नासा देगा 5 लाख डॉलर, देने होंगे अंतरिक्ष में भोजन उत्पादन के नए आइडिया

नासा (NASA) मंगल (Mars) के लिए लंबे अभियानों में अपने यात्रियों के लिए भोजन की समस्या (Food Problem)का समाधान चाहता है.  (तस्वीर: Pixabay)

नासा (NASA) मंगल (Mars) के लिए लंबे अभियानों में अपने यात्रियों के लिए भोजन की समस्या (Food Problem)का समाधान चाहता है. (तस्वीर: Pixabay)

नासा (NASA) अपने मंगल ग्रह (Mars) के लंबे अंतरिक्ष अभियानों (Long Space Hauls) के यात्रियों के लिए भोजन की समस्या (Food problems) के समाधान लोगों से मांग रहा है. इस चैलेंज (Challenge) के लिए वह 5 लाख डॉलर देने को तैयार है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 5, 2021, 8:05 PM IST
  • Share this:
अगर अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के दूरगामी लक्ष्य की बात करें तो वह है मंगल (Mars) के लिए मानव अभियान. नासा फिलाहाल अपने आर्टिमिस मिशन (Artemis Mission) की जो तैयारी कर रहा है वह उसी की तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है. मंगल और उसके जैसे लंबे अंतरिक्ष अभियानों (Long Space Missions) के लिए एक बड़ी चुनौती एस्ट्रोनॉट के लिए भोजन की व्यवस्था करना है. नासा ने इस समस्या के समाधान के लिए लोगों के लिए एक चैलेंज रखा है.

क्यों चुनौतीपूर्ण हैं मंगल की यात्रा

पृथ्वी  से मंगल की दूरी 11.4 करोड़ किलोमीटर है. वैसे तो इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में कई तरह के पौधे उगाए गए हैं जो लंबी अंतरिक्ष यात्रा के दौरान उगाए जा सकते हैं.  वहां आसान से भोजन भेजा जा सकता है, लेकिन मंगल जैसे ग्रह के लिए यात्रा बहुत दूर की और लंबी होगी जहां सामान ले जाना यान का भार ही बढ़ाएगा. ऐसे में  इसका एकमात्र उपाय यात्रा के दौरान भोजन के उत्पादन की क्षमता विकसित करना होगा.

इन लोगों के लिए चैलेंज
इस चुनौती से  उबरने के लिए नासा ने आंत्रप्रेन्योर, कॉलेज के छात्रों शौकिया निवेशकों और अन्य लोगों के लिए एक चैलेंज रखा है. होस्टन में नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर पर एडवांस्ड फूड टेक्नोलॉजी की प्रमुख वैज्ञानिक ग्रैस डगलस ने द जर्नल ऑफ न्यूट्रीशन के लेख में लंबे अंतरिक्ष अभियानों के लिए फूट तकनीकी की जरूरतों की रूपरेखा बताई.

भोजन एक प्रमुख चुनौती

डगलस और उनके सहलेखकों के मुताबिक सबसे अहम मुद्दा जीवन कायम रखना होगा. मानव इतिहास में खोजकर्ताओं ने यह देखने लिए यात्राएं की हैं कि क्षितिज के आगे क्या है, लेकिन लाखों लोग वास्तव में आहार और पोषण की नाकामी की वजह से नहीं लौट पाए.



, NASA, Mars, Food production in space, Long Space journeys, NASA Challenge, Food problems in Space,
मंगल (Mars) पर जाने के लिए दो साल का समय लग सकता है. इसके लिए पृथ्वी (Earth) से भोजन ले जाने मुफीद नहीं होगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


खाना बनाने में मुश्किल

मुश्किल यह है कि पृथ्वी पर खाना बनाने की जिन प्रक्रियाओं पर हम निर्भर हैं वे बहुत से कारकों पर बहुत ज्यादा निर्भर करती है जैसे गुरुत्व, वायुमंडल, वायुमंडलीय दाब, और यहां तक कि कुछ सूक्ष्मजीवी भी. अंतरिक्ष यानों में इनकी जगह माइक्रोग्रैविटी, संसाधनों की कमी,  कैबिन के दबाव में उतार चढ़ाव, अनियंत्रित विकिरण जैसे कारक भोजन को तैयार करने की प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए रहेंगे.

दूसरे ग्रहों पर जाकर प्राणियों की तरह खुद का विकास कर सकेंगे रोबोट

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में भोजन

अभी तक अंतरिक्ष में भोजन होता रहा है वह पहले से पैक किए हुए भोजन को गर्म करने या फिर उसमें पानी मिलाने से तैयार होता था. जब पृथ्वी से आए ताजा उत्पाद उसमें मिलते हैं तो वह सिस्टम बहुत अच्छे से काम करता है. लेकिन यह मंगल के लिए दो साल की यात्रा के लिए उपयोगी नहीं होगा. डगलस और उनके साथी एक व्यवहार्य समाधान की तलाश में है जिससे मंगल यात्रियों के लिए  सुरक्षित, स्थायी, रुचिकर, और विश्वसनीय भोजन मिल सके जो कम से कम साधनों, पर्यावरण बाधाओं, और कम खचरा पैदा करने वाला हो. इसमें यात्रियों के सूक्ष्मपोषण की सभी जरूरतों की पूर्ति हो सके.

, NASA, Mars, Food production in space, Long Space journeys, NASA Challenge, Food problems in Space,
मंगल (Mars) पर जाते समय यात्रियों को मनोवैज्ञानिक चुनौतियों का भी सामना करना होगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


मानसिक स्वास्थ्य भी चुनौती

इतना काफी नहीं होगा. मंगलयात्रियों के मानसिक स्वास्थ्य को कायम कर रखना भी एक चुनौती होगी. ऐसे मिशन में तनाव, कार्य का बोझ,  और एकांत से पैदा हुई समस्याओं से निपटना भी यात्रियों के लिए एक बड़ी चुनौती होगी. स्वादिष्ट खाना ही काफी नहीं होगा, विविधता की भी जरूरत होगी.

नासा से सात साल पहले मंगल पर इंसानों को भेजने लगेंगे एलन मस्क, बताई टाइमलाइन

इस चुनौती से निपटने के लिए नासा अपने डीप स्पेस फूड चैलेंज के जरिए क्राउडसोर्सिंग समाधान तलाश रहा है. नासा ने इसके लिए 5 लाख डॉलर का पुरस्कार रखा है. डगलस का कहना है कि नासा के पास वैसे तो इस क्षेत्र में जरूरी जानाकरी और क्षमता है, लेकिन नासा नवाचार चाहता है. अलग अलग क्षेत्रों के लोग इसमें बेहतरीन समाधान सुझा सकते हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज