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कैसे हुई थी ब्रह्माण्ड के निर्माण की शुरुआत, नई गैलेक्सी की तस्वीरों ने बताया

कैसे हुई थी ब्रह्माण्ड के निर्माण की शुरुआत, नई गैलेक्सी की तस्वीरों ने बताया

शुरुआती गेलक्सी धुंधली थी लेकिन आंकड़ों और ग्रेविटेश्नल लेंसिंग ने बहुत मदद की. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Galaxy NGC 6397 1200  NASA ESA T. Brown S. Casertano and J. Anderson)

शुरुआती गेलक्सी धुंधली थी लेकिन आंकड़ों और ग्रेविटेश्नल लेंसिंग ने बहुत मदद की. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Galaxy NGC 6397 1200 NASA ESA T. Brown S. Casertano and J. Anderson)

हबल (Hubble Telescope) और ग्रैन टेलीस्कोप के आंकड़ों और ग्रविटेशनल लेंसिंग (Gravitational Lensing) की मदद से मिली नई गैलेक्सी तस्वीरों से पता चला कि ब्रह्माण्ड (Universe) की शुरुआत झटकेदार हुई थी.

    अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं की एक टीम को शुरुआती गैलेक्सी (Galaxies) की तस्वीरों से हमारे ब्रह्माण्ड (Universe) के आगाज के बारे में बहुत अहम जानकारी मिली है. इन तस्वीरों से पता चला है कि ब्रह्माण्ड के शुरुआती तारे और सरंचनाएं कैसे बनीं और गैलेक्सी के बनने की शुरुआत कैसे हुई थी. इन शुरुआती लेकिन धुंधली गैलेक्सी के अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने हबल (Hubble Space Telescope) और ग्रैन टेलीस्कोप के आंकड़ों के साथ ग्रैविटेशनल लेंसिंग का उपयोग किया और यह पता लगाया कि ब्रह्माण्ड में सबसे पहले गैलेक्सी निर्माण धीरे धीरे ना होकर अस्थिर तरीके से हुआ था.

    दो खास टेलीस्कोप की मदद
    नॉटिंघम यूनिवर्सिटी और सेंट्रो डि एस्ट्रोबायोलॉजिया के अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं की टीम ने हबल स्पेस टेलीस्कोप और फ्रंटियर फील्ड्स कहे जाने वाले ग्रैन टेलीस्कोपियो कैनेरियास (GTC) के आंकड़ों का उपयोग किया और पास के ब्रह्माण्ड की कुछ सबसे छोटी और धुंधली गैलेक्सी चिह्नित कर अध्ययन किया. इससे शोधकर्ताओं का एक संभावित अस्थिर गैलेक्सी के निर्माण की जानकारी मिली.

    कैसे बनना शुरू हुईं गैलेक्सी
    इस अध्ययन के पहले नतीजे हाल ही में मंथली नोटिसेस ऑफ द रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी (MNRAS) में प्रकाशित हुए हैं. खगोलविद दशकों से यह पता लगाने का प्रयास कर रहे थे की शुरुआती गैलेक्सी कैसे और कब बनी थीं. “कैसे” की संभावनाओं में एक संभावना यह है कि गैलेक्सी के अंदर पहले तारों का निर्माण धीमी गति से शुरू हुआ और धीरे धीरे और भारी भरकम तंत्र बनते गए.

    बेतरतीब तरह से निर्माण
    एक अन्य संभवना यह है कि यह निर्माण ज्यादा प्रचंड और अनियमित था जिसमें बहुत तीव्र, लेकिन कम समय वाले तारों के निर्माण के प्रस्फोट थे जो विलय या अधिक गैस संचयन के कारण शुरु हुए. स्पेन के सेंट्रो  डि एस्ट्रोबायोलॉजिया से जुड़े इस अध्ययन के सहलेखक और इस अध्ययन के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रमुख अन्वेषणकर्ता पैब्लो जी पेरेज- गोनजालेस बताते हैं कि गैलेक्सी का निर्माण की तुलना कार से की जा सकती है.

