लंबे समय से सुलझ नहीं रहा था न्यूट्रान तारे का एक रहस्य, मिला एक नया पदार्थ

लंबे समय से सुलझ नहीं रहा था न्यूट्रान तारे का एक रहस्य, मिला एक नया पदार्थ
पहले माना जाता था कि इस तरह के अणुओं की उपस्थिति के लिए तारों का गर्म वातावरण जरूरी है. (प्रतीकात्मक फोटो)

वैज्ञानिक 40 साल से न्यूट्रॉन तारों (Neutron star) के केंद्र में पदार्थ की अवस्थाओं की स्पष्ट जानकारी हासिल करना चाह रहे थे जो उन्हें अब मिली.

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नई दिल्ली:  भौतिक विज्ञान और गणित का बहुत गहरा संबंध है. गणित ने भौतिकी को अपनी गणनाओं से कई ऐसे नतीजे दिए हैं जिनका वस्तविक प्रयोगों द्वारा प्रमाणित होने बहुत मुश्किल है. खगोलविज्ञान भौतिकी का ऐसे ही एक चुनौती पूर्ण क्षेत्र हैं जहां प्रमाणिकता के साथ जानकारी हासिल करने बहुत मुश्किल है. लेकिन खगोलविदों को नए उपकरणों और जानकारियों से कई उलझने सुलझने लगी है. ऐसी एक उलझन न्यट्रॉन तारे के केंद्र में उपस्थित पदार्थ की अवस्था के बारे में है जिसके बारे वैज्ञानिकों को एक निश्चित और प्रमाणिक जानकारी मिली है.

न्यूट्रॉन तारे को बारे में खास नतीजे मिले
अंतरिक्ष मामले में वैज्ञानिक कई समय से न्यूट्रॉन तारों के केंद्र में पदार्थ की अवस्थाओं की स्थिति स्पष्ट करना चाहते थे. इस दिशा में एक ताजा शोध ने उन्हें निर्णायक दिशा प्रदान की है. हेलसिंकी यूनिवर्सटी के वैज्ञानिकों के एक दल ने कुछ अवलोकनों के आंकड़ों और पार्टिकल और न्यूक्लियर फिजिक्स के सिद्धांतों का अध्ययन कर उत्साहजनक नतीजे हासिल किए.

तारे के अंदर पदार्थ की अवस्था
सामान्य पदार्थ (Matter) के परमाणुओं में प्रोटॉन, न्यूट्रॉन और इलेक्ट्रॉन होते हैं. न्यूट्रॉन तारे के मामले में हम जानते हैं कि परमाणु पदार्थ एक घना होकर न्यूट्ऱॉन पदार्थ हो जाता है जिसमें न्यूट्रॉन और प्रोटॉन एक साथ इतने पास आ जाते हैं को पूरा का पूरा तारा एक बड़े न्यूक्लियस की तरह हो जाता है. लेकिन यह जानना अब भी मुश्किल है कि न्यूट्रॉन तारे के केंद्र में जो न्यूक्लियर पदार्थ होता है क्या वह एक और अनोखी अवस्था वाले क्वार्क पदार्थ (Quark Matter) की श्रेणी में आता है या नहीं. हेलसिंकी यूनिवर्सटी के वैज्ञानिकों को लगता है कि ऐसा है.



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न्यूट्रॉन तारे के बारे में जानना वैज्ञानिकों के लिए बहुत ही मुश्किल काम रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


क्वार्क पदार्थ की उपस्थिति
इस नए शोध में वैज्ञानिकों ने इस बात के प्रमाण पाए हैं कि अभी मौजूद विशालकाय न्यूट्रॉन तारों के केंद्र में खास तरह का क्वार्क पदार्थ की उपस्थिति है. क्वार्क अवस्था अति उच्च तापमान में पाई जाती है जहां पदार्थ के कणों के लधुत्तम रूप क्वार्क स्वतंत्र बर्ताव करते हैं. शोधकर्ताओं ने न्यूट्रॉन तारों के टकराव से उत्पन्न गुरुत्व तरंगों  (Gravitational waves)को मापने के बाद किए अध्ययन से पाए . इस शोध से पता चलता है कि न्यूट्रॉन तारे के केंद्र में जो पदार्थ है वह साधारण न्यूक्लियर पदार्थ के मुकाबले क्वार्क पदार्थ से ज्यादा मिलता है.  उनकी गणना से यह भी पता चला है कि इन तारों में केंद्र का व्यास (Diameter) पूरे न्यूट्रॉन तारे के व्यास के आधे से भी ज्यादा हो सकता है.

