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कौन है रहस्यों में घिरी वो ऑनलाइन बिरादरी, जिसका मकसद है औरतों के साथ हिंसा

इंटरनेट पर पुरुषों की ये बिरादरी धीरे-धीरे काफी खतरनाक होती जा रही है सांकेतिक फोटो (Photo-pixabay)

इंटरनेट पर पुरुषों की ये बिरादरी धीरे-धीरे काफी खतरनाक होती जा रही है सांकेतिक फोटो (Photo-pixabay)

इंटरनेट पर पुरुषों की ये बिरादरी (online community for men) धीरे-धीरे काफी खतरनाक होती जा रही है. इसका यकीन है कि औरतों को अपना साथी चुनने की आजादी मिलने के कारण बहुत से पुरुषों की यौन जरूरतें पूरी नहीं हो पा रहीं.

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    नब्बे के दशक के आखिर की बात है, जब 18 साल के एक शर्मीले अमेरिकी लड़के ने इंटरनेट पर एक ग्रुप बनाया. इसपर वे लड़के जुड़ सकते थे जो वास्तविक दुनिया में किसी भी वजह से लड़कियों से दोस्ती नहीं कर पाते थे. इस तरह से एक ऑनलाइन कम्युनिटी बनी, जिसका नाम था “involuntary celibacy”. बाद में यही नाम छोटा होकर इंसेल (incel) हो गया. अब ये एक बड़ा समुदाय है, जिसमें दुनियाभर के पुरुष फेक पहचान से जुड़ते हैं. वे मानते हैं कि यौन जरूरतों को पूरा करने के लिए औरतों के साथ हिंसा सही है. इसी मानसिकता के लोग एसिड अटैक (acid attack) और रेप (rape) को बढ़ावा देते हैं.

    फिलहाल इंसेल का जिक्र इसलिए जरूरी है क्योंकि टोरेंटो में पहली बार किसी इंसेल के खिलाफ आतंकवाद का मुकदमा हो रहा है. दरअसल फरवरी में इंसेल समुदाय के 17 साल के एक लड़के ने मसाज पार्लर में काम करने वाली एक युवती की चाकू से गोदकर हत्या कर दी. पूछताछ में पता चला कि हमलावर औरतों से नफरत करता था और भविष्य में भी ऐसा कर सकता था. यही वजह है कि पहली बार कनाडा पुलिस ने महिलाओं के खिलाफ कट्टरता को भी आतंकवाद की श्रेणी में रखते हुए उसे आतंकी करार दिया और उसके खिलाफ मुकदमे की शुरुआत की. इससे पहले भी साल 2018 में टोरेंटो में वैन से ऐसी ही अटैक हो चुका था, जिसमें 10 लोगों की जान गई थी. कनाडा के Youth Criminal Justice Act के तहत ये पहला मामला है, जिसमें नाबालिक को आतंकी की श्रेणी में रखा जा रहा है.

    इंसेल अंग्रेजी के दो शब्दों से मिलकर बना है, जिसका मतलब है अनचाहे ही कुंवारा रह जाना. सांकेतिक फोटो (Photo-pixabay)


    इंसेल अंग्रेजी के इन्हीं दो शब्दों से मिलकर बना है, जिसका मतलब है अनचाहे ही कुंवारा रह जाना. इसी सोच के तहत अप्रैल 2018 में कनाडा के शहर टोरंटो में एलेक मिनासियन नाम के एक आदमी ने 10 लोगों को वैन से कुचल दिया. रात होने तक एलेक के नाम की एक फेसबुक पोस्ट की चर्चा होने लगी जिसमें उसने खुद को ‘इंसेल रिबेलियन’ करार दिया था. बाद में उसका अकाउंट बंद हो गया और दोषी को गिरफ्त में ले लिया गया.

