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NEET Opposition In Tamil Nadu: क्या तमिलनाडु के रास्ते पर चलेंगे ये राज्य? यहां भी होगा NEET का विरोध!

NEET Opposition In Tamil Nadu: क्या तमिलनाडु के रास्ते पर चलेंगे ये राज्य? यहां भी होगा NEET का विरोध!

नीट के विरोध में तमिलनाडु खुलकर सामने आ गया है.

नीट के विरोध में तमिलनाडु खुलकर सामने आ गया है.

NEET Opposition In Tamil Nadu: देश भर के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए केंद्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले The National Eligibility cum Entrance Test (NEET) को लेकर विवाद गहराता जा रहा है.

    NEET Opposition In Tamil Nadu: देश भर के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए केंद्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले The National Eligibility cum Entrance Test (NEET) को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. तमिलनाडु की सरकार ने बकायदा इसको लेकर विधानसभा में विधेयक पास करवा दिया है कि वह अपने राज्य में नीट के जरिए मेडिकल कॉलेजों में छात्रों को दाखिला नहीं देगी. इतना ही नहीं अब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्तालिन ने 12 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर उनसे भी ऐसा ही करने को कहा है.

    क्या है स्तालिन का तर्क
    एमके स्तालिन ने 11 गैर भाजपा शासित राज्यों और गोवा के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि नीट परीक्षा खत्म करवाने के लिए उन सभी को एकजुट होना होगा. उन्होंने एक अक्टूबर को लिखे पत्र में मुख्यमंत्रियों से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) का विरोध करने और शिक्षा में ‘राज्यों की प्रधानता’ बहाल करने में सहयोग मांगा है.

    स्टालिन ने समर्थन जुटाने के लिए इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से संपर्क करने के काम में अपनी पार्टी के सांसदों को लगाया है. अपने समकक्षों को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने नीट का विरोध करने के रुख को दोहराया है.

    उन्होंने कहा, ‘‘हमारा स्पष्ट रुख है कि नीट शुरू करने की केंद्र सरकार की पहल संघीय ढांचे के विपरीत है और राज्य सरकारों के अधिकारों को कम कर संवैधानिक संतुलन कायम रखने का उल्लंघन है.’’

    स्टालिन ने एक अक्टूबर को लिखे पत्र में कहा कि राज्य सरकारों को अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए दबाव बनाना चाहिए ताकि अपने उच्च शिक्षण संस्थानों में नामांकन की प्रक्रिया के बारे में वे निर्णय कर सकें.

    क्या है विवाद की वजह
    दरअसल, तमिलनाडु में नीट परीक्षा से कुछ घंटे पहले एक छात्र ने आत्महत्या कर ली थी. इस परीक्षा को लेकर आरोप लगते रहे हैं कि इसमें राज्य बोर्डों से 12वीं की परीक्षा पास करने वाले छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. यह भी कहा गया कि यह पूरी परीक्षा सीबीएसई के पैटर्न पर होती है. तमिलनाडु सहित दक्षिण के सभी राज्यों में यह मुद्दा उठता रहा है. इसके साथ यह भी कहा गया है कि नीट लागू किए जाने के बाद मेडिकल कॉलेजों के अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में राज्य बोर्डों से 12वीं परीक्षा पास कर आने वाले छात्रों की हिस्सेदारी लगातार कम हो रही है.

    नीट-सुपर स्पेशियलिटी एग्जाम को लेकर भी विवाद
    केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह तय किया गया है कि नीट-सुपर स्पेशियलिटी परीक्षा के पैटर्न में किए गए बदलाव अकादमिक सत्र 2022-23 से लागू किए जाएंगे.

    जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस बी वी नागरत्न की पीठ ने अतिरिक्त सॉलीसिटर जनरल एश्वर्या भाटी की दलीलों को रिकॉर्ड में रखा और उन विद्यार्थियों की याचिकाओं का निपटान किया जिन्होंने इस वर्ष से नीट-सुपर स्पेशियलिटी के परीक्षा पैटर्न में बदलावों को लागू करने के केंद्र के पहले के फैसले को चुनौती दी थी. पीठ ने कहा कि परीक्षा के पैटर्न में किए गए बदलावों की वैधता के सवाल पर वह कुछ नहीं कह रही है.

    मंगलवार को शीर्ष अदालत ने केंद्र को अपने तरीके में सुधार लाने का और नीट-सुपर स्पेशियलिटी परीक्षा 2021 में किए गए बदलावों को वापस लेने पर निर्णय लेने के लिए केंद्र को एक आखिरी मौका दिया था. नाराज शीर्ष अदालत ने कहा था कि चिकित्सा पेशा और शिक्षा एक व्यवसाय बन गया है, और अब चिकित्सा शिक्षा का नियमन भी उस तरह से हो गया है जो देश की त्रासदी है.

    Tags: JEE-NEET exams, NEET, Tamilnadu

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