एक Nan device ने कराई कोशिका के अंदर की यात्रा, जानिए कैसे हुआ यह कमाल

एक Nan device ने कराई कोशिका के अंदर की यात्रा, जानिए कैसे हुआ यह कमाल
यह उपकरण कोशिका के अंदर पदार्थ की गतिविधि की जानाकरी देत है.

वैज्ञानिकों ने पहली बार कोशिका (Cell) के अंदर एक माइक्रोस्कोप ट्रोकिंग उपकरण (Microscopic device) लगाया है.

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नई दिल्ली: साल 1966 में एक पुरानी कहानी के आधार पर अमेरिकी फिल्म बनी थी. इसका नाम था, फैंटास्टिक वॉएज. इस फिल्म में कुछ लोग माइक्रोस्कोप के स्तर तक छोटे हो जाते हैं और एक घायल वैज्ञानिक के दिमाग में घुसकर उसे ठीक करने की कोशिश करते हैं. शरीर के अंदर जाकर यात्रा कई फंतासी फिल्मों को हिस्सा रहा है, लेकिन अब वैज्ञानिकों ने इसके लिए एक खास उपकरण (Tracking device) बनाने में सफलता पाई है जो कोशिका (Cell) के अंदर ही रहकर उसकी गतिविधि की जानकारी दे सकता है.

क्या हासिल किया है वैज्ञानिकों ने
पहली बार वैज्ञानिकों ने एक महीन ट्रैकिंग उपकरण (Tracking Device) बनाया है जिसे कोशिका (Cell)  के अंदर डाला जा सकता है. इस उपकरण से वैज्ञानिक एक कोशिका की शुरू से ही विकास प्रक्रिया का सीधे तौर पर अवलोकन कर  पाएंगे. वैज्ञानिकों ने यह उपकरण एक स्तनपायी जीव की कोशिका (Mammalian Cell) के अंदर जोड़ने में सफलता पाई है.

कोशिका में डाला गया कैसे यह उपकरण



यह उपकरण एक नौनोडिवाइस है. एक सिक्के से एक लाख गुना ज्यादा छोटे इस सिलिकॉन उपकरण को एक भ्रूण कोशिका से जोड़ा गया. इसका उद्देश्य कोशिकाओं के आम बर्ताव को समझना था.  इस उपकरणों एक चूहे के स्पर्म के साथ जोड़ कर अंडकोशिका में इंजेक्ट किया गया. इस प्रयोग के नतीजे के तौर पर शोधकर्ताओं के एक ट्रैकिंग उपकरण युक्त अंडा मिल गया. बाथ यूनिवर्सिटी के बायोलॉजी और बायोकैमिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर टोनी पेरे की अगुआई में यह अध्ययन किया गया जो नेचर मटेरियल में प्रकाशित हुआ है.



कैसे काम करता है यह उपकरण
यह नैनोउपकरण एक मकड़ी की तरह है. उसके आठ लचीले पैर हैं. ये पैर कोशिका के अंदर होने वाले खिंचाव और दबाव के बलों (Forces) को बहुत सटीक तौर पर मापने में सक्षम हैं. इससे कोशिकाओं में लगने वाले बल कैसे काम करते हैं यह पता चलता है और यह भी कि समय के साथ कोशिका के अंदर पदार्थ किस प्रकार अपनी स्थिति बदलते हैं. इसका मतलब है कि यह उपकरण कोशिका के साइटोप्लाज्म की गतिविधियों को पकड़ लेता है. खास तौर पर जब वह एक भ्रूण कोशिका दो कोशिका वाले भ्रूण में बदल रही हो.

Cell
यह उपकरण कोशिका के अंदर इंजेक्ट किया गया.


पहली बार देखी गई है कोशिका के अंदर की फिजिक्स
प्रोफेसर का कहना है कि यह किसी कोशिका में पहली बार उसके स्तर की भौतिकी दिखाई देखी गई है. पहली बार किसी ने अंदर से देखा है कि कोशिका के अंदर पदार्थ कैसे गतिविधि करते हैं और खुद को व्यवस्थित करते हैं. इस तरह का अध्ययन अभी तक नहीं किया जा सका था. कोशिका के अंदर के पदार्थ का बर्ताव जीन की अभिव्यक्ति के तौर पर कोशिका के बर्ताव में अहम भूमिका निभाता है.

फिजिक्स छूट रही थी कोशिका के अध्ययन में
प्रोफेसर पेरे के मुतबिक बायोलॉजी और एम्ब्रियोलॉजी से हमें कोशिकाओं और उनके अणुओं के बारे में कई परिघटनाओं के बारे में तो पता चल जाता है, लेकिन इसमें फिजिक्स छूट रही थी. अब कोशिकाओं में कौन से बल कैसे काम करते हैं यह भी पता चल सकेगा.

Cell
पाया गया है कि कोशिका के अंदर पदार्थ के प्रोग्राम की तरह गतिविधि करते हैं.


एक प्रोग्राम की तरह होता है कोशिका में काम
शोधकर्ताओं ने पाया कि कोशिका की पूरी भौतिकी एक तरह से प्रोग्राम के तहत काम कर रही थी. कभी पदार्थ ज्यादा बल लगा रहे थे तो कभी कोशिका शांत दिखी, लेकिन यह अनियमित और अनिश्चित बिलकुल भी नहीं था. इस अध्ययन के बाद से यह भी पता लगाया जाकेगा कि कोशिका की उम्र कैसे बढ़ती है और वे कब काम करना बंद कर देती हैं. यह बीमारी के अध्ययन में बहुत कारगर सिद्ध हो सकेगा.

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First published: May 31, 2020, 4:32 PM IST
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