विदेश में जाकर बसने का है सपना तो इन दो देशों में मिल रहा है सिर्फ 100 रुपए में घर

कुछ दिनों पहले ये खबरें आईं थीं इटली अपने खाली होते गांवों को बचाने के लिए दुनियाभर के लोगों को मुफ्त में मकान और नौकरी के ऑफर दे रहा है. अब ऐसे प्रस्ताव दुनिया के कई देशों में आ रहे हैं

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 1, 2019, 9:06 PM IST
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कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि इटली में आप ना केवल एक डॉलर में मकान खरीद सकते हैं बल्कि नौकरी भी पा सकते हैं. अब कुछ ऐसी खबर इंग्लैंड और फ्रांस से भी आ रही है, जहां सौ-सौ रुपए लोग पुराने खाली पड़े मकानों के मालिक बन रहे हैं. बस इन मकानों का रेनोवेशन आपको खुद कराना होगा.

इस आशय की खबरें ब्रिटेन के अखबारों, वेबसाइट्स और टीवी पर पिछले कुछ दिनों से छाई हुई हैं. दरअसल ब्रिटेन के बहुत से औद्योगिक कस्बे या खनिजकर्मियों के लिए बसाई गई कॉलोनियां एकदम खाली हो गई हैं. हालांकि उनकी हालत जर्जर है लेकिन वहां लोगों को बसाने के लिए अनूठी स्कीम लाई गई है.
इसी तरह की एक बस्ती इंग्लैंड के लिवरपूल में है. वहां की कई स्ट्रीट्स एकदम खाली पड़ी हुई हैं. इन स्ट्रीट्स के मकान महज एक पाउंड यानि केवल सौ-सौ रुपये में बिकाऊ हैं. इसे ब्रिटेन की सबसे सस्ती स्ट्रीट कहा जा रहा है. यहां हाउस काउंसिल ने इसके लिए इच्छुक लोगों से करार किये हैं. लिवरपूल की ही केंस स्ट्रीट में एक भारतीय मूल के टैक्सी ड्राइवर जयलाल ने केवल एक पाउंड में इसी तरह के घर को खरीदकर उसे इस तरह रेनोवेट किया है कि शानदार आशियाने में बदल गया है.

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केवल इंग्लैंड ही नहीं बल्कि फ्रांस और इटली के कुछ नए इलाकों में पुराने घर एक यूरो में दिये जा रहे हैं लेकिन उनके साथ ये शर्त जुड़ी हुई है कि जो भी इन्हें खरीदेगा, उसे वहीं बसना होगा और मरम्मत का काम खुद कराना होगा.



एक भारतीय सबसे पहले बना एक पाउंड के घर का मालिक
लिवरपूल में जब टैक्सी ड्राइवर जयलाल मेडे ने रेडियो पर सुना कि यहां की कई खाली पड़ी स्ट्रीट्स में पुराने घर एक पाउंड के बिक रहे हैं, तो उन्होंने तुरंत लिवरपूल हाउस काउंसिल से संपर्क किया. उन्होंने काउंसिल में जाकर तुरंत उन सारी औपचारिकताओं को पूरा किया, जो जरूरी हैं. जयलाल ने चैनल फोर से कहा कि मैं वाकई विश्वास नहीं कर पा रहा था कि महज एक पाउंड में घर का मालिक बना जा सकता है.

भारतीय मूल के टैक्सी ड्राइवर जयलाल मेडे ने एक पाउंड में ये घर खरीदा है, अब ये इस घर में रहने आ गए हैं


वो आगे कहते हैं कि मुझको जो घर अलाट किया गया. वो पुराना था लेकिन इसमें कुछ हजार पाउंड लगाकर मैने इसे रेनोवेट कराया. अब ये शानदार थ्रीबेड रूम डुपलैक्स में तब्दील हो गया.
हाल ही में उन्हें लिवरपूल सिटी काउंसलर ने नए घर की चाबी सौंपी. धीरे धीरे भूतहा पड़ी ये कॉलोनी आबाद हो रही है. हालांकि इसमें अब कई तरह की समस्याएं हैं. क्योंकि यहां लंबे समय से कॉलोनियां खाली रहने से अपराध बढ़ गए हैं. सुविधाएं बदतर हाल में हैं. फिर सबसे बड़ी बात ये भी है इन मकानों में बहुत काम कराने की जरूरत है.

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कॉफी से भी कम कीमत में दो बेडरूम का फ्लैट
स्नातक की पढ़ाई कर रही विक्टोरिया ब्रेनन ने भी लिवरपूल के पास एक कप कॉफी से कम कीमत में एक घर खरीदा था. ये जुए जैसा था, लेकिन अब उन्हें लगता है कि उन्होंने सही काम किया है. उन्हें घर मिल गया. उनका घर खस्ता हाल में था. दो बैडरूम वाले घर में काफी काम कराना पड़ा. लेकिन ये एक प्रापर घर में बदल चुका है.

कितने घर बेचे जा चुके हैं और कितने लोग लाइन में
काउंसिल के अनुसार लिवरपूल में इस स्कीम के जरिए अब तक 75 घर बेचे जा चुके हैं. 33 घरों पर अभी काम चल रहा है और 13 घरों को लेकर मोलभाव हो रहा है. अब तक 2,500 लोगों ने इस स्कीम के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है. इनमें अलग अलग तरह के घर हैं. कुछ बड़े हैं तो कुछ छोटे.

