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दुनियाभर में डूबी ये बड़ी ट्रेवल कंपनी लेकिन भारत में क्यों सुरक्षित

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Updated: September 23, 2019, 4:45 PM IST
दुनियाभर में डूबी ये बड़ी ट्रेवल कंपनी लेकिन भारत में क्यों सुरक्षित
दुनियाभर में डूब गई थामस कुक टूर आपरेटर कंपनी

दुनियाभर में थामस कुक का डूबना किसी हाहाकार से कम नहीं है. इसीलिए अमेरिका से लेकर ब्रिटेन तक में ये सबसे बड़ी खबर है. लोग हैरत में हैं कि 178 साल पुरानी ये बड़ी ब्रिटिश टूर कंपनी कैसे धराशाई हो गई

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  • Last Updated: September 23, 2019, 4:45 PM IST
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178 साल पुरानी ब्रिटिश टूर आपरेटर कंपनी थामस कुक रविवार की रात दुनियाभर तबाह हो गई. जिससे इसके साथ टूर का प्लान बना चुके छह लाख से ज्यादा लोगों पर भी असर पड़ा. उनका पैसा तो फंस ही गया और उन्हें मालूम भी नहीं कि अगर वो अपनी यात्रा के बीच में हैं तो क्या करें. लेकिन अगर आपने भारत में थामस कुक में अपना टूर बुक कराया हुआ है तो आप पर इसका असर नहीं पड़ेगा.

भारत में थामस कुक (इंडिया) ग्रुप अपनी पेरेंट कंपनी से पूरी तरह अलग है. क्योंकि अगस्त 2012 में इसका काम कामकाज फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग ने संभाल लिया था, ये कनाडा की मल्टीनेशनल इनवेस्टमेंट कंपनी है.

आज दुनियाभर के समाचार माध्यमों में अगर कोई सबसे बड़ी खबर है तो यही कि किस तरह थामस कुक डूब गई और इसमें पैसा लगा चुके या भ्रमण के लिए निकले पर्यटक चौराहे पर आ गए. इस खबर ने अमेरिका से लेकर ब्रिटेन तक में हाहाकार मचाया हुआ है. किसी को विश्वास भी नहीं हो रहा कि थामस कुक के साथ ऐसा हो सकता है.

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भारत पर इसलिए असर नहीं
बिजनेस लाइन ने थामस कुक इंडिया का बयान प्रकाशित किया है. जिसमें कहा गया है कि पिछले सात सालों से हम बेहतर कर रहे हैं और हमारी कंपनी फेयरफैक्स होल्डिंग द्वारा थामस कुक इंडिया लिमिटेड में 77 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के बाद अच्छी स्थिति में है. लिहाजा भारत में थामस कुक के साथ टूर प्लान कर रहे लोगों को डरने की जरूरत नहीं. हालांकि शेयर बाजार में थामस कुक इंडिया के शेयर जरूर गिर गए.

ये कंपनी दुनिया की सबसे पुरानी टूर आपरेटर कंपनी थी

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थामस कुक दुनिया की सबसे बड़ी टूर आपरेटर कंपनी थी. इसके आपरेशन पूरी दुनिया में फैले थे. लेकिन इसके डूब जाने से दुनियाभर में 22 हजार से ज्यादा जॉब जाने का खतरा पैदा हो गया है. ब्रिटेन में करीब 16 हजार लोगों ने सोमवार को इसके साथ टूर बुकिंग करा रखी थी. वो सभी अधर में फंस गए.

यहां भी कंपनी का कामकाज सामान्य 
हालांकि थामस कुक के भारत, चीन, जर्मनी और नोर्डिक देशों की सब्सडिरीज अपना काम सामान्य तरीके से करती रहेंगी, क्योंकि उनका बड़ा हिस्सा पहले ही दूसरी कंपनियों को बेचा जा चुका था.

दुनियाभर में थामस कुक का डूबना सबसे बड़ी खबर है, क्योंकि इसका असर लाखों लोगों पर पड़ेगा


क्यों डूब गई कंपनी 
दुनिया की सबसे पुरानी ट्रैवल कंपनी लंबे समय से फंड की कमी से जूझ रही थी और बैंकों की एक समिति ने अतिरिक्त फंड की उसकी मांग पर फैसले रोक दिया था. पिछले महीने अगस्त में थॉमस कुक ने रिकैपिटलाइजेशन से जुड़ी योजना को लेकर चीन की शेयरहोल्डर फोसुन के साथ एक सौदे की प्रमुख शर्तों को पर सहमति जताई थी। यह सौता 1.1 अरब डॉलर का था.
इतना ही नहीं, रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड (आरबीएस) ने भी कंपनी को झटका दिया था.  कंपनी के 20 करोड़ पाउंड की अतिरिक्त फंड की मांग को चिह्नित नहीं किया गया. बता दें कि आरबीएस पिछले कई वर्षों से कंपनी को मदद उपलब्ध कराता रहा है.

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First published: September 23, 2019, 4:45 PM IST
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