क्षुद्रग्रह से नमूने लेकर पृथ्वी की ओर वापसी की ओर चला नासा का ओसाइरस

नासा (NASA) का ओसाइरस यान (ORISIS REx) बेनू क्षुद्रग्रह (Bennu Asteroid) से नमूने लेकर पृथ्वी की ओर वापसी पर है. (तस्वीर: @OSIRISREx)
नासा (NASA) का ओसाइरस यान (ORISIS REx) बेनू क्षुद्रग्रह (Bennu Asteroid) से नमूने लेकर पृथ्वी की ओर वापसी पर है. (तस्वीर: @OSIRISREx)

नासा (NASA) को ओसाइरस यान (OSIRIS-REx ) बेनू क्षुद्रग्रह (Bennu Asteroid) से नमूने जमा करने के बाद अब पृथ्वी की ओर वापस चल पड़ा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 31, 2020, 7:46 PM IST
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नासा (NASA) ने बताया है कि उसका OSIRIS-REx अंतरिक्ष यान ने अपने अभियान का सबसे चुनौतीपूर्ण कार्य कर पूरा कर लिया है. इस यान ने अपने अभियान के सबसे अहम हिस्से के तौर पर बेनू क्षुद्रग्रह Bennu Asteroid) से सफलतापूर्वक नमूने निकाल लिए हैं. नासा का कहना है कि अब ओसाइरस आरईएक्स पृथ्वी की ओर वापस आ रहा है.

वापसी के निर्देश
इस अभियान की टीम ने ओसाइरस आरईएक्स को निर्देश दिया कि वह अपने सैंपल रिटर्न कैप्सूल (SRC) को बंद कर दे. नासा ने नमूने लाने का अपने इस अभियान को तेज गति दे दी थी. पहले इस यान को दो नवंबर को SRC में नमूने जमा करना था, लेकिन यह काम 22 अक्टूबर को ही सफलतापूर्वक कर लिया गया.

क्षमता से ज्यादा नमूने
इस कार्य के दौरान यान ने निर्धारित 60 ग्राम की क्षमता से ज्यादा ही नमूने बेनू की सतह से 3.4 मीटर लंबे रोबोटिक हाथ के जरिये जमा कर लिए. अभियान की टीम ने तय किया कि नमूने कम कर दिए जाएं जिससे के नमूनों को कोई नुकसान न हो सके.



नासा के लिए खास क्यों
नासा के प्रशासक जिम ब्रिडेनस्टीन ने कहा, “नासा और दुनिया के लिए OSIRIS-Rex की यह खास उपलब्धि है. इसने हमारे विजन को ऊंचा उठाया है जिससे हम अब सभी इंसान एक टीम और राष्ट्र मिल कर बड़े काम कर सकते हैं.” ब्रिडेन्स्टीन ने कहा, ‘इस तरह के नमूने हमारी ब्रह्माण्ड की और खुद हमारी जानकारी को बदलने वाले हैं. यही नासा के सभी प्रयासों के आधार है.
अब यह इंतजारनासा ने बताया 28 अक्टूबर को बेनू से लिए गए नमूने सुरक्षित कर लिए गए थे और पृथ्वी की ओर वापसी के लिए तैयार थे. टक्सन के एरिजोना यूनिवर्सटी में OSIRIS-REx के प्रमुख अन्वेषणकर्ता दान्ते लॉरेटा ने कहा, “मैं हमारी शुक्रगुजार हूं कि हमारी टीम ने इस नमूनों को निकालने के लिए कड़ी मेहनत की और उन्होंने इस जल्दी से हासिल भी किया. अब हम इन नमूनों के पृथ्वी पर आने का इंतजार कर रहे हैं.”जानिए शनि के टाइटन के वायुमंडल पर मिला यह अणु क्यों है अजीबपृथ्वी पर कब तकOSIRIS-REx टीम का ध्यान अब अभियान के अगले दौर पर है यानि कि नमूनों के पृथ्वी पर लौटने पर हैं.  OSIRIS-REx अब मार्च 2021 तक पृथ्वी की जद में आ सकेगा जिसने घरवापसी की यात्रा शुरू कर दी है. इसके पृथ्वी पर 24 सितंबर 2023 को पहुंचने की उम्मीद है.


आसान नहीं था नमूने लेना
बेनू से नमूना हासिल करना आसान काम नहीं था. इस नाजुक भरा काम दो दिन तक चला जिसमें टीन को अपने हर कदम को प्रक्रिया के पिछले कदम से संयोजित करना था. ओराइसिस 32 पृथ्वी से  करोड़ किलोमीटर दूर है. इसलिए एक निर्देश को वहां तक पुहंचाने के लिए 18.5 मिनट लग रहे थे और यान से भी संकेतों को पृथ्वी तक आने में इतना ही समय लग रहा था.

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बेनू क्षुद्रग्रह में ऐसे पदार्थ मिले हैं जो जीवन के लिए आधारभूत पदार्थ माने जाते हैं. इनमें कार्बन के वे पदार्थ हैं जो पृथ्वी पर बाद में जैविक पदार्थों में विकसित हुए थे. इसके अलावा यह बेनू दो क्षुद्रग्रहों या पिंडों से टकराकर बना है और इस छोटे से क्षुद्रग्रहों में दो अलग अलग संरचनाएं साफ दिखाई देती हैं.
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