जितना समझा जा रहा था उससे कहीं ज्यादा बड़े हो सकते हैं न्यूट्रॉन तारे- शोध

न्यूट्रॉन तारों (Neutron stars) के बारे में हमारे वैज्ञानिकों को ज्यादा जानकारी नहीं हैं. (फाइल फोटो)

न्यूट्रॉन तारों (Neutron stars) के बारे में हमारे वैज्ञानिकों को ज्यादा जानकारी नहीं हैं. (फाइल फोटो)

सीसे (Lead) पर हुए शोध से हैरान करने वाले नतीजा के रूप में जानकारी मिली है कि न्यूट्रॉन तारे (Neutron Star) अब तक जितने समझे जाते थे आकार (Size of Neutron Star) में उससे कहीं बड़े होते हैं.

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न्यूट्ऱॉन तारे (Neutron star) ब्लैक होल के बाद ब्रह्माण्ड (Universe) के बाद दूसरे सबसे घने पिंड माने जाते हैं. माना जाता है कि एक छोटे शहर के आकार जितने बड़े न्यूट्रॉन तारे में एक या उससे अधिक सूर्य (Sun) के जितना भार तक समा सकता है. इनके बारे में चौंकाने वाली जानकारी मिली है. हाल ही में हुए अध्ययन में बताया गया है कि इनका आकार अब तक जितना समझा जा रहा था वे उससे कहीं ज्यादा बड़े हो सकते हैं.

पहले से कुछ बड़े

फिजिकल रीव्यू लैटर्स जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में न्यूट्रॉन तारों के आकार के नए अनुमानों के मुताबिक इन तारों कि त्रिज्या 13.25 से लेकर 14.25 किलोमीटर तक होती है. यानि कि ये 26.5 से 28.5 किलोमीटर चौड़े हो सकते हैं. इस नए अनुमान से पता चला है कि ये बहुत ही घने पिंड जितना अब तक समझा गया था उससे थोड़े बड़े हैं.

सीसे की आणविक संरचना ने बताया
हैरानी की बात है कि इन नए अनुमानों की जानकारी शोधकर्ताओं को सीधे तारों से नहीं मिली है. बल्कि यह ‘न्यूट्रॉन तारों की त्वचा’ के बारे में जानने से मिली ही है जो वास्तव में सीसे की परमाणु के केंद्रक का पास न्यूट्रॉन के आस पास की एक बाहरी परत है. पहले माना जाता था कि इन तारों, जो किसी विशालकाय सुपरनोवा विस्फोट के अवशेष है, की त्रिज्या 12 किलोमीटर हुआ करती थी. इनका भार हमारे सूर्य के भारत का 1.4 गुना होता है. वहीं हमारे सूर्य की त्रिज्या 659,508 किलोमीटर है.

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शोधकर्ताओं को परमाणु की संरचना में न्यूट्रॉन त्वचा पर शोध के नतीजों ने अध्ययन के लिए प्रेरित किया. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

सीसे और न्यूट्ऱॉन तारे की संरचना



सीसा इस ग्रह पर पाए जाने वाले तत्वों में से सबसा घना तत्व है. इस तथ्य के बावजूद कि सीसा न्यूट्रॉन तारे और उसके आसपास भी मौजूद नहीं होता, वैज्ञानिकों को विश्वास है कि सीसे के अंदर की आंतरिक संरचना की तुलना न्यूट्रॉन तारे की संरचना से की जा सकती है. स्पेस डॉटकॉम रिपोर्ट में इस अध्ययन के एक लेखक जोर्ज पेकरेविच काकहना है कि लैबोरेटरी में ऐसा कोई प्रयोग नहीं किया जा सकता है तो न्यूट्रॉन तारे की संरचना की पड़ताल कर सके.

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इस प्रयोग के नतीजों पर ध्यान

फ्लोरीडा स्टेट यूनिवर्सिटी में न्यूक्लियर वैज्ञानिक पेकरेविच आगे बताते हैं कि न्यूट्रॉन तारा इतना जटिल पिंड है कि वैज्ञानिक इसे लैब में नहीं बना सके हैं इसके बारे में हर नई जानकारी बहुत ही उपोयगी सिद्ध होगी.  पेकरेविच और उनसके साथियों ने पीबी रेडियस एक्सपेरिमेंट (PREX) के नतीजों पर ध्यान दिया. जिसमें सीसे के अणुओं पर इलेक्ट्रॉन बीम बरसाई गई जिसमें उन्होंने सीसे के आइसोटोप Pb-208 में न्यूट्रोन की त्वचा दो गुनी मोटी पाई जितना पहले मानी जा रही थी.

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सुपरनोवा (Supernovae) की घटना के बाद तारे के अवशोषों से न्यूट्रॉन तारे का निर्माण होता है. (फाइल फोटो)

परमाणु के अंदर न्यूट्ऱॉन की स्थिति

एक परमाणु में धनात्मक आवेश वाले प्रोटोन, ऋणात्मक आवेश वाले इलेक्ट्रॉन और तटस्थ न्यूट्रॉनहोते हैं. परमाणु के केंद्र में प्रोटोन होते हैं और बाहरी खोल में ऋणात्मक आवेश वाले इलेक्ट्रॉन होते हैं. लेकिन न्यूट्रॉन का मामला जटिल होता है.  सीसे में ही कुछ न्यूट्रॉन केंद्र में होते हैं जबकि कुछ उसके किनारे  की ओर धकेल दिए गए होते हैं जिसे भौतिकविद न्यूट्रॉन त्वचा कहते हैं.

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सीसे के 208 वाले अणु में 82 प्रोटोन और 126 न्यूट्रॉन होते हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि न्यूट्रॉन त्वचा के आकार का संबंध परमाणु के आकार से संबंध है. पेकरेविच मानते हैं कि ऐसा ही न्यूट्रॉन तारों के साथ भी होता है. उनका कहना है कि त्वचा का आयाम, वह कितना फैल सकती है इसका न्यूट्रॉन तारे के साथ संबंध है. शोधकर्ताओं के अनुमान की पुष्टि के लिए अभी बहुत अध्ययन की जरूरत है. लेकिन उनका अनुमान सही होने की संभावना ज्यादा नजर आती है.

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