भारतीय मूल की लड़की ने दिया मंगल हेलीकॉप्टर को नाम, जानिए नासा ने कैसे चुना

भारतीय मूल की लड़की ने दिया मंगल हेलीकॉप्टर को नाम, जानिए नासा ने कैसे चुना
वनीजा ने नेम द रोवर प्रतियोगिता जीती थी.

नासा (NASA) ने मंगल (Mars) पर भेजे जा रहे अपने हेलीकॉप्टर को भारतीय मूल की लड़की वजीना रूपाणी का सुझाया नाम दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 30, 2020, 7:53 PM IST
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नई दिल्ली: अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा (National Aeronautics and Space Administration) जोर शोर से मंगल के लिए अपना दूसरा रोवर भेजने की तैयारी कर रही है. इस रोवर के साथ वह एक हेलीकॉप्टर भी भेजने की तैयारी में है. यह छोटा हेलीकॉप्टर मंगल ग्रह की सतह के ऊपर उड़ान भरेगा. नासा ने उस हेलीकॉप्टर का नाम भारतीय मूल की लड़की के सुझाव पर रखा है.

कौन है यह भारतीय मूल की लड़की
यह 17 साल की भारतीय मूल की लड़की वनीजा रूपाणी है जिसके सुझाव पर नासा ने अपने हेलीकॉप्टर का नाम रखा है. वनीजा अमेरिका के अलाबामा के नॉर्थपोर्ट के हाई स्कूल जूनियर में हैं. उन्हें यह सम्मान नासा की ओर से आयोजित 'नेम द रोवर' प्रतियोगिता जीतने के बाद मिला, जिसमें उन्होंने अपना निबंध दिया था.

क्या नाम दिया गया है इस हेलीकॉप्टर को
जैसा कि वनीजा ने सुझाया था अब नासा के मंगल हेलीकॉप्टर का आधिकारिक नाम इंजेन्यूटी (Ingenuity) रखा है. यह किसी दूसरे ग्रह पर उड़ान भरने वाला पहला हेलीकॉप्टर होगा. इसी साल मार्च में ही नासा ने घोषणा की थी कि वह मंगल पर भेजे जाने वाले अपने अगले रोवर का नाम पर्सवियरेंस रखेगा. यह नाम सातवें सिकंदर (एलेक्जेंडर) की मां के निबंध के आधार पर रखा गया है. उसी पर्सिवियरेंस के साथ मंगल पर यह हेलीकॉप्टर भी जाएगा और वहां उड़ान भरेगा.



क्या कहा नासा ने अपने ट्वीट में
नासा ने अपने ट्वीट में कहा, “हमारे मंगल हेलीकॉप्टर का नया नाम है. मिलिए इंजेन्यूटी से. छात्रा वनीजा रूपाणी ने रोवर प्रतियोगिता जीतने के साथ ही इसे यह नाम दिया. इंजेन्युटी लाल ग्रह पर पर्सिवियरेंस के साथ जाएगा और वहां दूसरे संसार में उड़ान भरेगा.”
कब मंगल के लिए जाएगा यह हेलीकॉप्टरनासा इसी साल जुलाई में यह हेलीकॉप्टर पर्सिवियरेंस के साथ मंगल तक पहुंचने के लिए प्रक्षेपण करेगा. पर्सवियरेंस 18 फरवरी 2020 को मंगल की सतह पर उतरेगा. इसी के साथ इंजेन्यूटी भी मंगल की सतह पर पहुंच जाएगा.
एक करोड़ नाम भी भेजे जा रहे हैं मंगल पर
इतना ही नहीं इस बार नासा एक करोड़ से ज्यादा नाम पर्सिवियरेंस के साथ मंगल पर भेज रहा है. इन नामों को एक खास सिलिकॉन चिप्स पर इलोक्ट्रॉनिक बीम से अंकित किया गया है. यह चिप एक प्लेट में लगाई जाएंगी  जिसमें लेजर से पृथ्वी और मंगल ग्रह को एक तारे से जुड़ता हुआ दिखाया जाएगा जो दोनों को रोशनी देते दिखेगा. यह इस बात को प्रदर्शित करेगा कि रोवर दोनों ग्रह को जोड़ता दिखाई दे रहा है. यह वायजर्स 1 और 2 के शानदार सफर को भी एक श्रद्धांजलि होगी.

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