    पोस्ट में इंसेल रिबेल ने लिखा था- हम कोई आपराधिक बिरादरी नहीं है, लेकिन हमारे भीतर गुस्सा उबलने लगा है. इसकी वजह देते हुए एलेक ने लिखा था कि औरतें अच्छे कठ-काठी वाले पुरुषों की तरफ ही आकर्षित होती हैं, इससे हम जैसे लोग अकेले रह जाते हैं. वॉक्स की रिपोर्ट के मुताबिक ये इंसेल प्यार में धोखा खाकर इंटरनेट पर आया, जहां उसे इंसेल ग्रुप मिला. उसी के सदस्यों ने उसे सुंदर लड़कियों से बदला लेने के लिए उकसाया था.

    असल में खुद को इंसेल बताने वाले अपनी यौन असफलता के लिए सामाजिक-राजनीतिक माहौल को बड़ी वजह मानते हैं. यही नहीं, वह यह मानकर चलते हैं कि महिलाएं बेहद उथली, खराब और सिर्फ अच्छी डील डौल वाले पुरुष के प्रति ही आकर्षित होती हैं. इंसेल को लगता है कि यह उन औसत से कम दिखने वाले और निचले वर्ग के पुरुषों के साथ अन्याय है जिनकी तरफ महिलाओं का ध्यान नहीं जाता. इसी का बदला लेने के लिए वह औरतों और समाज के खिलाफ हिंसा के रास्ते को उचित समझने लगते हैं.

    इंसेल समुदाय के 17 साल के एक लड़के ने पार्लर में काम करने वाली एक युवती की चाकू से गोदकर हत्या कर दी. सांकेतिक फोटो (Photo-pixabay)


    वे सोचते हैं कि इसका बदला महिलाओं के खिलाफ हिंसा करके ही लिया जा सकता है. वहीं, मनचाही और उनके पैमाने के हिसाब से खूबसूरत लड़की के साथ सेक्स नहीं कर पाने के लिए वह समाज को भी जिम्मेदार मानते हैं. वह नफरत करते हैं उस समाज से जो उन्हें यौन सुख देने के लिए कुछ नहीं कर पा रहा है. इंसेल का मानना है कि क्यूंकि शादी करके पुरुष की 'दासी' बनने के बजाय महिलाओं को अपनी पसंद के व्यक्ति को चुनने का अधिकार दे दिया गया है इसलिए अब औरतें ज्यादा आकर्षक पुरुषों को चुन रही हैं और इंसेल को पूरी तरह दरकिनार किया जा रहा है.

    इंसेल को मानसिक विकृति बताया जाता है. टोरंटो त्रासदी को अंजाम देने वाला एलेक अपनी हिंसक कल्पनाओं को अंजाम देने वाला पहला शख्स नहीं है. एलेक ने अपनी फेसबुक पोस्ट में इलियट रोजर नाम के आदमी को ‘बेहतरीन आदमी’ बताया. रोजर ने 2014 में कैलिफोर्निया के शहर में 6 लोगों पर गोली दागी और 14 को घायल कर दिया था. उसने अपनी इस हरकत की सफाई देते हुए ऑनलाइन लिखा था कि यह उन औरतों से लिया गया बदला था जिन्होंने उसे उस सेक्स से दूर रखा जिसका वह हकदार था. जल्दी ही यह आदमी खुद को इंसेल बताने वालों का हीरो बन गया.

    इंसेल कौन हैं और क्या करते हैं या क्या करेंगे, इसके बारे में किसी को कुछ पता नहीं होता. एक अनौपचारिक पोल में पाया गया कि इसके सदस्यों में 90 फीसदी से ज्यादा पुरुष 30 साल की उम्र के भीतर के हैं. इंसेल वास्तव में एक विचारधारा है, जिसके तहत बहुत से ऑनलाइन ग्रुप हैं. इसमें से एक है Braincels. इसमें 55 फीसदी सदस्य यूरोप और अमेरिका से हैं. इसके अलावा एशिया से भी इसमें सदस्य हैं.

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