NASA ने पेश की मंगल पर रोबोट वाले कुत्ते भेजने की योजना, जानिए इसकी अहमियत

ये रोबोटिक डॉग्स (Robotics) मंगल (Mars) पर ऐसे काम कर सकते हैं जो रोवर (Rovers) के लिए कर पाना नामुमिकन हैं.

ये रोबोटिक डॉग्स (Robotics) मंगल (Mars) पर ऐसे काम कर सकते हैं जो रोवर (Rovers) के लिए कर पाना नामुमिकन हैं.

नासा ने आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) से युक्त रोबोटिक डॉग्स (Robotic Dogs) को मंगल ग्रह (Mars) पर भेजने की योजना पेश की है. यह उसके मंगल ग्रह के अभी की योजनाओं में शामिल नहीं था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 19, 2020, 7:43 PM IST
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नासा (NASA) का पर्सिवियरेंस रोवर (Perseverance) मंगल ग्रह (Mars) की राह पर है और वह अगले साल फरवरी में वहां की धरती पर उतरेगा. इससे पहले भी नासा कुछ रोवर मंगल पर भेज चुका है. और वह अगले दशक में मानव को भी मंगल पर भेजने के लिए काम शुरू कर चुका है. लेकिन उससे पहले वह एक रोबोटिक कुत्ते (Robotic Dog) को भी मंगल पर भेजना चाहता. हाल ही में नासा ने इस बात का खुलासा किया है.

रोबोटिक डॉग ही क्यों

माना जा रहा है कि नासा का यह रोबोटिक डॉग ऐसे काम कर सकेगा जो उसके पिछले भेजे रोवर्स से नहीं हो पाया है. मार्स डॉग प्रोजेक्ट के अंतर्गत ये चार पैरों वाले आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस से युक्त ये रोबोट लाल ग्रह की मुश्किल जमीन और जमीन के नीचे की गुफाओं में जाएंगे. यह काम अभी तक किसी तरह के रोवर नहीं कर सकते थे.

नासा ने पेश की योजना
कैलिफोर्निया में नासा की फील्ड सेंटर, जेट प्रपलशन लैबोरेटरी (JPL) के वैज्ञानिकों ने अमेरिकन जियोफिजिकल यूनियन (AGU) की वार्षिक मीटिंग में सोमवार को ही मार्स डॉग्स की योजना को पेश किया. सूत्रों के मुताबिक ये रोबोट उसी तरह से काम करेंगे जैसे की मंगल पर भेजे गए पहियों वाले स्पिरिट, ऑपर्च्युनिटी, क्योरोसिटी और पर्सिवियरेंस रोवर काम करते हैं.

रोवर्स की कमी को करेंगे पूरी

फिर भी ये मार्स डॉग्स काफी कुछ ऐसा कर सकेंगे जो दूसरे रोवर यहां तक कि पर्सवियरेंस भी नहीं कर सकते हैं. ये डॉग्स ऐसी जगह जा सकते हैं जहां जाना इन रोवर के लिए नामुमकिन है. इसके अलावा रोवर्स को ऐसा डिजाइन किया गया है और उनके काम भी ऐसे ही हैं कि उन्हें बहुत दूर दूर तक नहीं जाना है और ना ही उन्हें कुछ खोजना है.



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नासा (NASA) की मंगल (Mars) को लेकर किसी योजना में रोबोटिक डॉग(Robotic Dog) जिक्र समाने नहीं आया है. . (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


यह काम कर सकेंगे रोबोट

एजीयू के वैज्ञानिकों के मुताबिक ये नए रोबोट काफी चुस्त और क्षमतावान होंगे और लाल ग्रह के मुश्किल जमीनी हालात में मिशन पूरा करने के लिए विश्वस्नीय साबित होंगे. इसके अलावा रोबोट में मौजूद सेंसर्स उनके रास्ते में आने वाली बाधाओं को पार करने में मददगार होंगे. वे बहुत सारे रास्तों में से एक का चुनाव कर सकेंगे, अपने घरेलू बेस के ऑपरेटर्स के लिए दबी हुई सुरंगों और कंदराओं  के नक्शे बना सकेंगे.

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एक उन्नत रोबोट

इस स्वचालित मंगल के लिए खास तौर से विकसित किए गए प्राणी को ऑ-स्पॉट (Au-Spot) नाम दिया गया है. यह एक चार पैरों वाली यांत्रिक अन्वेशी स्पॉट नाम के रोबोट का उन्नत संस्करण है. स्पॉट मूल रूप से बोस्टन डायनामिक्स नाम की रोबोटिक कंपनी का बनाया रोबोट है जो किसी इलाके में फुर्ती से आवाजाही कर सकता है.

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रोवर (Rovers) में आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) से युक्त रोबोटिक डॉग(Robotic Dog) की क्षमताएं नहीं हैं. (तस्वीर: NASA JPL)


ये क्षमताएं दी गई हैं इसे

ऑ-स्पॉट (Au-Spot) को विकसित करने वाली टीम में नासा, कुछ यूनिवर्सिटी और उद्योगों के करीब 60 वैज्ञानिक और इंजीनियर थे. इसमें नेटवर्क सेंसर और सॉफ्टवेयर लगाए गाए हैं जो उसे वातावरण में सुरक्षित रूप से स्वचलित तौर से स्कैन करने, चलने फिरने, और नक्शा बनाने की क्षमता प्रदान करते हैं.

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सच्चाई यह है कि अभी तक मंगल पर भेजे गए रोवर्स समतल जमीन पर चल सकते हैं लेकिन बहुत अधिक ऊबड़ खाबड़ जमीन पर नहीं.  रोबोटिक डॉग्स बहुत ही ऐसे जमीनी इलाकों में जा सकेंगे जो वैज्ञानिकों के बहुत अच्छे नतीजे दे सकते हैं. अगर रोवर किसी वजह से पलट गए तो वे सीधे नहीं हो सकते, लेकिन रोबोटिक डॉग्स के साथ ऐसा नहीं हैं. फिर  भी नासा ने यह नहीं बताया है कि वह इसे कब तक मंगल पर भेजने का इरादा बना रहा है.
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