Spacewalk करते समय ISS के Astronaut से हुई गलती और गिर गई यह चीज

ISS  की बैटरी बदलने के लिए स्पेसवॉक करने के दौरान यह घटना हुई.  (प्रतीकात्मक तस्वीर)
ISS की बैटरी बदलने के लिए स्पेसवॉक करने के दौरान यह घटना हुई. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

अंतरिक्ष (Space) में स्पेसवॉक (Spacewalk) करते समय ISS के अंतरिक्ष यात्री कैसिडी के हाथ पर लगा आइना गिर गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 27, 2020, 12:53 PM IST
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अंतरिक्ष (Sapce) में यूं तो बहुत सारा कचरा है जिसे वैज्ञानिकों को चिंता में डाल रखा है, लेकिन  अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से इस शुक्रवार को एक ऐसी घटना हुई जिसने इस कचरे में अपने छोटा से योगदान दे दिया. यूं तो धरती पर अगर ऐसी बात होती तो बहुत ही सामान्य बात होती, लेकिन शायद अंतरिक्ष में इस तरह की पहली और एकमात्र घटना हो. ISS  के एक अंतरिक्ष यात्री से अपनी स्पेस वॉक के दौरान उसके हाथ पर लगा आइना गिर गया.

कैसे गिरा यह आइना
26 जून को कैसिडी और बेनकेन स्पेसवॉक के लिए ISS से बाहर निकले. कमांडर कैसिडी ने उस आइने पर नियंत्रण खो दिया जो उनके स्पेससूट की बांह से जुड़ा था. सौभाग्य से एक फुट प्रति सेकंड की दर से उड़ने लगे इस आइने की वजह से कोई नुकसान नहीं हुआ. लेकिन यह वस्तु अंतरिक्ष के लाखों टुकड़े वाले कचरे में शामिल हो गई है जो अंतरिक्ष में तैर रहे हैं.

यह काम करने जार रहे थे दोनों यात्री
कैसिडी और बेनकेन पुरानी बैटरी को बदलने के लिए स्पेसस्टेशन के बाहर आए थे. उन्होंने अपनी स्पेसवॉक 26 जून को शुरू की थी. घंटों लंबी इस स्पेसवॉक से दोनों वैज्ञानिकों को पुरानी हो चुकी  हाइड्रोजन बैटरी बदलनी थी.



शुक्र है कि कोई नुकसान नहीं हुआ
जब कमांडर क्रिस कैसिडी स्पेसवॉक के लिए बाहर निकले, उनके हाथ से जुड़ा आइना अंतरिक्ष में एक फुट प्रति सेकेंड की गति से तैरकर दूर जाने लगा. उस समय बॉब बेनकेन उनके पीछे जा रहे थे, लेकिन उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ. यह आइना अंधेरे में छूटा, बाद में जब कैसिडी रोशनी में आए तब उन्हें उन्होंने अपनी बांह को ध्यान से देखा कि पता चल सके कि आइना कैसे गिरा.उन्होंने मिशन कंट्रोल को बताया कि उन्हें कुछ नहीं दिखा जिससे पता चल सके कि आइना कैसे गिरा.



कितना बड़ा आइना था यह
नासा का इस मामले में कहना है कि इस आइने की वजह से खगोलयात्रियों को स्पेसवॉक में कोई खलल नहीं पड़ा. खगोलयात्री स्पेसवॉक के दौरान अपनी बांह से बंधा एक आइना लेकर चलते हैं जिससे उन्हें काम करते समय बेहतर दिखाई दे.  इस आइने का आकार 5 इंच लंबा और 3 इंच चौड़ा था इसका वजन करीब 45 ग्राम का था.

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कितनी अहम हैं ये बैटरी
उम्मीद है कि एक बार छह नई लीथीयम आयन बैटरी लग जाएं तो  ISS अपने बचे हुए कार्यकाल में अच्छे से काम कर सकेगा.  बताया जा रहा है कि नई बैटरी पुरानी निकल हायड्रोजन बैटरियों के मुकबाले ज्यादा शक्तिशाली और कारगर हैं.

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ISS अभी साल 2024 तक काम करता रहेगा. (प्रतीकात्मक फोटो)


इस समय कैसिडी और बेनकेन को अपनी स्पेसवॉक के काम के दौरान छह और बैटरी लगानी हैं यह काम बहुत मुश्किल है क्योंकि हर बैटरी करीब एक मीटर लंबी है और उसका वजन 180 किलोग्राम है. इन बैटरी को बदलने का काम साल 2017 में शुरू हुआ था इससे पहले अब तक 18 लीथियम आयन बैटरियां बदली जा चुकी थी.

पूरे जुलाई तक चल सकती है ये स्पेसवॉक
ये स्पेसवॉक जुलाई के पूरे महीने चलेंगी जिसके बाद बेनकेन पृथ्वी पर वापस आ जाएंगे. वे स्पेसएक्स ड्रैगनकैप्सूल के साथ वापस आएंगे. यह कैसिडी और बेनकेन के सातवीं स्पेसवॉक है. दोनों हर्ले और बेनकेन ने अभी तक खुले अंतरिक्ष में 30 घंटे से ज्यादा का समय बिताया है.

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इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन का अभियान साल 2024 में खत्म हो रहा है. इसी साल नासा चांद पर अंतरिक्ष यात्री भेजने की तैयारी कर रहा है. ISS साल 1998 में अंतरिक्ष में प्रक्षेपित हुआ था. यह नासा, रूस की रोसकोसमोस, यूरोपीय स्पेस एजेंसी, जापानी के जाक्सा, और कनाडा की स्पेस एजेंसियों का संयुक्त अभियान रहा है.
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