Discovery : ऑस्ट्रिच से तीन गुने थे दुनिया के सबसे बड़े पक्षी

शोधकर्ताओं की मानें तो शुरूआती यूरोपीय लोग दुनिया के सबसे बड़े पक्षियों के साथ रहा करते थे और ये पक्षी ही उन मनुष्यों को प्रमुख भोजन हुआ करते थे. जानिए कौन थे वो पक्षी और उनके बारे में क्या जानना चाहिए.

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Updated: July 7, 2019, 5:57 PM IST
Discovery : ऑस्ट्रिच से तीन गुने थे दुनिया के सबसे बड़े पक्षी
दुनिया का सबसे बड़ा पक्षी इस समय ऑस्ट्रिच है.
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Updated: July 7, 2019, 5:57 PM IST
अफ्रीका और अरब के मैदानी इलाकों में पाए जाने वाले ऑस्ट्रिच आकार और वज़न के लिहाज़ से दुनिया के सबसे बड़े पक्षी माने जाते हैं. इनका वज़न 150 किलोग्राम से 200 किलोग्राम तक होता है. लेकिन, एक नए शोध में पता चला है कि इनसे करीब तीन गुना बड़े पक्षी हुआ करते थे. यह मिथक भी टूटा है कि मेडागास्कर, न्यूज़ीलैंड व ऑस्ट्रेलिया में ही नहीं बल्कि यूरोप में भी बड़े और भारी पक्षी हुआ करते थे. जानिए कि क्या कहता है ये नया शोध और कौन थे वो सबसे बड़े पक्षी.

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इतिहास में अब तक सबसे बड़े जिन पक्षियों के बारे में पता चल चुका है, उनमें मेडागास्कन एलिफेंट बर्ड और न्यूज़ीलैंड के मोआ पक्षी का नाम उल्लेखनीय है. ये पक्षी मनुष्यों के लिए मांस, हड्डियों, पंखों और अंडों के स्रोत रहे. इन पक्षियों के अवशेषों के अध्ययन के बाद ये भी माना जाने लगा था कि इतने बड़े और भारी पक्षियों का संसार मेडागास्कर या न्यूज़ीलैंड के आसपास का ही इलाका था.

कशेरुकी जीवाश्म विज्ञान संबंधी एक पत्र में छपे शोध के प्रमुख लेखक डॉक्टर निकिता ने कहा कि जब उन्होंने अपने हाथ में अवशेष के तौर पर मिली जांघ की उस हड्डी को लिया, तो उन्हें लगा कि ये ज़रूर प्राचीन मेलागासी एलिफेंट बर्ड का जीवाश्म होगा क्योंकि उन्हें भी यही यकीन था कि यूरोप में इस तरह के भारी पक्षी नहीं हुआ करते थे. लेकिन, इस जीवाश्म के अध्ययन ने एक नई कहानी खोली.

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उत्तरी गोलार्ध में पहली बार इतने बड़े पक्षी के होने के सबूत पाए गए. प्रतीकात्मक तस्वीर.


ऑस्ट्रिच से तिगुने और मोआ से दोगुने पक्षी
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डॉ. निकिता के मुताबिक अब तक जितना डेटा मिला है, उसके आधार पर कहा जा सकता है कि ये पक्षी ऑस्ट्रिच की तुलना तीन गुना वज़नी थे, जिनका वज़न करीब साढ़े चार सौ किलाग्राम था, यानी न्यूज़ीलैंड के सबसे बड़े मोआ पक्षी की तुलना में भी दोगुना. इस वज़न का अनुमान ये भी है कि ये पक्षी वर्तमान में मौजूद पोलर बियर जितने भारी भरकम हुआ करते थे.

उत्तरी गोलार्ध के किसी हिस्से में पहली बार इतने बड़े पक्षी के होने के सबूत पाए गए हैं. हालांकि इस प्रजाति के बारे में पहले जानकारी रही थी, लेकिन इसके आकार व वज़न को लेकर अंदाज़ा नहीं था. माना जा रहा है कि ये पक्षी साढ़े तीन मीटर लंबे थे, जो उस समय के मनुष्यों से काफी लंबे थे. ये भी अनुमान है कि ये पक्षी उड़ नहीं सकते थे लेकिन तेज़ चाल के थे.

किस समय थे ये पक्षी?
काले सागर के उत्तरी तट पर स्थित टॉरिडा गुफाओं में जो जीवाश्म मिले हैं, उनके हिसाब से वैज्ञानिक अंदाज़ा लगा रहे हैं कि ये पक्षी 15 से 20 लाख साल पहले से पृथ्वी पर थे. ये भी गौरतलब है कि जॉर्जिया में पुरातात्विक साइट पर पहले भी ऐसे जीवाश्म पाए गए थे, लेकिन उस वक्त इस पर ध्यान नहीं दिया गया था क्योंकि यह मिथक चला आ रहा था कि यूरोप में भारी जानवरों की तरह भारी पक्षियों की मौजूदगी नहीं रही.

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First published: July 7, 2019, 5:57 PM IST
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