लाइव टीवी

OPINION: महात्मा गांधी को मोहम्मद अली जिन्ना ने कुछ यूं दी थी श्रद्धांजलि

News18Hindi
Updated: October 3, 2019, 12:13 PM IST
OPINION: महात्मा गांधी को मोहम्मद अली जिन्ना ने कुछ यूं दी थी श्रद्धांजलि
24 नवंबर, 1939 को दिल्‍ली में वायसराय लॉज जाते समय महात्‍मा गांधी रास्‍ते में पड़े मुहम्‍मद अली जिन्‍ना के घर भी गए. दोनों की सियासी विचारधारा बेशक अलग थी, लेकिन दोनों एकदूसरे का बहुत सम्‍मान करते थे. 

Mahatma Gandhi@150 : पाकिस्‍तान के संस्‍थापक मुहम्‍मद अली जिन्‍ना (Muhammad Ali Jinnah) ने 30 जनवरी 1948 को राष्‍ट्रपति महात्‍मा गांधी (Mahatma Gandhi) की हत्‍या के तुरंत बाद भारी मन से दी थी श्रद्धांजलि. वहीं, पाकिस्‍तान की संसद (Pakistani Parliament) ने भी पहले सत्र (First Session) के दौरान 4 फरवरी 1948 को महात्‍मा गांधी को श्रद्धांजलि (Tributes) दी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 3, 2019, 12:13 PM IST
  • Share this:
कल्याणी शंकर
नई दिल्‍ली.
राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी (Mahatma Gandhi) की 30 जनवरी 1948 को हत्‍या किए जाने के बाद भारत (India) में ही नहीं पाकिस्‍तान (Pakistan) में भी शोक की लहर दौड़ गई थी. बापू की हत्‍या के बाद पाकिस्‍तान के संस्‍थापक मुहम्‍मद अली जिन्‍ना (Muhammad Ali Jinnah) ने उसी दिन उन्‍हें श्रद्धांजलि (Tributes) दी. उन्‍होंने कहा, 'मैं इस जानकारी पर सदमे में हूं कि गांधी जी पर जानलेवा हमला किया गया, जिसमें उनका निधन हो गया है.' इसके बाद 4 फरवरी 1948 को पाकिस्‍तानी संसद (Pakistani Parliament) के पहले सत्र में सभी दलों के नेताओं ने भी महात्‍मा गांधी को श्रद्धांज‍लि दी. जिन्‍ना की ओर से महात्‍मा गांधी को दी गई श्रद्धांजलि इसलिए भी अहम मानी जाती है क्‍योंकि बापू हमेशा भारत के बंटवारे का विरोध करते थे. यहां तक कि वह बंटवारे को टालने के लिए कांग्रेस को पीछे हटने और जिन्‍ना को पहली सरकार बनाने देने तक को तैयार थे, लेकिन तब जिन्‍ना ने कहा था कि पाकिस्‍तान नहीं होने से बेहतर है 'घुन लगा पाकिस्‍तान' बनना.

बापू के साथ 'हिंदू' शब्‍द जोड़ने पर हुई थी जिन्‍ना की आलोचना
ऑफिशियल रिकॉर्ड के मुताबिक, जिन्‍ना ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा था, 'मैं यह जानकार सदमे में हूं कि महात्‍मा गांधी पर हमला हुआ, जिसमें उनका निधन हो गया. हमारे बीच राजनीति मतभेद थे, लेकिन वह हिंदू समुदाय में सबसे महान व्‍यक्ति थे. वह ऐसे नेता थे, जिन्‍हें पूरी दुनिया सम्‍मान करती है. मेरी संवेदनाएं भारत के हिंदू समुदाय (Hindu Community) और गांधी जी के परिवार के साथ हैं. गांधी जी जैसे महान व्‍यक्ति की कमी पूरी करना बहुत मुश्किल है.' हालांकि, बयान में महात्‍मा गांधी को 'हिंदू' शब्‍द जोड़कर संबोधित करने के कारण जिन्‍ना की काफी आलोचना भी हुई थी. लोगों का कहना था कि उन्‍होंने सांप्रदायिक सद्भाव (Communal Harmony) के लिए अपना जीवन दे दिया और जिन्‍ना उन्‍हें सांप्रदायिक शब्‍दों से संबोधित कर रहे हैं. बता दें कि ब्रिटिश शासन (British Rule) के आखिरी वर्षों के दौरान एक बार महात्‍मा गांधी ने जिन्‍ना से कहा था कि आपने मुस्लिमों को मंत्रमुग्‍ध कर लिया है. इस पर जिन्‍ना ने महात्‍मा गांधी से कहा कि आपने हिंदुओं को सम्‍मोहित कर लिया है.

