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90 साल की महिला ने कोरोना को हराया, दुनिया को दिया संदेश-बस हिम्मत मत हारना

News18Hindi
Updated: March 30, 2020, 12:29 AM IST
90 साल की महिला ने कोरोना को हराया, दुनिया को दिया संदेश-बस हिम्मत मत हारना
90 साल की अमेरिकी महिला जेनेवा वुड ने कोरोना वायरस को मात दे दी है.

जेनेवा अपने घर में गिर गई थीं. उनकी कूल्हे की हड्डी टूट गई थी. अस्पताल में जांच के बाद वो कोरोना पॉजिटिव भी निकलीं. लेकिन अब वो कोरोना से पूरी तरह ठीक हो चुकी हैं.

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  • Last Updated: March 30, 2020, 12:29 AM IST
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जबसे कोरोना वायरस (Corona Virus) का खतरा फैला है एक बात आपको हर तरफ सुनाई पड़ रही होगी- इस बीमारी से उम्रदराज लोगों को सबसे ज्यादा खतरा है. बताया जा रहा है कि इटली में इस बीमारी से मृतकों की संख्या में बेहद ज्यादा इजाफा इसी वजह से हुआ क्योंकि देश में बुजुर्ग लोगों की आबादी का प्रतिशत बड़ी मात्रा में है. लेकिन वाशिंगटन की एक 90 वर्षीय महिला ने इन स्थापित धारणा को तोड़ दिया है. अमेरिका की राजधानी में रहने वाली जेनेवा वुड ने स्वस्थ होने के बाद ईश्वर और अपने परिवार के अलावा एक और चीज को धन्यवाद दिया है. वो है उनके घर में बने पोटैटो सूप.

पांच संतानों की मां वुड अपने अपार्टमेंट में अकेली ही रहती हैं. वुड की कहानी दुनियाभर के लिए प्रेरणादायी सिर्फ इसलिए नहीं है कि उन्होंने कोरोना वायरस की बीमारी को हराया है. दरअसल ये साल उनके लिए शुरुआत से ही मुश्किलें लेकर आया है. साल के शुरुआत में उन्हें स्ट्रोक आया. इसके बाद उन्हें भर्ती कराया गया. इलाज पूरा होने के बाद जब उन्हें घर भेजा गया तो इसी चार मार्च को गिर पड़ीं और उनका कूल्हा टूट गया. 6 मार्च को टेस्ट के बाद वो कोरोना से भी संक्रमित पाई गईं.

जेनेवा वुड की पहले की एक तस्वीर.




लेकिन ये वुड की जिजिविषा ही कही जा सकती है कि अब 23 दिन बाद वो कोरोना के खतरे से बाहर आ चुकी हैं. कूल्हे की दिक्कत से बाहर आने के लिए उन्हें अभी कुछ और दिनों तक इलाज कराना होगा. लेकिन वुड आशांवित दिखती है. उनका कहना है कि ईश्वर की कृपा से बिल्कुल ठीक हो जाएंगी.



वुड की बेटी निदेघ कहती हैं कि स्ट्रोक आने के बाद मां की तबीयत ऐसी नहीं रह गई थी कि वो अपना खयाल खुद से रख पातीं. बाद में जब कूल्हे और कोरोना की दिक्कतों ने भी घेर लिया तो एक बार निराशा होने लगी थी. निदेघ ने बताया कि बीच में तो मां की तबीयत इतनी खराब हो गई कि डॉक्टर को कहना पड़ा अब वो सिर्फ 24 घंटे की मेहमान हैं. ये सुनने के बाद हम सभी भाई बहन भागकर अस्पताल पहुंचे. उस वक्त तो हम उन्हें वार्ड के बाहर से देख सकते थे.

मां जेनेवा वुड के साथ बेटी निदेघ.


निदेघ बताती हैं कि 16 मार्च को तबीयत काफी ज्यादा बिगड़ गई थी. हम सभी भाई बहन वार्ड के बिल्कुल बगल में बने एक वेटिंग रूम में बैठे रहते थे. कुछ दिनों बाद उनकी तबीयत रिकवर होना शुरू हुई तो फिर सूप दिया जाने लगा. मेरी मां को पोटैटो सूप बेहद अच्छा लगता है. फिर हमने घर का बना सूप देना शुरू किया. निदेघ बताती हैं कि उनकी मां पहले भी जब भी बीमार पड़ती थीं पोटैटो सूप पीती थीं. ये बीमारी के दौरान उनके शरीर के लिए भी ठीक था.

अब वुड कोरोना की जकड़ से पूरी तरह बाहर निकल चुकी हैं. उनके सभी बच्चे दिन-रात खयाल रखने के लिए साथ रहते हैं. उनकी बेटी निदेघ कहती हैं कि मां का दुनियाभर के कोरोना संक्रमितों के लिए एक सकारात्मक संदेश है-बस हिम्मत नहीं हारनी है.

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First published: March 29, 2020, 10:41 PM IST
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