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ओमिक्रान के बारे में उठ रहे तमाम सवालों के जवाब, खतरनाक या नहीं

ओमिक्रान के बारे में उठ रहे तमाम सवालों के जवाब, खतरनाक या नहीं

ओमिक्रॉन वेरिएंट (Omicron Variant) के बारे में वैज्ञानिक काफी कुछ अनुमान लगाने में सफल रहे हैं.  (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

ओमिक्रॉन वेरिएंट (Omicron Variant) के बारे में वैज्ञानिक काफी कुछ अनुमान लगाने में सफल रहे हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

ऑमिक्रॉन वेरिएंट (Omicron Variant) को लेकर वैज्ञानिक आंकड़े जुटाने के साथ अध्ययन के ताजा अपडेट भी दे रहे हैं. वैसे तो निर्णायक नतीजों के लिए वैज्ञानकों को और जानकारी चाहिए, लेकिन उन्होंने अपने कम्प्यूटर मॉडलिंग के जरिए कुछ जानकारी भी निकाली है जो उपयोगी साबित हो सकती है. अभी तक यही बात सामने आ रही है कि वेरिएंट के नए म्यूटेशन वैक्सीन (Vaccine) का सुरक्षा कवच तोड़ने में तो सक्षम हैं लेकिन अच्छी खबर यह भी है कि अभी तक इसकी वजह से कोविड-19 (Covid-19) के गंभीर मामले सामने नहीं आ रहे हैं.

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    दुनिया भर में कोरोना वायरस (Coronavirus) के नए ओमिक्रॉन वेरिएंट (Omicron Variant) तेजी से फैलने की खबरें आ रही हैं. बहुत से देशों में तेजी से ऐतिहाती कदम भी उठाना शुरू कर दिया है. वैज्ञानिक भी इस नए वेरिएंट के प्रभाव पर अपना अध्ययन कर रहे हैं और इससे संबंधित लोगों के मन में उठ रहे सवालों का जवाब पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं. अभी तक का विश्लेषण यही बता रहा है कि ओमिक्रॉम वेरिएंट कुछ अच्छी तो कुछ बुरी खबर भी लेकर आया है. जहां यह वेरिएंट कोरोना वैक्सीन  के सुरक्षा कवच को भेदने में (Evading Corona vaccine) सफल रहने के नतीजे देखने को मिले हैं, वहीं अभी तक ऐसे मामले सामने आते नहीं दिखे हैं कि इससे लोगों को कोई गंभीर बीमारी हो रही हो.

    अभी और आंकड़ों की जरूरत लेकिन
    फिलहाल ओमिक्रॉन के बारे में बहुत सी जानकारी नहीं है. वैज्ञानिकों को अब भी स्पष्ट और निर्णायक रूप से कुछ कहने के लिए आंकड़ों की जरूरत है, लेकिन अभी तक के अवलोकनों, पिछले वेरिएंट की संरचनाओं के अध्ययन और कम्प्यूटर मॉडलिंग के जरिए भी उन्होंने बहुत सी जानकारी निकाली है.

    क्या है नए वेरिएंट में अंतर?
    अभी तक की जानकारी के मुताबिक ओमिक्रॉन में डेल्टा वेरिएंट से दो गुने म्यूटेशन हुए हैं. इसमें अधिकांश संख्या के म्यूटेशन स्पाइक प्रोटीन में पाए गए हैं. भीक्राउन के आकार का यह स्पाइक प्रोटीन वायरस की सतह पर होता है, वैक्सीन इसी प्रोटीन की पहचान करने के लिए हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रशिक्षित करता है.

    वेरिएंट को लेकर चिंता क्यों?
    इस वेरिएंट ने दुनिया में सभी को चौंकाया है. डेल्टा वेरिएंट को फैले काफी समय हो गया था. ऐसे में  लोगों सहित वैज्ञानिकों को भी लगने लगा था कि घातक डेल्टा वेरिएंट की वजह से आई लहर अंतिम बड़ी लहर होगी, जैसा कि 1918 में इंफ्लेजुआ महामारी के समय हुआ था. लेकिन ऐसा नहीं हुआ और ओमिक्रॉन के तेज प्रसार ने लोगों को चिंता में डाल दिया.

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    ओमिक्रॉन वेरिएंट (Omicron Variant) के फिलहाल बहुत खतरनाक होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

     वैक्सीन से बचने की क्षमता का पता कैसे लगा?
    ओमिक्रॉन में जहां म्यूटेशन हुआ है उससे दो बातें सामने आती दिख रही हैं. पहली यह की वायरस में कुछ हद तक वैक्सीन के प्रभाव से बच निकलने की क्षमता है. वायरस में कुछ स्पाइक म्यूटेशन उन जगहों पर मिले हैं जो ऐसे वेरिएंट में देखे गए हैं जो तेजी से फैलते थे. पिछले वेरिएंट के म्यूटेशन ने वायरस को “एंटीबॉडी एस्केप” की क्षमता दी थी जिसमें वायरस पिछले संक्रमण या वैक्सीन से बनी एंटीबॉडी के हमलों से बचकर निकल सकता था.

    टी कोशिका से बचने की क्षमता?
    ऐसा लगता है कि ओमिक्रॉम शरीर की दूसरी पंक्ति की सुरक्षा टी कोशिकाओं से पूरी तरह अप्रभावित नहीं रहता है. टी कोशिकाएं एंटीबॉडी के साथ मिलकर संक्रमण से निपटती हैं. यदि वायरस एंटीबॉडी के हमले से बच भी जाता है तो टी कोशिकाएं संक्रमित कोशिकाओं को खत्म करने का काम करती हैं.

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    ओमिक्रॉन वेरिएंट (Omicron Variant) दूसरे वेरिएंट की तुलना में ज्यादा तेजी से फैल रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

    टी कोशिकाओं पर अनुमान
    वैज्ञानिकों ने इस बात पर ध्यान दिया है कि आखिर म्यूटेशन वायरस के किस इलाके में हो रहे हैं. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में दक्षिण अफ्रीका में केपटाउन यूनिवर्सिटी के इम्यूनोलॉजिस्ट वेंडी बर्गर्स ने बताया, “बहुत से म्यूटेंट स्पाइक प्रोटीन के हॉटस्पॉट में होते हैं. जो एंटीबॉडी से जुड़ने के लिए लिहाज से विशेष होते हैं.  हमने यह अनुमान लगाया है कि बहुत सी टी कोशिकाओं की प्रतिक्रिया अब भी ओमिक्रॉन के खिलाफ सक्रिय होंगी. यानि अभी यह बहुत खतरनाक होगा इसकी संभावना कम ही दिख रही है.

    शोधकर्ताओं को इन सभी अनुमानों की पुष्टि करने के लिए और आंकड़े  हासिल कर उनका परीक्षण करना होगा. लेकिन  शुरुआती कम्प्यूटर विशेलषण इन अनुमानों का समर्थन कर रहे हैं. अभी उन्हें टीकोशिकाओं की प्रतिक्रिया को भी जानना है. जहां कुछ म्यूटेशन पहले भी देखे जा चुके हैं, बहुत से बिलकुल नए हैं जिनका विस्तार से विश्लेषण करने की जरूरत है.

    Tags: COVID 19, Omicron variant, Research, Science

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