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    शोधकर्ताओं ने हबल स्पेस टेलीस्कोप (HST) के आंकड़ों का भी उपयोग किया. (तस्वीर: नासा)

    धीरे-धीरे या फिर बहुत तेजी से
    गोनजालेस का कहना है कि पहले प्रकार गैलेक्सी में तारा बनाने वाले डीजल इंजन की  तरह रही होंगी. धीमें लेकिन लगातार नए तारों को जोड़ते रहने वाली इस प्रक्रिया में बहुत तेजी से नहीं होती है लेकिन धीरे धीरे गैस को तारों में बदलने में लंबा समय लेती है. वहीं दूसरी तरफ यह निर्माण एक झटके वाला भी हो सकता है जिसमें तारों के प्रस्फोट से विशाल तारों का निर्माण हो सकता है जो गैलेक्सी में हलचल मचा देते हैं जिससे गैलेक्सी थोड़ी देर क लिए या हमेशा के लिए रुक जाती है.

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    खास सर्वे के आंकड़े भी
    हर स्थिति में विलय या सुपर मासिव ब्लैकहोल के प्रभाव जैसी प्रक्रियाएं अलग अलग होती हैं. उनका कार्बन या ऑक्सीजन के प्रभाव पर प्रभाव भी अलग-अलग होगा. खगोलविदों ने सर्वे फॉर हाई जेड रेड एंड डेड सोर्सेस (SHARDS) प्रोजक्ट के जीटीसी से मिले विशालकाय गैलेक्सी समूहों  के आंकड़ों का उपयोग किया और पास की गैलेक्सी के ब्रह्माण्ड की शुरुआती गैलेक्सी के जैसी गैलक्सी की पड़ताल की.

    नए उपकरण की आने से पहले ही
    इस अध्ययन के  प्रमुख शोधकर्ता नॉटिंघम यूनिवर्सिटी के डॉ एलेक्स ग्रिफिथ्स ने बताया कि जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप जैसे शक्तिशाली उपकरण के जरिए ही शुरुआती गैलेक्सी अवलोकित की जा सकती है. उससे पहले शोधकर्ताओं ने HST और GST जैसे उपलब्ध उपकरणों के साथ ग्रैविटेशनल लेंसिंग उपयोग किया

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    जीटीसी टेलीस्कोप का आधार ग्रेविटेशनल लेंसिंग वाली गैलेक्सी (Galaxy) से थीं जिन्होंने प्राकृतिक टेलीस्कोप का काम किया था. (प्रतीकात्मक तस्वीर: NASA ESA and P. Erwin)

    ग्रैविटेशनल लेसिंग
    शोधकर्ताओं ने बताया कि कुछ गैलेक्सी विशाल समूह में रहती हैं जिसमें तारों के रूप में बहुत सारा भार होता है और साथ में गैस और डार्कमैटर भी. उनका भार इतना ज्यादा होता है कि वे प्रकाश तक को मोड़ सकते हैं और प्राकृतिक टेलीस्कोप की तरह काम करते है जिन्हें ग्रैविटेशनल लेंस कहा जाता है. इनसे सुदूर गैलेक्सी को अच्छी चमक और अधिक विभेदन के साथ देखा जा सकता है.

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    झटके खाने वाली कार
    फ्रंटियर फील्ड सर्व  में ऐसे ही कुछ विशाल तारा समूहों के जरिए पड़तालें की गई हैं. इस अध्ययन में दर्शाया गया है कि गैलेक्सी निर्माण बंद चालू होते प्रस्फोटों की गितिविधियों की तरह हुआ. शोधर्ताओं का कहना है कि उनका प्रमुख नतीजा यही रहा कि गैलेक्सी के निर्माण की शुरुआत अस्थिर जैसे झटके देने वाली कार की होती है. जिसमें तेजी से बनने वाले तारों की अवधि के बीच में सुस्त अंतराल भी होते हैं.

    Tags: Galaxy, Research, Science, Space

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