NASA ने खोजा पृथ्वी जैसा ग्रह, पानी होने के अनुकूल हालात हैं वहां

इस अध्ययन से कई दूसरे अध्ययनों पर भी गहरा असर होगा.  (प्रतीकात्मक फोटो)
इस अध्ययन से कई दूसरे अध्ययनों पर भी गहरा असर होगा. (प्रतीकात्मक फोटो)

अमेरिकी स्पेस एंजेसी नासा (NASA) ने एक बाह्यग्रह (Exoplanet) की खोज की है जो पृथ्वी के आकार का है और उसके सौरमंडल की स्थिति भी पृथ्वी की तरह उस क्षेत्र में जहां ग्रहों पर पानी की होने की स्थिति अनुकूल हो सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 18, 2020, 1:07 PM IST
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नई दिल्ली: पिछले कुछ सालों में दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने अपने अंतरिक्ष अनुसंधान की क्षमताओं में खासी वृद्धि की है. अब इसके नतीजे भी उनको मिलने लगे हैं. अमेरिकी स्पेस एंजेसी नासा (NASA) ने हाल ही में एक ऐसे बाह्यग्रह (Exoplanet) की खोज की है जिसका आकार और स्थिति पृथ्वी (Earth) की ही तरह है.

आसान नहीं होता है किसी ग्रह पर जीवन होना
आमतौर पर पृथ्वी जैसी जीवन समर्थक स्थिति दूसरों ग्रहों पर मिलना बहुत ही मुश्किल होता है. खगोलीय दृष्टि से देखा जाए तो पृथ्वी के पथरीले ग्रह होने के साथ ही जीवन के लिए समर्थन करने वाली की अन्य परिस्थितियों होना बहुत ही मुश्किल होता है.

क्या कहा नासा ने इस खोज के बारे में
नासा ने अपने ट्टवीट अकाउंट पर इसका ऐलान किया है. अपने ट्वीट में नासा ने कहा है कि हमें एक अलग ही संसार मिला है. पृथ्वी के आकार का एक बाह्यग्रह ( Exoplanet) जो अपने सूर्य की जीवन संभाव्य योग्य क्षेत्र में स्थित है. वह क्षेत्र जहां ग्रह पथरीला होता है और उसके साथ ही वहां तरल पानी भी हो सकता है.



कितना पृथ्वी की तरह है यह ग्रह
इस नए ग्रह को नासा ने केप्लर 1649सी ( Kepler-1649c) नाम दिया है.  इस ग्रह की खोज नासा ने अपने केपलर ग्रह के पुराने डेटा का अवलोकन करते समय की है. यह ग्रह पृथ्वी से 300 प्रकाशवर्ष दूरी पर स्थित है. यह पृथ्वी से केवल 1.06 गुना बड़ा है. इसका अनुमानित तापमान पृथ्वी के जैसा ही है और तो और यह अपनी 75 प्रतिशत ऊर्जा अपने सूर्य से लेता है जैसा हमारा ग्रह करता है.

जीवन की संभावना है क्या यहां
नासा के मुताबिक यह ग्रह एक छोटे लाल तारे (Red Dwarf stars) का चक्कर लगाता है और यही वजह है की इसग्रह के पर्यावरण में जीवन होने की संभावना चुनौतीपूर्ण हैं. लेकिन इस बारे में आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं.  तरह के छोटे लाल तारे (Red Dwarf stars) गैलेक्सी में बहुत आम होते हैं.

ज्यादा जानकारी मुश्किल था जुटाना
इस ग्रह के बारे में ज्यादा जानकारी मिलना बहुत मुश्किल है क्योंकि यह काफी छोटा दिखाई दे रहा था. यह तीसरा इस तरह का ग्रह मिला है जहां जीवन की संभावना हो सकती थी. इससे पहले नासा ने टीगार्डन सी और ट्रैपिस्ट 1 एफ जैसे पृथ्वी के आकर के दो और ग्रह भी खोजे हैं.

Earth
फिलहाल पृथ्वी की तरह जीवन के अनुकूल परिस्थितियां किसी दूसरे ग्रह पर नहीं हैं.


एक ग्रह पर पानी होने की मिली थी संभावना
पिछले साल ही नासा ने हबल स्पेस टेली स्कोप की मदद से एक पृथ्वी का तापमान वाले ग्रह में पानी खोजा था.  यह के2-18 बी नाम के बाह्यग्रह अपने सूर्य से हैबिटेबस जोन यानि जीवन योग्य क्षेत्र वाली दूरी पर है. यहां पानी के तरल रूप में होने की पूरी संभावना है. लेकिन जीवन संभावनाओं की अन्य लक्षण यहां मिले हैं.

अपने सौरमंडल में ही है जीवन की तलाश
केवल बाह्य ग्रह ही नहीं वैज्ञानिकगण मंगल ग्रह और यहां तक कि शुक्र और बुध ग्रह पर भी जीवन की संभावनाओं को तलाश रहे हैं. अब हुए शोध यहां तक कहते हैं कि मंगल ग्रह पर कभी पानी का भंडार रहा होगा और इस बात की पूरी संभावना है कि अभी नहीं तो पहले कभी जीवन का कोई न कोई रूप इस लाल ग्रह पर जरूर रहा होगा.

NASA
नासा का केप्लर टेलीस्कोप दो साल पहलेही बंद हो गया था.


मंगल पर इंसान भेजने की है तैयारी
नासा अगले कुछ सालों में जहां चंद्रमा पर मानव बेस कैम्प बनाने की तैयारी कर रहा है तो वहीं वह मंगल ग्रह पर मानव भेजने की तैयारी भी कर रहा है. नासा मंगल पर एक रोवर पहले ही भेज चुका है और अगले साल वहां दूसरा रोवर भेजने की तैयारी में है.

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