आमतौर पर इन घरों की हालत खस्ता है, इनकी मरम्मत खुद करानी होगी लेकिन हां ये बहुत सस्ते में मकान मालिक बनने का मौका जरूर है


लिवरपूल के मेयर जो एंडरसन से मीडिया से कहा, "इस स्कीम को सरकार द्वारा इन घरों को तोड़े जाने से इंकार किए जाने के बाद शुरू किया. सरकार इनकी जगह दूसरे घर नहीं बनाना चाहती थीं. लेकिन इस स्कीम से अब नया समाज बन रहा है."

एक पाउंड में घर देने की यह योजना लिवरपूल सिटी काउंसिल द्वारा चलाई जा रही है. इसके ऊपर कई डॉक्यूमेंट्री भी बनी हैं. उजाड़ होते जा रहे गांवों को बचाने के लिए उन्हें सिर्फ टोकन राशि पर बेच देना एक सही रणनीति साबित हो रहा है. ऐसा केवल लिवरपूल में हीं ब्रिटेन में कई जगहों पर हो रहा है. ये घर एक पाउंड में खरीदने के बाद बस इनकी मरम्मत का खर्चा उठाना पड़ता है.

लिवरपूल की केंस स्ट्रीट को सबसे सस्ती स्ट्रीट कहा जा रहा है, जहां के ज्यादातर मकान एक पाउंड में बिकाऊ हैं


फ्रांसीसी शहर में एक यूरो में बिकाऊ हैं घर
इसी स्कीम को देखकर उत्तरी फ्रांस के शहर रूबै में भी एक यूरो में घर खरीदने की स्कीम चल रही है. यह शहर भी औद्योगिक रूप से उजड़ चुका है. इसलिए इसे फिर से बसाने की कोशिश हो रही है. फ्रांस में ऐसे करीब 18 मकान बेचे जा रहे हैं. जिसकी प्राइस एक यूरो रखी गई है.

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इसके साथ कुछ शर्त भी जुड़ी हुई है, यहां भी आपको दिये जा रहे मकान को रेनोवेट करना पड़ेगा और ये वादा करना होगा कि आप छह साल तक इसे छोड़कर नहीं जाएंगे. वैसे रूबै को फ्रांस का सबसे गरीब कस्बा कहा जाता है. यहां से बड़े पैमाने पर पलायन हो चुका है

फ्रांस के रूबै शहर के वो मकान जो केवल एक यूरो में बिक रहे हैं, इनकी मरम्मत कराने के साथ इनमें कम से कम छह साल तक रहना होगा


सिसली में भी एक यूरो में लीजिए बंगला लेकिन...
इटली के दक्षिणी शहरों में भी एक यूरो में घर बेचने की स्कीम चल रही है. इटली के सिसली इलाके के मुसोमेली में एक यूरो के विला बिकाऊ हैं. बस उनकी दो शर्तें हैं. एक तो यहां लंबे समय तक रहना होगा और दूसरा इन घरों की मरम्मत खुद करानी होगी. ये इलाका प्राकृतिक तौर पर काफी खूबसूरत है. दूसरे यहां से समुद्र तट कुछ ही किलोमीटर पर है. उजड़ चुके शहरों को बसाने का ये अच्छा तरीका हो सकता है.

इटली के सिसली इलाके के मुसोमेली शहर में ऐसे मकान एक यूरो में बिक रहे हैं, उनके लिए सीधे नगर पालिका से संपर्क करना होगा. मकान बेशक सस्ता है लेकिन इसको खऱीदने के प्रोसेस में जरूर कुछ ज्यादा पैसे लग सकते हैं.


इनके अलावा अमेरिका के इंडियाना में गैरी कस्बे में कुछ मकान केवल एक डॉलर में बिकाऊ हैं. दरअसल 1960 में कस्बे की स्टील इंडस्ट्री बंद होने के बाद यहां की आबादी कम होने लगी. लोग मकानों को खाली करके चले गए. इन घरों को एक डॉलर में दिया जा रहा है. बस शर्त ये ही कि एक साल के अंदर घर खरीदने वाला इसे ठीक करा लेगा और फिर इसमें आने के बाद यहां कम से कम पांच साल तक जरूर रहेगा. खरीदार की न्यूनतम सालाना आय 35 हजार डॉलर होनी चाहिए. साथ ही साथ इस घर को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा.

ये अमेरिका के इंडियाना के गैरी कस्बे के शानदार मकान हैं, जो केवल एक डॉलर में बिकाऊ हैं लेकिन इनकी कुछ शर्तें जरूर हैं




पांच साल रहने के  बाद इस मकान को खरीदने वाला चाहे तो इसे बेच सकता है या इसे किराये पर उठा सकता है या फिर अपने हिसाब से इसमें रद्दोबदल करा सकता है. एकांत और हरी-भरी प्रकृति के बीच रहने वालों के लिए ये मकान वाकई शानदार है.

ऊपर जितने भी मकानों की बात की गई है, उसे दुनिया के किसी भी कोने के लोग खरीद सकते हैं. बशर्ते आप इन मकानों की बिक्री से जुड़ी शर्तों का पालन कर रहे हों.

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