क्या चांद को परमाणु बम से उड़ाने की योजना बना रहा था अमेरिका?

क्या चांद को परमाणु बम से उड़ाने की योजना बना रहा था अमेरिका?
किताब में कहा गया है कि शीत युद्ध के चलते अमेरिका ने चांद को उड़ाने पर विचार किया था. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

एक किताब में दावा किया गया है कि 1950 के दशक के अंत में अमेरिका (US) इस बात पर विचार कर रहा था कि चंद्रमा (Moon) को परमाणु बम (Nuclear Bomb) से उड़ा दिया जाए.

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नई दिल्ली:  हाल ही में यह सवाल चर्चा में हैं कि क्या 1950 के दशक के अंत में अमेरिका (USA) ने चांद (Moon) को बम से उड़ाने की योजना बनाई थी? इस तरह के प्रस्ताव पर अमेरिका ने गंभीरता से विचार किया था. एक किताब में दावा किया गया है कि अमेरिका इस बात की योजना बना रहा था कि चांद को परमाणु बमों (Nuclear Bombs) से ही खत्म कर दिया जाए. एक किताब में इस तरह का दावा किया जा रहा है.

खास दस्तावेजों का दिया गया है हवाला
इस किताब के अनुसार यह बात उन दस्तावेजों से सामने आई है जिन्हें सरकारी तौर पर डिक्सासीफाई किया गया है. यानि कि उनकी गोपनीयता खत्म कर दी गई है. इस किताब में कई तरह के मेमो का जिक्र है जो पहले गोपनीय की श्रेणी में रखे गए थे, लेकिन अब उन्हें इस श्रेणी से हटा दिया गया है.

कौन सी है वह पुस्तक
 जॉन ग्रीनवाल्ड जूनियर की पुस्तक सीक्रेट्स फ्रॉम द ब्लैक वॉल्ट में इस बात का खुलासा किया गया है कि अमेरिका की चांद के बारे में क्या मंशा थी. इस किताब के मुताबिक यह वाक्या तब का है जब अमेरिका और सोवियत संघ के बीच शीत युद्ध के चलते अंतरिक्ष की दौड़ जोरों पर थी और जिसे अमेरिका ने अपने अपोलो मिशन को चांद पर पहुंचा कर जीता था.



क्यों चांद को उड़ाने का रखा गया प्रस्ताव
तब अमेरिका में इस बात का प्रस्ताव रखा गया था कि चांद को आणविक हथियारों से उड़ा दिया जाए जिससे उसकी दुनिया में बादशाहत कायम हो सके. साल 1959 में सोवियत यूनियन ने इस दौड़ मे तब बाजी मारी जब उसने स्पूतनिक 1 को अंतरिक्ष में पहुंचाया. इस कदम से अमेरिका में इस कदम का जवाब देने की बेचैनी छा गई.

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अमेरिका के सबसे पहले चांद पर पहुंचने से यह योजना काम की नहीं रही. (प्रतीकात्मक फोटो)


सोवियत संघ को रोकने के लिए
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जैसा कि इस किताब में कहा गया, अमेरिका ने इस बात की भी योजना बना ली थी कि यदि सोवियत संघ ने चांद को अपने रणनीतिक और सैन्य उद्देश्यों के लिए चंद्रमा का उपयोग किया तो वह चांद को ही उड़ा देगा जिससे उसका वर्चस्व कामय रह सके.

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और चांद पर स्थाई बेस
इस किताब में इस बात का भी जिक्र है कि चांद पर एक स्थायी बेस बनाया जाए जिससे अमेरिका का गौरव बढ़े और और उसे ऐसा करने वाले पहला देश होने का मनोवैज्ञानिक लाभ मिल सके. इस प्लान का नाम प्रोजेक्ट होराइजन था जिसमें सैटर्न 5 रॉकेट प्रक्षेपणों की योजना थी जो चांद पर सामग्री भेज सकें और उनसे चंद्रमा पर बेस बन सके.  इस प्रस्ताव में सुझाया गया था कि यह बनाया जा सकता है जिसमें 1966 तक 20 लोगों की कॉलोनी बन सकती है.

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शीत युद्ध में रूस के अंतरिक्ष में पहले कदम से अमेरिका में बेचैनी हो गई थी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


एक दस्तावेज में यह बात भी
लेकिन चांद को बम से उड़ाने की योजना कभी शुरू नहीं की गई क्योंकि अमेरिका पहले चांद पर पहुंच गया और  एक अन्य दस्तावेज में इस योजना के बारे कहा गया कि यह एक अभूतपूर्व वैज्ञानिक हादसा साबित होती.

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लेकिन अमेरिका योजना तो है ये
हैरानी की बात है कि आज के समय में भी अमेरिका चांद पर एक बेस बनाने की तैयारी पूरे जोर शोर से कर रहा है. साल 2024 तक चांद पर दो लोगों जिसमें एक महिला शामिल है. चंद्रमा पर भेजे जाने की तैयारी हो रही है. और बताया जा रहा है कि अगले दशक में नासा मंगल पर इसांन भेजने की तैयारी कर रहा है और वे यात्री लौटते समय चंद्रमा पर कुछ समय के लिए रुकेंगे.
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