Home /News /knowledge /

केंद्रीय मंत्री को गिरफ्तार करने की प्रक्रिया, जानिए क्या कहते हैं प्रावधान

केंद्रीय मंत्री को गिरफ्तार करने की प्रक्रिया, जानिए क्या कहते हैं प्रावधान

भारत में केंद्रीय केबिनेट मंत्रियों के सांसद (Parliament) के अधिकारों के तहत सुरक्षा मिली हुई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

भारत में केंद्रीय केबिनेट मंत्रियों के सांसद (Parliament) के अधिकारों के तहत सुरक्षा मिली हुई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

केंद्रीय मंत्री नारायण राणे (Narayan Rane) की गिरफ्तारी का मामला राजनैतिक रंग ले चुका है. इस मामले में मंत्री की गिरफ्तारी के प्रवाधान (Procedure for Arrest) और नियमों की भी चर्चाएं जोरों पर हैं.

    मंगलवार को देश ने एक केंद्रीय मंत्री (Union Minster) के गिरफ्तार होने का मामला देखा. केंद्रीय मंत्री नारायण राणे (Narayan Rane) को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. अब उन्हें इसके लिए जमानत मिल गई है, लेकिन मंत्री की गिरफ्तारी का मुद्दा चर्चा में है. आमतौर पर किसी भी स्तर के मंत्री को गिरफ्तार करना आसान काम नहीं है, इसमें मामले में कुछ कानूनी पेंच भी बताए जाते हैं. यही वजह है कि राणे की गिरफ्तारी एक राजनैतिक मुद्दा बन चुकी है. आइए जानते हैं कि किसी मंत्री को किसी भी मामले में गिरफ्तार करना संभव है और है तो उसकी क्या प्रक्रिया है.

    राजनैतिक विवाद भी
    इस मामले में राणे के खिलाफ चार अलग अलग एफआईआर दर्ज हैं. जहां महाराष्ट्र पुलिस ने राणे के घर पर गिरफ्तारी के लिए एक टीम भेजी तो वहीं राज्य के बीजेपी अध्ययक्ष चंद्रकांत पाटिल ने इसे प्रोटोकॉल के खिलाफ कार्रवाई बताया और कहा कि राज्य सरकार वर्तमान केंद्रीय मंत्री के खिलाफ इस तरह से गिरफ्तारी की वारंट कैसे जारी कर सकती है.

    क्या है नियम
    जब भारत में संसद का सत्र चल रहा होता है को केंद्रीय मंत्री को कई सुविधाएं मिलती हैं.लेकिन जब संसद का कोई सत्र नहीं चल रहा हो तो कानून लागू करने वाली संस्थाएं एक केंद्रीय मंत्री को आपराधिक मामलों में गिरफ्तार कर सकती हैं. राज्यसंभा की प्रक्रियाओं के नियम की धारा 22 ए के मुताबिक पुलिस, जज या मजिस्ट्रेट को गिरफ्तारी के आदेश देने से पहले राज्यसभा के सभपति को जानकारी देना जरूरी है.

    क्या करेंगे ऐसे में सभापति
    जज या मजिस्ट्रेट को यह सब बताना जरूरी होगा कि गिरफ्तारी का कारण क्या है और मंत्री को गिरफ्तार कर कहां रखा जाएगा. इस मामले में राज्यसभापति यानि उपराष्ट्रपति को सदन को यह जानकारी देनी होगी, यदि राज्यसभा का सत्र चल रहा हो. लेकिन यदि राज्यसभा का सत्र नहीं चल रहा तो सभापति को एक बुलेटिन जारी कर सदस्यों को यह जानकारी देनी होगी.

    Maharashtra, Indian Politics, Politics, Parliament, Narayan Rane, Uddhav Thackeray, Procedure of Arrest, Union Cabinet minister

    नारायाण राणे (Narayan Rane) के केंद्रीय मंत्री पद पर होते हुई की गई गिरफ्तारी को लेकर आपत्ति जताई गई है. (फाइल फोटो)

    क्या छूट मिलती है सांसदों को
    सांसदों को मिले अधिकारों के मामलों में सीसीपी की धारा 135 के तहत यह प्रावधान है कि दीवानी मामलों में सांसदों को संसद सत्र के दौरान और उसके शुरू होने के 40 दिन पहले एवं खत्म होने के 40 दिन के बाद की अवधि में गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है, लेकिन आपराधिक मामलों या सुरक्षा के लिए की गई गिरफ्तारी में इस तरह की छूट लागू नहीं होगी.

    अमेरिका की वो 05 गलतियां जो अफगानिस्तान पर भारी पड़ीं

    कुल कितने दिन की छूट मिलती है सांसदों को
    साल भर में देश में तीन संसदीय सत्र चलते हैं और हर सत्र 70 दिन का होता है. इस तरह एक साल में 300 दिन ऐसे होते हैं जब सांसद गिरफतार नहीं किए जा सकते हैं. फिलहाल संसद का कोई सत्र नहीं चल रहा है और उसका पिछला सत्र बीते 19 अगस्त को ही खत्म हुआ है.

    Maharashtra, Indian Politics, Politics, Parliament, Narayan Rane, Uddhav Thackeray, Procedure of Arrest, Union Cabinet minister,

    नारायाण राणे (Narayan Rane) की गिरफ्तारी का मामला राजनैतिक हो गया है. (File pic)

    केवल राष्ट्रपति को पूरी छूट
    लेकिन यह मामला आपराधिक बताया गया इसलिए राणे को इस लिहाज से तो छूट नहीं मिल सकती है. भारत में केवल देश के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी नहीं हो सकती है चाहे वह आपराधिक मामला ही क्यों ना हो. ऐसे करने से पहले उन्हें उनके पद से हटाना होगा जो संसद में महाअभियोग की प्रक्रिया के तहत ही हो सकता है. लेकिन देश के प्रधानमंत्री तक को आपराधिक मामले के तहत गिरफ्तार किया जा सकता है.

    Arun jaitley: वाकपटुता और आम सहमति के हुनर के कायल थे लोग

    फिलहाल राणे को जमानत मिल गई है और उनके घर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, लेकिन मामले ने पूरा राजनैतिक रंग भी ले लिया गया है. वहीं राणे के वकील गिरफ्तारी के खिलाफ हाईकोर्ट में जाने की तैयारी कर रहे हैं जबकि हाईकोर्ट ने इस मामले में तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया था. इसी बीच राणे और शिवसेना समर्थकों की झड़पों की खबरें भी आ रही हैं.

    Tags: India, Indian politics, Maharashtra, Research

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर