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मंगल ग्रह पर जाएंगे एक करोड़ से ज्यादा नाम, नासा ने पूरी कर ली है तैयारी

Vikas Sharma | News18Hindi
Updated: March 28, 2020, 5:55 PM IST
मंगल ग्रह पर जाएंगे एक करोड़ से ज्यादा नाम, नासा ने पूरी कर ली है तैयारी
इस बार मंगल पर अमरीकी रोवर के साथ 1.09 करोड़ नाम भी जाएंगे.

नासा 2021 में अपना रोवर मंगल ग्रह पर उतारने की तैयारी कर रहा है. नासा ने सिलिकॉन चिप्स के जरिये रोवर पर एक करोड़ से भी ज्यादा लोगों के नाम लगाए हैं.

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  • Last Updated: March 28, 2020, 5:55 PM IST
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नई दिल्ली: दुनिया एक तरफ कोरोना वायरस (Corona Virus) से जूझ रही है तो वहीं अमेरिका के नासा वैज्ञानिक मंगल ग्रह के अभियान कार्यक्रम को कायम रखे हुए हैं. इस साल गर्मियों में मंगल ग्रह के लिए एक और रोवर भेजने की नासा की तैयारी तय कार्यक्रम के मुताबिक जारी है. नासा करीब एक करोड़ लोगों के नाम भी इस रोवर के साथ मंगल ग्रह पर भेजने की तैयारी पूरी कर चुका है. नासा ने ‘सेंड यूअर नेम टू मार्स’ (अपना नाम मार्स को भेजें) अभियान में दुनिया भर के लोगों को अपने नाम भेजने को कहा था. इनमें से चुनिंदा नामों को नासा मार्स के लिए अपने अगले अभियान में भेजने की योजना बना रहा है. अभी तक करीब 10,932,295 लोगों ने अपने नाम भेजे हैं.

इस तरह से चिप्स में लिखे गए हैं ये नाम
ये नाम सिलिकॉन चिप्स पर इलोक्ट्रॉनिक बीम से अंकित किए जा चुके हैं.  इनके साथ ही ‘नेम द रोवर’ नाम की निबंध प्रतियोगिता के 155 अंतिम प्रतिभागियों के भी नाम इसमें अंकित किए जा चुके हैं.  इसके बाद फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सैंटर इन चिप्स को 16 मार्च को नासा के पर्सवियरेंस मार्स रोवर (Perseverance Mars rover) में एल्यूमीनियम की प्लेट से जोड़ दिया गया है. पर्सवियरेंस को इसी साल गर्मी के मौसम में ही इसे प्रक्षेपित करने की तैयारी है. यह 18 फरवरी 2021 को मार्स के जेजेरो कार्टर पर उतरेगा.

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प्लेट में पृथ्वी मंगल को जोड़ता दिखाएगा रोवर
 पर्सवियरेंस एक खास प्लेट पर तीन चिप लगाई जाएंगी जिसमें लेजर से पृथ्वी और मंगल ग्रह को एक तारे से जुड़ता हुआ दिखाया जाएगा जो दोनों को रोशनी देते दिखेगा. यह इस बात को प्रदर्शित करेगा कि रोवर दोनों ग्रह को जोड़ता दिखाई दे रहा है. यह वायजर्स 1 और 2 के शानदार सफर को भी एक श्रद्धांजलि प्रदर्शित करेगा. यह प्लेट रोवर के पीछे की क्रॉस बीम पर लगाई जाएगी जिससे वह पर्सवियरेंस के खंबों पर लगे कैमरों से साफ दिखाई दे.

कोरोना वायरस की वजह से कोई असर नहीं कार्यक्रम पर
अभी तक कोरोना वायरस के प्रसार का असर रोवर के प्रक्षेपण कार्यक्रम पर नहीं पड़ा है. पर्सवियरेंस की एसेंबली, टेस्ट और लॉन्च ऑपरेशन टीम ने हाल ही अपने बाकी कामों के साथ अन्य कार्यों के साथ नामों को चिप्स पर अंकित और चिप्स को प्लेट पर लगाने काम भी किया है.  21 मार्च से रोवर को एटलस-5 रॉकेट पर पहुंचाने का काम शुरू हो जाएगा. इसमें रोबोट की भुजा को लादना, हाई गेन एंटीना और रिमोट सेंसिंग के खंबे को सही जगह पर लॉक करना और रोवर के पैर और पहियों को वापस सही पोजीशन पर लाना शामिल हैं.

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मंगल ग्रह पर पर्सवियरेंस एक रोबोट वैज्ञानिक की तरह काम करेगा(तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है.)


क्या है पर्सवियरेंस रोवर
पर्सवियरेंस रोवर करीब 2,300 पाउंड ( 1,043 किलोग्राम)  वजन का रोबोटिक साइंटिस्ट है. यह मंगल पर पूर्व सूक्ष्म जीवन, मंगल के पर्यवारण और भूविज्ञान का चित्रण,  भविष्य में पृथ्वी पर वापसी के लिए नमूने जमा करने, और मानव की मंगल ग्रह पर यात्रा करने के लिए जरूरी और संभव मदद करेगा.  मंगल के पर्सवियरेंस  रोवर को बनाने और उसके कामों के संचालन के लिए पसादेना की कालटेक का जेपीएल एजेंसी काम कर रही है. इसका फ्लोरीडा में कैनेडी स्पेस सेंटर में लॉन्च सर्विस प्रोग्राम चल रहा है. रोवर के प्रक्षेपण की जिम्मेदारी इसी की है.

लंबी योजना है नासा की
मंगल 2020 प्रोजेक्ट के तहत पर्सवियरेंस रोवर एक बड़ा कार्यक्रम है.  इस कार्यक्रम में  रोवर प्रक्षेपण के अलावा मंगल ग्रह पर मानव भेजने का कार्यक्रम भी शामिल है. नासा का लक्ष्य 2024 तक एस्ट्रोनॉट्स को चांद पर लौटाने के है. इसके बाद नासा की योजना है कि वह मानव को लंबे समय तक चांद पर ठहरा सके. ऐसा वह आर्टिमस लूनार कार्यक्रम के तहत वह 2028 तक करना चाहता है.

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First published: March 28, 2020, 2:24 PM IST
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