महात्‍मा गांधी ने कई दिन नहीं की थी पंडित नेहरू से बातचीत
महात्‍मा गांधी और जिन्‍ना गुजरात के काठियावाड़ से थे. करीब तीन दशक तक दोनों की राजनीतिक विचारधारा एक-दूसरे के उलट थी. जिन्‍ना ने 1913 में ऑल इंडिया मुस्लिम लीग ज्‍वाइन कर ली थी. वहीं, पाकिस्‍तान बनने के बाद वह आखिरी सांस तक देश के पहले गवर्नर जनरल रहे. रिकॉर्ड के मुताबिक, महात्‍मा गांधी और जिन्‍ना दोनों 1946 में कैबिनेट मिशन प्‍लान लागू कराना चाहते थे. इसमें नाकाम होने के बाद जिन्‍ना ने कहा था, 'यह मेरे जीवन का सबसे बुरा दिन है.' वहीं, महात्‍मा गांधी ने 4-5 दिन तक पंडित जवाहरलाल नेहरू से बात नहीं की थी. बाद के दिनों में महात्‍मा गांधी ने पंडित नेहरू और सरदार वल्‍लभ भाई पटेल पर पाकिस्‍तान को राजस्‍व हिस्‍सेदारी के तौर पर 55 करोड़ रुपये देने का दबाव भी बनाया था. इसके लिए वह अनिश्चितकालीन अनशन पर भी बैठ गए थे.

महात्‍मा गांधी की हत्‍या के बाद पाकिस्‍तान के संस्‍थापक मुहम्‍मद अली जिन्‍ना ने संसद में कहा था, उनकी हत्‍या की जितनी निंदा की जाए कम है. उन्‍होंने पूरे जीवन वही किया जिस पर उन्‍हें पूरा भरोसा था.
पाक दौरे का बन चुका था कार्यक्रम, जिन्‍ना ने दे दी थी सहमति
आजादी के बाद महात्‍मा गांधी पर मुस्लिमों का पक्ष लेने के आरोप भी लग रहे थे. इसलिए वह पाकिस्‍तान का दौरा करना चाहते थे, जिसके लिए जिन्‍ना ने भी सहमति जता दी थी. हत्‍या से कुछ दिन पहले फरवरी, 1948 में महात्‍मा गांधी का पाकिस्‍तान दौरा तय था. अगर महात्‍मा गांधी पाकिस्‍तान की यात्रा पर जा पाते तो शायद दोनों देशों के संबंधों में नया मोड़ आ सकता था. हालांकि, ऐसा होने से पहले ही उनकी हत्‍या कर दी गई. उनकी हत्‍या के बाद 4 फरवरी 1948 को पाकिस्‍तान की संसद में सभी दलों के नेताओं ने महात्‍मा गांधी को श्रद्धांजलि दी. सदन के नेता लियाकत अली खान ने कहा, 'मुझे दुख है कि मुझे महात्‍मा गांधी की दुखद हत्‍या की जानकारी देने के लिए खड़ा होना पड़ रहा है. वह हमारे समय के सबसे महान नेता थे. उन्‍होंने बीते 20 साल में भारत की राजनीति में सबसे अहम भूमिका निभाई थी. मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं कि कांग्रेस आज कुछ भी है महात्‍मा गांधी की कोशिशों का ही नतीजा है.'

पाकिस्‍तानी संसद में कहा गया, पाक का भी हुआ है नुकसान
लियाकत अली खान ने कहा, 'मैं प्रार्थना करता हूं कि इस उपमहद्वीप में रहने वाले विभिन्‍न समुदायों के बीच जो सद्भाव उनके जीवत रहते हासिल नहीं किया जा सका, उसे उनके निधन के बाद पाया जा सके.' उनके बाद पूर्वी बंगाल के प्रधानमंत्री ख्‍वाजा नजीमुद्दीन ने कहा, 'महात्‍मा गांधी का निधन सिर्फ भारत का नुकसान नहीं है, बल्कि यह पाकिस्‍तान की भी क्षति है. वह भारत और पाकिस्‍तान के संबंधों को बेहतर करने की कोशिश कर रहे थे.' सिंघ प्रांत के प्रधानमंत्री एमए खुसरो ने कहा कि महात्‍मा गांधी ने अहिंसा के जरिये आजादी का संघर्ष किया. दुर्भाग्‍य से उनका निधन हिंसा के कारण हुआ. उम्‍मीद करता हूं कि उनके छोड़े हुए अधूरे कामों को भारत और पाकिस्‍तान के लोग पूरा करेंगे. सदन की अध्‍यक्षता कर रहे जिन्‍ना ने अंत में कहा कि उनकी हत्‍या की जितनी निंदा की जाए कम है. उन्‍होंने पूरे जीवन वही किया जिस पर उन्‍हें पूरा भरोसा था. इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि पुराने राजनेताओं में सियासी तौर पर एकदूसरे के विरोधी होने के बाद भी एकदूसरे के लिए पूरा सम्‍मान था. उनके निधन पर रूस के तत्‍कालीन राष्‍ट्रपति स्‍टालिन और ब्रिटेन के तत्‍कालीन पीएम विंस्‍टन चर्चिल समेत दुनिया भर के नेताओं ने संवेदना व्‍यक्‍त की थी.

(लेखक राजनीतिक विश्‍लेषक हैं. ये उनके निजी विचार हैं.)

ये भी पढ़ें:

देशद्रोह के मुकदमे में बापू ने कहा, 'हां मैं अपराधी हूं', जज ने झुका दिया सिर

'वर्मा' से 'शास्त्री' कैसे बने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर?

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए नॉलेज से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 2, 2019, 1:57 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर