिले.

हॉलीवुड स्टार मर्लिन मनरो के अफेयर के चर्चे अमेरिकी प्रेसीडेंट जॉन एफ कैनेडी और फिर उनके भाई रॉबर्ट कैनेडी से भी रहे. वो उनके साथ देखी जाती थी. मर्लिन की रहस्यमय आत्महत्या को कैनेडी भाइयों से भी जोड़कर देखा गया.


पुलिस दबाव में थी
हालांकि मर्लिन की मौत के एक हफ्ते बाद महिला रिपोर्ट्रर मुईट ने अपने कॉलम में लिखा, लासएंजिल्स पुलिस विभाग पर इस मामले को दबाने का दबाव पड़ रहे हैं. दबाव उन असरदार लोगों की ओर से डाला जा रहा है, जो अंतिम सप्ताह में हॉलीवुड एक्ट्रैस के नजदीक संपर्क में थे.

कैनेडी परिवार तक पहुंच रही थीं कड़ियां
दो पत्रकारों ने जब व्यक्तिगत तौर पर इस मामले की जांच शुरू की तो दोनों को पता लगा कि मर्लिन के कुछ करीबी या तो अपना ठिकाना बदल चुके हैं या फिर कोई जवाब नहीं दे रहे. इसमें कुछ लोगों को कैनेडी परिवार की प्राइवेट प्रापर्टी में देखा गया. ये चर्चाएं भी हुईं कि कैनेडी ने कुछ संदिग्ध मर्लिन के करीबियों का खर्च भी उठाया.

फिर पत्रकार मिला सीक्रेट पत्रों का बंडल
मर्लिन मामले की जांच कर रही एक और पत्रकार होड़ा होपर को हॉलीवुड एक्ट्रैस के निधन के पांच दिन बाद चिट्ठियों का एक बंडल मिला. ये पत्र मर्लिन और कैनेडी बंधुओं के बीच आपस में लिखे गए थे. मर्लिन के शरीर के कुछ नमूने टेस्ट के लिए लिये गए थे लेकिन वो लैब में संदिग्ध स्थितियों में गायब हो गए. टाइम आखिरी समय पर मर्लिन के जांच से संबंधित एक स्टोरी रोक ली.

बाद में जिन खोजी पत्रकारों ने इसकी जांच करने की कोशिश की, उन्होंने इसके सभी रिकॉर्ड्स और सबूतों को गायब पाया, इस बारे में जब एक जांचपरक किताब लिखी गई तो लेखक को कोई प्रकाशक नहीं मिला, क्योंकि इसकी कड़ियां कैनेडी भाइयों तक जाती लग रही थीं


बाद में गुडमन ने एक किताब लिखी, जो कैनेडी के साथ संबंधों के इर्द-गिर्द घूमती थी, एक प्रकाशक ने भुगतान करने के बाद भी ये किताब छापने से मना कर दिया तो उसके बाद 14 अन्य प्रकाशकों ने इस किताब को खारिज कर दिया.

ये भी पढ़ें: एयर इंडिया के काउंटर पर धूल हो तो खुद सफाई से नहीं हिचकते थे जेआरडी

फिर मर्लिन की रहस्यमय मौत किताब बेस्ट सेलर बन गई
हालांकि इस आत्महत्या के एक साल बाद ही राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की हत्या हो गई. उनके भाई राबर्ट कैनेडी ने जब उपराष्ट्पति बनने के लिए चुनाव लड़ा तो पूरे देश में चोरी चुपके एक लाल रंग की छोटे आकार की किताब पहुंचाई गई. ये देखते ही देखते अंडरग्राउंड बेस्टसेलर बन गई. बताते हैं कि विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी ने चोरी-चुपके इसके वितरण की व्यवस्था कराई थी. इसका शीर्षक था मर्लिन की रहस्यमय मौत.

इस पुस्तक में तमाम विस्फोटक रहस्योदघाटन थे, जिसमें लासएंजिल्स आत्महत्या जांच दस्ते की रिपोर्ट भी थी. मर्लिन और कैनेडी के बीच फोनवार्ताओं की जानकारियां थीं. ये पुस्तक हर महत्वपूर्ण जगह और जाने-माने पत्रकारों तक भिजवाई गई.

