जानिए क्या कहती है NASA के Hubble Telescope की भेजी शनि ग्रह की तस्वीरें

जानिए क्या कहती है NASA के Hubble Telescope की भेजी शनि ग्रह की तस्वीरें
नासा के हबल की ताजा तस्वीर से शनि के बारे में काफी जानकारी मिलती है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)नासा के हबल की ताजा तस्वीर से शनि के बारे में काफी जानकारी मिलती है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

तस्वीर नासा के हबल टेलीस्कोप (Hubble Telescope) की भेजी शनि ग्रह (Saturn) की ताजा तस्वीरों से वहां के गर्मी के मौसम के बारे में पता चल रहा है.

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हमारे सौरमंडल (Solar system) के ग्रहों में से शनि ग्रह (Saturn) अपने छ्ल्लों (Rings) के लिए मशहूर है. इस ग्रह में बहुत सी बातें हैं जो हमारे खगोलविदों (Astronomers) का आकर्षित करती हैं. अंतरिक्ष में होने वाली विभिन्न घटनाओं के अवलोकन के लिए नासा ने की टेलीस्कोप लगाए हैं. इनमें से एक अंतरिक्ष में स्थित हबल टेलीस्कोप (Hubble Telescope) है. इस टेलीस्कोप ने शनि की तस्वीरें भेजी हैं.

शनि का गर्मी का मौसम
नासा ने हबल टेलीस्कोप से ली गई शनि की ताजा तस्वीरें हासिल की है जो इस ग्रह के गर्मी के मौसम के समय की झलक दिखाती हैं. इसी महीने ली गई ये तस्वीरें पृथ्वी से 83.9 करोड़ मील दूर स्थित यह गैसीय ग्रह की है.  शनिग्रह पर भी अलग अलग मौसम (Seasons) होते हैं. कई लोगों को लगता है कि पृथ्वी पर ही मौसमी परिवर्तन होते हैं लेकिन ऐसा नहीं है.

उत्तरी गोलार्द्ध में लाल रंग का धुंधलका
इन तस्वीरों में शनि के उत्तरी गोलार्द्ध में एक लाल रंग का शेड दिखाई दे रहा है. माना जा रहा है कि यह रंग संयोजन सूर्य की बढ़ी हुई रोशनी से पैदा हुई गर्मी के कारण बना है. नासा ने गुरुवार को जारी प्रेस रिलीज में कहा, “हबल से देखा गया यह दृश्य बहुरंगी बादलों को दर्शाता है जो सूर्य की सीधी रोशनी से गर्म हुए थे. ये तस्वीरें नासा के आउटर प्लैनेट्स एट्मॉस्फियर लेगेसी (OPAL) प्रोजेक्ट के तहत ली गईं हैं. इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य हमारे सौरमंडल के ग्रहों के वायुमंडल को समझना जिसमें वहां गैसों के विकास का अध्ययन भी शामिल है.



तस्वीर में शनि के दो चांद भी
हबल टेलीस्कोप ने इन तस्वीरों में शनि के चंद्रमाओं में दो की छोटे से चमकदार बिंदुओं की तरह अपनी तस्वीरों में कैद किया है. जहां मीमास शनि के दाएं तरफ दिखाई दे रहा हैतो वह एनक्लाडुल ठीक नीचे दिखाई दे रहा है. नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर की प्रमुख अन्वेषक, डि ऐमी समोन ने बताया कि पिछले कुछ सालों से हमने शनि में मौसमी परिवर्तन देखे हैं.



खूबसूरत छल्लों का नजारा
इसके अलावा इस तस्वीर में हबल ने शनि ग्रह के मशहूर छल्लों (Rings) की भी तस्वीरें ली हैं. ये छल्ले बर्फ के टुकड़ों से बने हैं जो रेत के कण के आकार से लेकर विशाल शिलाओ के आकार के हैं. ये छ्ल्ले कैसे बने यह आज भी हमारे सौरमंडल के सबसे बड़े रहस्यों में से एक है.

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कैसे बने ये छ्ल्ले
माना जाता है कि ये छ्ल्ले शनिग्रह के निर्माण के समय से ही मौजूद हैं जो कि चार अरब साल पहले बना था. लेकिन ये बर्फ के टुकड़े बहुत चमकीले दिखाई देते  हैं, इसके कारण कई लोगों का यह भी मानना है कि यह पृथ्वी पर डायनासोर के युग के समय बने हो सकते हैं. बहुत से खगोलविदों का यह मानना है कुल ही करोड़ साल पहले इन छल्लों के निर्माण की संतोषजनक व्याख्या नहीं हो सकी है.

Saturn
शनि ग्रह के आसपास सजे बर्फ के इन छल्लों को सौरमंडल की चंद सबसे आकर्षक और रहस्यमयी चीजों में माना जाता है (Photo-pixabay)


खत्म हो जाएंगें छल्ले के टुकड़े
बर्कले की कैलीफोर्निया यूनिवर्सिटी कीटीम के सदस्या माइकल वोगं का करना है, “नासा के कैसिनी अंतरिक्षयान की गणनाएं बताती है कि छ्ल्ले में मौजूद छोटे कण शनि के वायुमंडल में गिर रहे हैं. इससे पता चलता है कि वे 30 करोड़ साल से ज्यादा समय तक नहीं रह पाएंगे. इस दलील के आधार पर इस रिंग सिस्टम की कम उम्र के होने का पता चलता है.”

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हबल टेलीस्कोप नासा और यूरोपीय स्पेस ऐजेंसी (ESA) का संयुक्त अंतरराष्ट्रीय उपक्रम है. मैरलैंड, ग्रीनबेल्ट स्थिति नासा का गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर इस टेलीस्कोप का प्रबंधन देखता है. जबकि स्पेस टेलिस्कोप साइंस इंस्टीट्यूट बाल्टिमोर इसका संचालन करता है.
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