कोरोना वायरस से ज्यादा ये बीमारियां ले लेती हैं हर साल लोगों की जान

कोरोना वायरस से ज्यादा ये बीमारियां ले लेती हैं हर साल लोगों की जान
कोरोना वायरस जनित कोविड 19 बीमारी अब तक दुनिया में हज़ारों मौतों का कारण बन चुकी है और इसे वैश्विक महामारी मान लिया गया है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में कौन सी बीमारियां सबसे ज़्यादा मौतों की ज़िम्मेदार हैं?

कोरोना वायरस जनित कोविड 19 बीमारी अब तक दुनिया में हज़ारों मौतों का कारण बन चुकी है और इसे वैश्विक महामारी मान लिया गया है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में कौन सी बीमारियां सबसे ज़्यादा मौतों की ज़िम्मेदार हैं?

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2020, 3:50 PM IST
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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस जनित बीमारियों को पैनडैमिक यानी वैश्विक महामारी घोषित कर दिया है और उधर इस वायरस के कारण दुनिया में मौतों का आंकड़ा 4300 पार जा चुका है. खबरों की मानें तो इस वायरस से होने वाले रोगों के लिए कोई पुख्ता इलाज या टीका 2021 तक वि​कसित किया जा सकेगा. इन तमाम अपडेट्स के बीच क्या आप जानते हैं कि दुनिया में कौन सी बीमारियां सबसे ज़्यादा मौतों का कारण बनती हैं?

इसका अब तक कोई ठोस अंदाज़ा नहीं है कि 2020 में कोरोना वायरस के कारण कितनी जानें जा सकती हैं. इसकी एक व​जह यह है कि इस वायरस के कारण सबसे ज़्यादा संकट झेल चुके चीन में रोकथाम कर ली गई है और वहां मामले लगातार घट रहे हैं. दूसरी तरफ, विशेषज्ञों के अनुसार COVID 19 के चलते होने वाली मौतों का प्रतिशत कम है. ऐसे में, जानिए कि कौन सी बीमारियां हर साल दुनिया में सबसे ज़्यादा जानें लेती हैं.

कोरोनरी हार्ट ​डिसीज़
यह अस्ल में हृदय धमनी रोग है, जिसमें लंबे समय में हृदय में ब्लड और ऑक्सीजन की सप्लाई कम हो जाती है. इस प्रक्रिया को कोरोनरी धमनी की बीमारी (सीएडी) कहते हैं. सीएडी पुरुषों और महिलाओं दोनों की मृत्यु का एक मुख्य कारण होता है. कार्डियो वैस्कुलर बीमारियों के कारण हर साल डेढ़ करोड़ से ज़्यादा लोग जान गंवाते हैं. डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 15 सालों से यह बीमारी सबसे ज़्यादा मौतों का सबसे बड़ा कारण है.
बढ़ रहा है कैंसर


डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक 2016 में फेफड़ों (ट्रैकिया व ब्रॉंकस कैंसर सहित) के कैंसर के कारण 17 लाख से ज़्यादा मौतें हुईं. लेकिन चिंता की बात ये है कि लैंसेट की 2019 की रिपोर्ट और कार्डियोलॉजी की यूरोपियन सोसायटी की 2019 कांग्रेस में सामने आए तथ्यों को मानें तो उच्च आय वाले देशों में कैंसर सबसे ज़्यादा मौतों का कारण बन चुकी बीमारी है, जबकि मध्यम और कम आय वाले देशों में हृदय संबंधी रोग ही सबसे ज़्यादा जानलेवा हैं.

सीओपीडी और डायबिटीज़
क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीज़ और डायबिटीज़ दुनिया के सामने बड़े खतरे बन चुके हैं. सीओपीडी के कारण जहां 30 लाख लोग जान गंवाते हैं, वहीं हर साल 15 से 16 लाख लोग डायबिटीज़ के कारण मर रहे हैं. डायबिटीज़ को लेकर कई तरह के चौंकाते आंकड़े सामने आ चुके हैं और विकासशील देशों में यह महामारी की तरह फैल रही है.

अन्य खतरनाक बीमारियां
इनके अलावा डब्ल्यूएचओ ने जो सबसे खतरनाक 10 बीमारियों की ​सूची जारी की थी, उसके मुताबिक़ टॉप टेन लिस्ट में सांस संबंधी संक्रमण, डायरिया, टीबी, अल्ज़ाइमर और डेमेंशिया और सड़क हादसों की चोटें दुनिया में हर साल सबसे ज़्यादा जानें लेने वाले रोगों में शामिल हैं. वहीं एड्स अब टॉप टेन जानलेवा रोगों की सूची से बाहर हो चुका है.

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