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जानिए नासा के हबल ने कैसे सुलझाया डार्क मैटर के गायब होने का रहस्य

दो साल पहले एक गैलेक्सी (Galaxy) से डार्क मैटर (Dark Matter) गायब होने का रहस्य हबल टेलीस्कोप (Hubble Telescope) ने सुलझाया. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)
दो साल पहले एक गैलेक्सी (Galaxy) से डार्क मैटर (Dark Matter) गायब होने का रहस्य हबल टेलीस्कोप (Hubble Telescope) ने सुलझाया. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

नासा (NASA) ने हबल टेलीस्कोप (Hubble Telescope) के इंस्टाग्राम अकाउंट में बताया है कि दो साल पहले एक गैलेक्सी (Galaxy) में डार्क मैटर (Dark Matter) गायब होने का कारण क्या था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 3, 2020, 6:44 AM IST
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हमारे खगोलविदों और वैज्ञानिकों के लिए हमारे ब्रह्माण्ड (Universe) का बहुत सारा भाग रहस्यमय है. ब्रह्माण्ड के इस 85 प्रतिशत हिस्से को उन्होंने डार्कमैटर (Dark Matter) नाम दिया है. यह उन कणों (Particle) को प्रदर्शित करता है जिन्हें विद्युत चुंबकीय (Electromagnetic) किरणों से अवलोकित नहीं किया जा सकता है. दो साल पहले वैज्ञानिकों ने यह पाया था कि उसमें डार्क मैटर के मौजूद होने के संकेत ही नहीं हैं. लेकिन अब नासा (NASA) के हबल टेलीस्कोप (Hubble Telescope) ने इस रहस्य को सुलझाने वाली कहानी इंस्टाग्राम पर शेयर की है.

क्या है डार्क मैटर की
डार्क मैडर वह पदार्थ होता है जिन पर और जिनका प्रकाश पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता. और जो प्रकाश को अवशोषित, परावर्तित और उतसर्जित नहीं कर सकते हैं. खगोलविद और वैज्ञानिक पूरे ब्रह्माण्ड के कणों को दो प्रकार में विभाजित करते हैं. एक दिखाई देने वाले पदार्थ जिसे विजिबल मैटर कहा जाता है और दूसरे डार्क मैटर. खगोलविदों को लंबे समय से ऐसा संकेत मिलते रहे हैं जिससे उन्हें लगता है कि ब्रह्माण्ड में डार्क मैटर की उपस्थिति अवश्य होनी चाहिए, लेकिन वे इसकी मौजूदगी प्रामाणिक तौर पर सिद्ध करने में सफल नहीं हो सके हैं.

गैलेक्सी में नहीं मिला डार्कमैटर?
बहुत से शोधों में कई उलझे हुए सवालों के जवाब डार्कमैटर की मौजूदगी के मानने से मिले हैं. वैज्ञानिकों में यह भी मान्यता रही है कि हर गैलेक्सी में काफी मात्रा में डार्क मैटर मौजूद होता है. लेकिन क्या हो अगर डार्क मैटर ही गायब हो जाए. यह बहुत ही अजीब बात लगती है, लेकिन साल 2018 में वैज्ञानिक तब हैरान हुए जब उन्हें पास की एक गैलेक्सी में डार्क मैटर कr मौजूदगी के अप्रत्यक्ष संकेत नहीं मिले.







हबल ने इंस्टाग्राम पर बताई कहानी
अब नासा के हबल टेलिस्कोप के आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल में एक कहानी शेयर की गई है जिसमें यह बताया गया है कि हबल ने इस रहस्य को कैसे सुलझाया है. यह मान्यता है कि डार्क मैटर गैलेक्सी की उत्पत्ति और विकास के लिए बहुत ही अहम हिस्सा है, लेकिन वह गैलेक्सी NGC 1052-DF2 में गैरमौजूद पाया गया. एक साल बाद यह रहस्य तब और ज्यादा गहरा गया जब खगलोविदों ने एक दूसरी गैलेक्सी NGC 1052-DF4 में से भी डार्कमैटर ‘गायब ही पाया’ गया जिसने वैज्ञानिकों को पूरी तरह से हैरान कर दिया. अब हबल टेलीस्कोप के जमा किए आंकड़ों ने खुलासा किया है कि डार्क मैटर क्यों गायब था.

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टाइडल डिस्रप्शन का प्रभाव
ऑस्ट्रेलिया की न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी की मिरेइया मोंटेस की अगुआई में अंतरराष्ट्रीय खगलोविदों की एक टीम ने डीप ऑप्टिकल इमेजिंग का उपयोग कर गैलेक्सी का अध्ययन किया. उन्होंने पाया टाइडल डिस्रप्शन का प्रभाव इस गायब डार्क मैटर के रहस्य की व्याख्या कर सकता है.  नासा की रिपोर्ट के मुताबिक पास की विशालकाय NGC 1035 गैलेक्सी का गुरुत्व प्रभाव 1052-DF4 गैलेक्सी को फाड़ रहा है. इस प्रक्रिया में डार्क मैटर हट रहा है जबकि तारों में इस प्रभाव का असर बहुत बाद में दिखाई देता है.

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गैलेक्सी (Galaxy) में डार्क मैटर (Dark Matter) की मात्रा तारों (Stars) की तुलना में काफी कम होती है. . (तस्वीर: @chandraxray)


हबल का उपयोग
इन गैलेक्सी के अध्ययन के लिए हबल टेलीस्कोप का उपयोग किया गया. उन्होंने गैलेक्सी के प्रकाश और उसके ग्लोबुलर क्लस्टर्स का अध्ययन कर उसके गुणों का अध्ययन किया. गैलेक्सी के प्रकाश से खगलोविदों को टाइडल टेल्स के प्रमाण मिलो तब बनीं जब पदार्थ NGC 1052-DF4 से दूर जाने लगा. चूंकी डार्क मैटर तारों की तुलना में बहुत कम मात्रा में होता है, वह गैलेक्सी से जल्दी दूर चला गया और इसीलिए गायब था.

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इस प्रक्रिया को जानने के बाद खगोलविदों को स्पष्ट हुआ कि वास्तव में डार्कमैटर गायब नहीं हुआ था बल्कि गैलेक्सी के दो भागों में विभक्त होने के साथ ही बंट गया था. डार्क मैटर की मौजूदगी की पता गुरुत्व के प्रभाव के जरिए अप्रत्यक्ष तौर पर होता है.
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