जानें अफ्रीका में क्यों लगने लगे हैं चीन को झटके

इससे पहले हाल ही में पाकिस्तान और मलेशिया ने भी चीन के बड़े प्रोजेक्ट और लोन को लेकर ठंडा रुख दिखाया है, लेकिन ये पहला मौका है जब किसी अफ्रीकी सरकार ने चीन के किसी बड़े सौदे को रद्द ही कर दिया है.

News18Hindi
Updated: October 11, 2018, 4:54 PM IST
जानें अफ्रीका में क्यों लगने लगे हैं चीन को झटके
शी जिनपिंग की फाइल फोटो
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Updated: October 11, 2018, 4:54 PM IST
अफ्रीका के एक छोटे से देश ने चीन को बड़ा झटका दिया है. हाल फिलहाल में अफ्रीका का ये तीसरा देश है, जिसने चीन को आंखें दिखाने की कोशिश की है. सिएरा लियोन नाम के इस देश ने चीन के एयरपोर्ट बनाने की योजना को रद्द कर दिया है.

चीन बहुत समय से सिएरा लियोन में 318 मिलियन डॉलर की लागत से सियरा लियोन की राजधानी के बाहर लोन देकर अपनी कंपनी से एक एयरपोर्ट बनवाना चाहता था. ये चीन का मेगा प्रोजेक्ट था, जिसे एक चीनी कंपनी बनवाने वाली थी. इसे 2022 में पूरा होना था. ये प्रोजेक्ट शुरू भी हो गया था, लेकिन नई सरकार के सत्ता में आते ही इस पर रोक लगा दी गई. दरअसल इस साल मार्च में सिएरा लियोन में सत्ता परिवर्तन के बाद अर्नेस्ट बेई कोरोमा प्रेसीडेंट बने हैं.

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पहली बार अफ्रीका में चीनी प्रोजेक्ट रद 

इससे पहले हाल ही में पाकिस्तान और मलेशिया ने भी चीन के बड़े प्रोजेक्ट और लोन को लेकर ठंडा रुख दिखाया है, लेकिन ये पहला मौका है जब किसी अफ्रीकी सरकार ने चीन के किसी बड़े सौदे को रद्द ही कर दिया है.

सिएरा लियोन सबसे गरीब अफ्रीकी देश 
सिएरा लियोन अफ्रीका के सबसे गरीब देशों में है. हाल ही में इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड ने उन्हें कर्ज में डूबा होने के कारण आगाह भी किया है. सितंबर 2007 में राष्ट्रपति कोरोमा ने चीन के इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखाई थी. इस साल अप्रैल तक इस देश ने चीन से 224 मिलियन डालर का कर्ज भी ले लिया था. लेकिन सत्ता में बदलाव के बाद कई सालों में विवाद में पड़ी इस खत्म करना ही बेहतर समझा.

सिएरा लियोन दुनिया के सबसे गरीब देशों में है. अभी यहां ज्यादा विकास नहीं हुआ है (फोटो सौजन्य - विकीकॉमंस मीडिया)


गैर पारदर्शिता के कारण भी ये प्रोजेक्ट कई सालों से विवादों में था. इस प्रोजेक्ट के अगर चीन लोन दे रहा था तो चीनी सरकार से जुड़ी एक कंपनी इसे बना रही थी.

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चीनी कर्ज में डूबे हैं अफ्रीकी देश 
फिलहाल अफ्रीका कई देश बुरी तरह चीन के कर्ज में डूबे हुए थे. कुल मिलाकर अफ्रीकी देशों ने 130 बिलियन डॉलर का कर्जा ले रखा है. चीन की दुनियाभर कर्ज के जाल में फंसाने वाली डिप्लोमेसी को लेकर आलोचना भी होती है. जब कोई देश उसका कर्ज अदा नहीं कर पाता तो चीन उस पर दबाव बनाने लगता है. उस देश से किसी तरह इस प्रोजेक्ट को लंबी लीज पर लेकर खुद संचालित करता है.



श्रीलंका जब कर्ज भुगतान नहीं कर सका तो क्या हुआ 
ऐसा ही श्रीलंका में हुआ. चीन ने श्रीलंका के एक बंदरगाह के लिए 1.5 बिलियन डॉलर का निवेश किया. जब देश इसका भुगतान नहीं कर पाया तो ये श्रीलंका सरकार को ये पोर्ट 99 सालों के लिए चीनी सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी को देना पड़ा.

दुनिया के सबसे खूबसूरत देशों में गिना जाता है सिएरा लियोन


1961 में आजाद हुआ सिएरा लियोन
सिएरा लियोन पश्चिम अफ्रीकी देश है. यहां की कुल आबादी केवल 70 लाख है. इसकी राजधानी का नाम फ्रीटाउन है. इस देश में पांच प्रांत और 60 जिले हैं. किसी जमाने में सिएरा लियोन ब्रिटिश उपनिवेश था लेकिन 1961 में ये आजाद हो गया.

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अफ्रीका महाद्वीप में सबसे बड़ा निवेशक है चीन
चीन इस समय अफ्रीकी महाद्वीप में सबसे बड़े निवेशक के रूप में उभरा है. लेकिन अफ्रीकी देश में अब चीन को लेकर विरोध भी उभरना शुरू हो चुका है. नोरू और जिम्बाब्वे ने पिछले दिनों साफतौर पर चीन के तौरतरीकों पर नाराजगी जाहिर करते हुए उसे अपने देश में दखलंदाजी बंद करने को कहा था.

मोटा मुनाफा कमा रही हैं चीनी कंपनियां 
हाल ही में फोर्ब्स पत्रिका में एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई कि किस तरह चीन अफ्रीका में फैलता जा रहा है. लेखक पैनस मोरडोकटास लिखते हैं कि अफ्रीका में चीनी कंपनियों को बहुत सस्ते में संसाधन उपलब्ध हो रहे हैं, इससे चीनी कंस्ट्रक्शन कंपनियां मोटा मुनाफा कमा रही हैं.

अफ्रीकी देशों में चीन का निवेश लगातार बढ़ रहा है


अफ्रीका उस बाजार के रूप में भी उभर रहा है, जिसे चीन अपने सस्ते उत्पादों से पाट रहा है. अफ्रीका में जिस तरह चीन फैल रहा है, वो उसके ग्लोबल एंपायर में मदद करता दीख रहा है.

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अब वहां चीनी ज्यादा नजर आते हैं 
दस साल पहले वहां शायद ही कोई चीनी दिखाई पड़ता था, लेकिन अब वहां चीनियों का दिखना सामान्य बात है. मेडागास्कर से आने वाली फ्लाइट्स में दूसरे लोगों की तुलना में चीनी कहीं ज्यादा होते हैं. वो सभी चीन आ रहे होते हैं. चीनी वहां पर्यटक के तौर पर नहीं बल्कि आर्थिक कारणों से जाते हैं.

अफ्रीकी देश मोरक्को के एक प्रोजेक्ट में चीनी अधिकारी


अफ्रीका में 10 हजार से ज्यादा कंपनियां 
चीन में इस समय 3000 से ज्यादा कंपनियां काम कर रही हैं. मैकिंसे एंड कंपनी की जून 2017 की एक रिपोर्ट में आंकलन लगाया गया है कि 3000 नहीं बल्कि 10000 से ज्यादा चीनी स्वामित्व वाली कंपनियां अफ्रीका में काम कर रही हैं.

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