Covid-19 से लड़ने के लिए NASA ने बनाया वेंटीलेटर, जानिए क्यों है यह खास

Covid-19 से लड़ने के लिए NASA ने बनाया वेंटीलेटर, जानिए क्यों है यह खास
नासा ने अपने परंपरागत काम से हट कर यह काम किया है.

नासा (NASA) ने वाइटल (VITAL) नाम का एक खास वेंटिलटर (Ventilator) बनाया है जो बनाने और उपयोग करने में आसान है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 24, 2020, 6:08 PM IST
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नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Corona virus) का असर दुनिया में कम होने का नाम नहीं ले रहा है.  इस वायरस ने लोगों के फेफड़ों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है. यहां तक गंभीर मामलों में लोगों को वेंटिलेटर (Ventilators) की जररूत पड़ने लगी. कई देशों में तो सैंकड़ों लोग वेंटिलेटर की कमी से ही मरे. मामले की गंभीरता को देखते हुए नासा (NASA) ने कोविड-19 मरीजों के लिए एक खास वेंटिलेटर बनाया है.

अमेरिका में हैं खतरनाक हालात
अकेले अमेरिका में अभी तक साढ़े आठ लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं जो दुनिया में फैले संक्रमक का लगभग एक तिहाई है. संक्रमण का यह सिलसिला तेजी से बढ़ता जा रहा है. ऐसे में नासा जिसने अभी तक इस महामारी के चलते अपना कोई काम बंद नहीं किया है, मदद के लिए आगे आया है और उसने खास वेंटीलेटर बनाया है.

क्या है यह नया वेंटिलेटर



नासा का यह नया वेंटीलेटर आसानी से बनाया जा सकने वाला हाई प्रेशर वेंटीलेटर है. यह आकार में छोटा होने के कारण उपयोग में आसान है. इसे खास तौर पर कोविड-19 मरीजों के लिए बनाया गया है.  इस उपकरण को वेंटीलेटर इंटरवेंशन टेक्नोलॉजी एक्सेसिबल लोकली यानि VITAL नाम दिया गया है. इस वेंटिलेटर ने न्यूयार्क स्थिति इकहान स्कूल ऑफ मेडिसिन में आवश्यक टेस्ट पास कर लिए हैं



Ventilator
वेंटिलेंटर पर बड़ी संख्या में कोरोना वायरस के मरीजों के मरने की घटनाएं सामने आई


किन मरीजों के लिए बनाया गया है यह
वाइटल को खासतौर पर उन मरीजों के लिए डिजाइन किया गया है जिनमें कोविड-19 के साधारण लक्षण  दिख रहे हैं.  इससे परंपरागत वेंटिलेटर की आपूर्ति के लिए दबाव नहीं पड़ेगा. ऐसे में गंभीर हालत वाले जमरीजों को परंपरागत वेंटिलेटर आसानी से उपलब्ध हो सकेगा.

अपनी इन विशेषज्ञताओं का किया  उपयोग
नासा जेट प्रपल्शन लैब (JPL) के निदेशक माइकल वाटकिंस ने कहा, “हमारी विशेषज्ञता चिकित्सकीय उपकरणों में नहीं स्पेसक्राफ्ट में हैं, लेकिन इसके अलावा हम शानदार इंजीनियरिंग, टेस्टिंग और रैपिड प्रोटोटाइप बनाने में महारत रखते हैं.  जेपीएल में हमारे लोगों को लगा कि वे मेडिकल कम्यूनिटी की मदद कर सकते हैं. वे मदद करने के लिए आगे आए.

टेस्ट के नतीजे उम्मीद के मुताबिक
इकहान स्कूल के एसोसिएट प्रोफेसर मैथ्यू लेविन ने भी टेस्ट के नतीजों से संतोष जताते हुए कहा, “हम अपनी ह्यूमन सिम्यूलेशन लैब में हुई जांच के नतीजों से बहुत खुश हैं. वेंटिलेटर के प्रोटोटाइप ने विभिन्न स्थितियों में उम्मीद के मुताबिक नतीजे दिए है. टीम को विश्वास है कि वाइटल वेंटिलेटर अमेरिका और पूरी दुनिया में कोविड-19 मरीजों को सुरक्षित वेंटिलेशन दे सकता है.”

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मरीज खुद से सांस नहीं ले सकते तो इस स्थिति में उन्हें वेंटिलेटर की जरूरत होती है.


क्या खास है VITAL में
वाइटल जल्दी बनाया जा सकता है. परंपरागत वेंटिलेटर की तुलना में इसका रखरखाव आसान होता है. इसके हिस्से भी काफी कम होते हैं. इसकी डिजाइन ऐसी है कि अस्थायी अस्पतालों की आवश्यकतानुसार इसमें बदलाव किया जा सकता है.  नासा के अनुसार ये सभी अभी के सक्षम निर्माताओं की सप्लाई चेन में उपलब्ध होंगे.

कैसे अलग है यह वेंटिलेटर
अन्य वेंटिलेटर की तरह वाइटल के उपयोग के लिए भी मरीजों की हालत स्थिर होना चाहिए और ऑक्सीजन नली के माध्यम से उन्हें सांस दिलवाई जाती है. बेशक यह उपकरण परंपरागत वेंटिलेटर का विकल्प नहीं है. परंपरागत वेंटिलेटर सालों तक चलते हैं और बहुत से चिकित्सकीय मामलों में उपयोगी होते हैं. वहीं वाइटल की उम्र केवल तीन चार महीने होती है. यह खास तौर पर केवल कोविड-19 मरीजों के लिए बनाया गया है.

यह उद्देश्य है वेंटिलेटर बनाने का
नासा की मुख्य स्वास्थ्य और चिकित्सकीय अधिकारी जेडी पोल्क का कहना है, “ आईसीयू में ऐसे कोविड19 मरीजों की संख्या बढ़ रही है जिन्हें वेंटिलेटर की जरूरत है. वाइटल बनाने केपीछे उद्देश्य है कि उन संभावित मरीजों की संख्या में कमी आ सके जिन्हें उच्चतर वेंटिलेटर सेवाओं की आवश्यकता पड़ सकती है. “

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