ये हैरानी वाली बात थी कि मर्लिन के मामले में जितने भी सूत्र या सबूत हो सकते थे, वो सभी गायब कर दिए गए थे या नष्ट हो गए थे. यकीनन सबूतों को नष्ट करने वाले लोग इतने ताकतवर रहे होंगे कि कानून के हाथ उन तक नहीं पहुंच सके.

मर्लिन की मौत के 20 सालों बाद फिर उसकी आत्महत्या की फाइल खोली गई, जांच हुई लेकिन ज्यादातर साक्ष्य या रिकॉर्ज नष्ट हो चुके थे, हालांकि ये महसूस हुआ कि ये आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या थी


सवाल जिनके जवाब नहीं थे
कई सवाल थे-मर्लिन के पास नींद की इतनी गोलियां कहां से आईं. दवा की शीशी कहां खो गई. कहा गया कि नींद की गोलियां खाकर मर्लिन ने खुदकुशी की तो खून में ड्रग्स की मात्रा कैसे ज्यादा आई. मर्लिन के किडनी में ड्र्ग्स नहीं मिला यानि ये गोलियां उसने खाईं नहीं थी बल्कि इंजेक्शन के जरिए दी गईं. कुल मिलाकर हालात संदिग्ध थे. जिस बिस्तर पर वो पाई गई उस पर कोई सलवटें नहीं थीं.

ये भी पढ़ें: अमेरिका में सरकार और धर्म के बीच किस तरह का रिश्ता है?

क्या मर्लिन को सीआईए ने मारा था
बाद में काफी हद तक ये बातें कही जाने लगीं कि चूंकि मर्लिन प्रेसीडेंट जॉन एफ कैनेडी के बहुत करीब थी तो उनके तमाम राज से वाकिफ भी, ये भी कहा गया कि बाद में कैनेडी से मर्लिन के संबंध खराब हो गए थे, वो उनके खिलाफ कोई प्रेस कांफ्रेस करने वाली थी. बाद में अमेरिका के एक खोजी रिपोर्टर एंथनी स्कादूरो ने कहा मर्लिन ने आत्महत्या नहीं की थी बल्कि उसकी हत्या उसके नजदीकी लोगों ने ही की थी. सोवियत संघ की ताश न्यूज एजेंसी ने मर्लिन की मौत पर एक नई श्रृंखला जारी करते हुए कहा, उसे सीआईए ने मारा था, क्योंकि कैनेडी बंधुओं के लिए खतरनाक हो चुकी थी.

20 साल बाद फिर खुलीं फाइलें
1982 में मर्लिन की मौत की फाइलें फिर से खुलीं, फिर से रिकॉर्डों को छाना गया, लोगों की गवाहियां हुईं. तीन साल जांच चली लेकिन इतने सालों में महत्वपूर्ण रिकॉर्ड गायब हो चुके थे. कैनेडी के जिन करीबियों से पूछताछ हुई, उन्होंने सहयोग नहीं किया. उन्होंने तथ्यों को उलझाने वाली बातें कीं. ये महसूस तो हुआ कि मर्लिन की हत्या हुई थी और सीधे या अपरोक्ष तौर पर कैनेडी परिवार इसमें शामिल था. एक दूसरे ध्योरी ये दी गई कि शायद मर्लिन की हत्या उन लोगों ने भी की हो सकती है, जो जानबूझकर शक की सुई कैनेडी परिवार की ओर घुमाने देना चाहते थे.
वैसे ये बात सही है कि मर्लिन की हत्या के बाद कैनेडी परिवार का पतन शुरू हो गया. ज्यादातर इस परिवार के सदस्य रहस्यमय तरीके से मारे गए. रही बात मर्लिन के मौत की तो वो आज भी रहस्य है. ज्यादातर लोग आज भी मानते हैं कि मर्लिन की मौत खुदकुशी तो नहीं ही थी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading