NASA के आंकड़ों ने खगोलीय पिंड में दिखाया महासागर, वैज्ञानिकों में जागा कौतूहल

एस्ट्रॉएड बेल्ट में यह सबसे बड़ा पिंड ड्वार्फ प्लैनेट है जहां सतह के नीचे पानी देखा गया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

NASA के डॉन (Dawn) अंतरिक्ष यान के 2018 के आंकड़ों से पता चला है कि सेरेस (Ceres) नाम के पिंड में विशाल महासागर (Ocean) मौजूद है. यह पिंड क्षुद्रग्रहों के इलाके (Asteroid belt) में है.

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    यूं तो हमारा ब्रह्माण्ड (Universe) अनेक कौतूहलों और रहस्यों से भरा पड़ा है, लेकिन हमारे सौरमंडल (Solar System) का हाल भी इससे कम नहीं है. यहां अनेक पिंड अपनी नई जानकारी से चौंकाते रहते हैं. हाल ही में नासा (NASA) के आंकड़ों से वैज्ञानिकों को एक पिंड (Cosmic object) ने चौंकाया है जो हमारे सौरमंडल के अंदर है, लेकिन वह कोई ग्रह (Planet) या उपग्रह (Satellite)नहीं है, ऐसे पिंड में वैज्ञानिकों को सतह के नीचे खारे पानी (Salty water) का भंडार मिला है.

    कहां है यह पिंड
    मंगल और बृहस्पति ग्रहों के बीच स्थित क्षुद्रग्रहों के इस इलाके जो सबसे बड़ा पिंड हैं उसे सेरेस कहा जाता है. दो साल पहले मंगल का डॉन नाम का अंतरिक्ष यान यहां से गुजरा था. इस दौरान उसने इस ग्रह के बारे कुछ आंकड़े जमा किए और पृथ्वी पर भेजे.

    सतह के नीचे महासागर
    उन्ही आंकड़ों के अध्ययन के आधार पर वैज्ञानिकों ने पाया है कि केरेस के जमी हुई सतह के नीचे खारे पानी का एक विशाल महासागर मौजूद है. इस खोज ने वैज्ञानिकों में इस बात का कौतूहल पैदा कर दिया है कि ड्वार्फ प्लैनेट जैसे छोटे पिंड में भी जीवन के संकेत छिपे हो सकते हैं या फिर उनमें जीवन भी हो सकता है. नासा का यह अंतरिक्ष यान इस पिंड के पास से साल 2018 में केवल 35 किलोमीटर पास से गुजरा था.

    Jupiter
    हमारे सौरमंडल में इस तरह के कई पिंड हैं जहां पानी है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


    बड़ी मात्रा में पानी होना ही काफी
    डॉन की प्रमुख अनवेषणकर्ता और प्लैनेटरी वैज्ञानिक कैरोल डायमंड का कहना है, “इससे सेरेस का स्तर महासागरीय दुनिया का हो गया है. गौर करने की बात यह है कि इस श्रेणी में महासागर का पूरे ग्रह पर महासागर का होना नहीं है. सेरेसे के मामले में हम जानते हैं के यह पानी का भंडार स्थानीय स्तर पर है. हम निश्चित नहीं हैं यह पूरे ग्रह पर है भी यह नहीं. बहराल मायने यह रखता है कि वहां बड़ी मात्रा में तरल पदार्थ मौजूद है.

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    कितना बड़ा है सेरेस
    सेरेस का व्यास करीब 950 किलोमीटर ही है जो कि पृथ्वी के चंद्रमा के एक चौथाई व्यास से ज्यादा है. वैज्ञानकों के प्रमुख जोर वहां के 92 किलोमीटर चौड़े क्रेटर पर है जि सका नाम ऑकेटर है जो सेरेस के उत्तरी गोलार्द्ध में मौजूद है. इस क्रेटर के बारे कहा जाता है कि यह करीब 2.2 करोड़ साल पहले बना था.

    Earth
    हमारे सौरमंडल में केवल पृथ्वी पर ही जीवन की अनुकूलता की स्थितियां हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


    सतह के 40 किमी नीचे जीवन की संभावना
    वैज्ञानिकों का मानाना है कि खारा पानी का भंडार यहां सैकड़ों मील तक सतह के 40 किमी नीचे तक मौजूद है. खारे पानी के बारे में पता चल सका क्योंकि दरारों से यह क्रेटर बना था. नासा के जेट प्रपल्शन लैबोरेटरी की प्लैनेटरी वैज्ञानिक जूली कास्टीलो ने बताया, “ इस अवस्था में स्थिति बहुत दिलचस्प है क्योंकि यहां गहरे खारे पानी में जीवन के होने की संभावना है खास तौर पर इसके खारे होने और बहुत ठंडे होने की वजह से.“

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     ऐसे और भी पिंड हैं हमारे सौरमंडल में
    दूसरी ओर हमारे सौरमंडल में  सेरेस अकेला ऐसा पिंड नहीं हैं. जहां सतह के नीचे महासागर मौजूद है. बृहस्पति ग्रह के चंद्रमा यूरोपा, शनि ग्रह के चंद्रमा एनसेलाडस, नेप्च्यून ग्रह के चंद्रमा ट्रिटॉन, और ड्वार्फ प्लैनेट प्लूटो तक इस सूची में शामिल हैं. जब भी कहीं पर पानी के होने की खबर मिलती है, वैज्ञानिकों में हमारे सौरमंडल के इतिहास को समझने की दिशा में एक उम्मीद पैदा हो जाती है.

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