नासा के SLS रॉकेट का हुआ सफल परीक्षण, जानिए क्या हैं इसके मायने

नासा (NASA) के एसएलएस (SLS) का हॉट फायर इंजन परीक्षण दूसरे प्रयास में पूरी तरह सफल रहा. (तस्वीर: NASA TV)

नासा (NASA) के एसएलएस (SLS) का हॉट फायर इंजन परीक्षण दूसरे प्रयास में पूरी तरह सफल रहा. (तस्वीर: NASA TV)

नासा (NASA) के आर्टिमिस अभियान (Artemis Mission) के लिए एसएलएस रॉकेट (SLS Rocket) का हॉट फायर इंजन परीक्षण सफल हो गया है.नासा अधिकारियों ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 19, 2021, 7:17 PM IST
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आखिर कार नासा (NASA) के स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट ने हॉट फायर इंजन परीक्षण में सफलता हासिल कर ली है. एसएलएस नासा का वह शक्तिशाली इंजन हैं जो चंद्रमा (Moon) पर आर्टिमिस अभियानों के जरिए उसके यात्रियों को पहुंचाने का काम करेगा. नासा के आर्टिमिस अभियान के लिए यह एक प्रमुख पड़ाव का पार होना माना जा रहा है.

बड़े अभियनों के लिए नींव है एसएलएस

इस साल नासा को चंद्रमा पर अपने यात्री रहित यान भेजना है. ओरियॉन नाम के इस यान में साल 2024 में आर्टिमिस अभियान के तीसरे चरण के तहत अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजा जाएगा. नासा के एसएलएस के परीक्षण पर दुनिया भर के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की निगाहें थी. पूरा का पूरा आर्टिमिस अभियान एसएलएस के परीक्षण की सफलता पर ही टिका हुआ था.

पहले रोक दिया गया था परीक्षण
इससे पहले नासा ने जनवरी में एसएलएस का परीक्षण ऐन मौके पर रोक दिया गया था. इस बार रॉकेट के कोर चरण के चार प्रमुख इंजन पूरे 8 मिनट 19 सेकेंड के दौरान काम करते रहे. इस सफल परीक्षण के बाद मिसीसिपी स्थित नासा के स्टेनिस स्पेस फ्लाइट सेंटर में खुशी की लहर दौड़ गई. नासा के अधिकारियों ने इस परीक्षण को एक बड़ी उपलब्धि माना है.

नासा पूरी तरह से संतुष्ट है परीक्षण से

नासा ने परीक्षण सफल होने के बाद भी यह नहीं बताया कि इस साल आर्टिमिस की पहली परीक्षण उड़ान कब होगी. नासा के एसएलएस रॉकेट के प्रोग्राम मैनेजर जॉन हनीकट ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इस परीक्षण में सभी कुछ उम्मीद के मुताबिक रहा और कोर चरण को आज ए प्लस मिले हैं.



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नासा (NASA) के एसएलएस (SLS) उसका अब तक का सबसे शक्तिशाली रॉकेट है. (तस्वीर: NASA-Kim Shiflett)

अब प्रक्षेपण की तैयारी होगी

पहले परीक्षण में इंजन को केवल एक मिनट के लिए चलाया गया. यह कड़ी सीमाओं के चलते छोट रखा गया था. इसमें वाल्व संबंधी एक जांच भी होनी थी. इस समस्या को परीक्षण से पहले ही सुलझाना जरूरी था जो सुलझा ली गई थी. इस परीक्षण के बाद अब नासा फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से प्रक्षेपण कर सकता है. जिसकी तैयारियां अब शुरू हो जाएंगी.

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क्यों इतना अहम था परीक्षण

उल्लेखनीय है कि नासा ने यह एसएलएस प्रक्षेपण परीक्षण नहीं किया है. फिर भी चूंकि यह कई लिहाज से पूरा नया रॉकेट है, इसका यह परीक्षण सबसे महत्वपूर्ण था. वैसे जनवरी में जब इसका पहला परीक्षण रोका गया तब नासा के विशेषज्ञों ने इस परीक्षण को अतिआवश्यक नहीं बताया था. तब कहा गया था कि इसक सॉफ्टवेयर परीक्षण पहले ही पूरी तरह से सफल हैं.

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एसएलएस (SLS) नासा के आर्टिमिस अभियान का सबसे अहम हिस्सा है. (तस्वीर : NASA)

मंगल अभियानों के लिए भी

नासा एसएलएस का उपोयग केवल चंद्रमा पर मानव भेजने के लिए ही नहीं करेगा, बल्कि अगले दशक में वह मंगल पर अपने पहले मानव अभियान को भी आर्टिमिस अभियान के तहत ही भेजने की तैयारी में हैं. मंगल पर इस अभियान को भेजने से पहले नासा का बहुत सारी चुनौतियों का हल निकालना है.

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आर्टिमिस अभियान की हर गतिविधि नासा के मंगल अभियान के लिए उपयोग में लाई जाएगी. नासा यह भी विचार कर रहा है कि मंगल पर उसके मानव अभियान के यात्री पृथ्वी पर लौटने से पहले एक बार चंद्रमा पर भी उतरेंगे जहां नासा अपना खुद का बेस कैम्प बनाने का विचार भी कर रहा है.

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