नासा चांद से वापस लायेगा मल-मूत्र के ढेरों बैग, इन पर करेगा खास प्रयोग 

पांच साल बाद नासा का जो अलग मिशन चांद पर जाएगा, वो अपने साथ मनुष्यों को लेकर जाएगा.

News18Hindi
Updated: April 12, 2019, 11:37 AM IST
नासा चांद से वापस लायेगा मल-मूत्र के ढेरों बैग, इन पर करेगा खास प्रयोग 
पांच साल बाद नासा का जो अलग मिशन चांद पर जाएगा, वो अपने साथ मनुष्यों को लेकर जाएगा.
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Updated: April 12, 2019, 11:37 AM IST
चांद पर इस बार जब नासा का यान उतरेगा तो अपनी वापसी में वहां से ऐसे बैग लेकर लौटेगा, जो हैरत भरे ही कहे जा सकते हैं. इन बैगों को धरती पर लाकर वो उन पर ऐसे प्रयोग करेगा, जिससे उसे उम्मीद है कि चांद पर जीवन का पता लगाया जा सकेगा.

वैज्ञानिक चाहते हैं कि अंतरिक्ष यात्रियों की ओर से चांद पर छोड़े गए अपशिष्ट को वापस लाएं ताकि उनका उनका परीक्षण कर जीवन की संभावनाएं तलाशी जा सकें. उल्लेखनीय है कि मानव अपशिष्ट का 50 प्रतिशत बैक्टीरिया से बना होता है. मानव आंतों में 1000 से भी ज्यादा माइक्रोब्ज होते हैं.

चांद पर मानव के उतरने के 50 साल हो रहे हैं

चांद पर मानव के पहले कदम को करीब 50 साल होने जा रहे हैं. नील आर्म्सट्रॉन्ग के पहली बार चांद पर उतरने के साथ ही मानव का एक बहुत बड़ा सपना पूरा हुआ था. जब पहली बार नासा का यान मनुष्यों के साथ वहां उतरा, तो ये बहुत बड़े अजूबे की तरह था. इसके बाद से जब भी अंतरिक्ष यात्री चांद से लौटे तब वो अपने साथ मिट्टी, पत्‍थर और कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी साथ लाये. लेकिन अब नासा के वैज्ञानिकों को एक ऐसी चीज चांद से चाहिए, जो चौंकाने वाली है.

नासा ने अब तक छह सफल अपोलो मिशन को अंजाम दिया है. इस दौरान अंतरिक्ष यान को चांद पर छह अलग अलग स्‍थानों पर उतारा गया. अंतरिक्ष यात्रियों ने अपने गंदे डाइपर्स के 96 बैग वहां पर छोड़े थे. जिन्हें अब वापस लाया जाएगा. अब तक कुल 12 अंतरिक्ष यात्री चांद की सतह पर अब तक उतर सके हैं. गौरतलब है कि चांद का सामान्य तापमान 170 से 156 डिग्री के बीच होता है.



क्या चाहता है नासा
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इन बैग में मौजूद अपशिष्ट के अध्ययन से वैज्ञानिक यह जानना चाहते हैं कि क्या उसमें मौजूद बैक्टीरिया अब भी जीवित हैं या फिर भविष्य में कभी एक्टिव हो सकते हैं. वैज्ञानिकों के अनुसार यदि वेस्ट बैग सख्त हो गए हैं तो उसमें अभी भी बैक्टीरिया हो सकते हैं. यदि सभी बैक्टीरिया मर गए हैं तो यह पता लगाया जा सकता है कि वे कितने समय तक चांद पर जीवित रह सके थे. इस अध्ययन से धरती पर जीवन की शुरुआत और चांद पर जीवन की संभावना संबंधी कई जवाब मिलने की आशा है.

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अंतरिक्ष यात्रियों  ने क्यों छोड़े बैग 
अंतरिक्ष यात्रियों को चांद पर कुछ भी सामान छोड़ने की अनुमति नहीं होती है. इसी के चलते नासा ने विशेष एस्ट्रोनॉट सूट तैयार किए थे जिनमें डायपर भी था. जिन्हें उन्हें वापस लेकर आना था. चूंकि अंतरिक्ष यान पर एक निश्‍चित वजन को लेकर ही पृथ्वी पर लौट सकता है, जिस वजह से वो हर बार मिट्टी-पत्थर के सैंपल लाने को प्राथमिकता देते थे और मलमूत्र के बैग वहीं छोड़ आते थे.

ट्रंप प्रशासन ने दिखाई थी तेजी
सत्ता में आने के बाद ही ट्रंप प्रशासन ने नासा के मून मिशन प्रोग्राम को तेजी से आगे बढ़ाया था. इसके लिए 2024 तक चांद की सतह पर लैंड करने की डेडलाइन रखी गई है. इस दौरान ही यह बैग लाए जाएंगे.

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