विचित्र नतीजे मिलते हैं तारे के केद्र के पदार्थ के बर्ताव को लेकर
हेलसिंकी यूनिवर्सिटी के भौतिकी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एरेक्सी व्योरिनेन का कहना है, “यह संभावना नहीं के ही बराबर है कि न्यूट्रॉन तारे केवल न्यूक्लियर पदार्थ से ही बने होंगे. फिर भी हम यह मापन कर सके हैं कि ऐसी स्थिति में क्या आवश्यकता होगी यानि तारों का बर्ताव कुछ अलग ही होगा. जैसे ध्वनि की गति प्रकाश की गति के बराबर हो जाएगी.”

गुरुत्व तरंगों से मिली बहुत काम की जानकारी
इस शोध के नतीजों में एस्ट्रोफिजिक्स के दो अवलोकनों की अहम भूमिका रही. पहला, साल 2017 में LIGO और  Virgo ऑबजर्वटरी के अवलोकन थे, जब पहली बार दो न्यूट्रॉन तारों के वियल के परिणाम स्वरूप  गुरुत्व तरंगों  (Gravitational waves) को पकड़ा गया. इससे एक तारे का चक्कर लगाने वाले तारे के स्वरूप पर उसके साथी के गुरुत्व क्षेत्र के प्रभाव के बारे में जानकारी मिल सकी. इस प्रभाव को ज्वारीय विरूपता (Tidal Deformability) कहते हैं. इन अवलोकनों से पता चला की इस विरूपता की उच्चतर सीमा क्या होगी. टकराने वाले न्यूट्रॉन तारों की त्रिज्या (Radius) की यह सीमा 13 किलोमीटर थी.

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न्यूट्रॉन तारों के केंद्र में क्वार्क पदार्थ होने के अंदेशा पहले ही था ,लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही थी.


अनिश्चितता कम करने में सफलता
न्यूट्रॉन तारों का वजन आमतौर पर हमारे सूर्य के वजन के बराबर या 1.7 गुना होता है. यह कभी कभी ही दोगुना के आसपास पाया जाता है. वैज्ञानिकों के लिए न्यूट्रॉन तारे की त्रिज्या और उसके वजन की जानकारी बहुत काम की रही. इससे वे इन तारों के पदार्थ के ऊष्मगतिक गुणों (thermodynamic properties) से संबंधित अनिश्चितता को कम करने में सफल रहे. इससे वैज्ञानिक कणों और न्यूक्लियर फिजिक्स के सैद्धांतिक नतीजों और इन अवलोकनों का तुलनात्मक अध्ययन भी कर सके.

और अध्ययन के रास्ते खुलेंगे.
वैज्ञानिकगण पिछले 40 सालो से इस समस्या के समाधान में जुटे थे. अब कहीं जाकर उन्हें प्रमाणिक जानकारी मिल सकी है. इसी अध्ययन से वे यह पता लगा सके कि न्यूट्रॉन तारे के पदार्थ की अवस्था का समीकरण सटीक तरीके से बताया जा सकता है या नहीं. यह समीकरण दबाव और ऊर्जा धनत्व के बीच संबंध बताता है. इस नए अवलोकन से प्राप्त जानकारी से ही शोधकर्ता न्यूट्रॉन तारों में क्वार्क पदार्थ की उपस्थिति कि पुष्टि करने में सफल हो सके. शोधकर्ता इन नतीजों से संबंधित अनिश्चितता को कम करने की और ज्यादा कोशिश कर रहे हैं.

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