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कोरोना वायरस से भी तेज विटामिन सी को लेकर फैली भ्रांतियां, जानिए सच क्या है

News18Hindi
Updated: March 25, 2020, 5:56 PM IST
कोरोना वायरस से भी तेज विटामिन सी को लेकर फैली भ्रांतियां, जानिए सच क्या है
सोशल मीडिया पर कई मैसेज वायरल हुए हैं जिनके मुताबिक विटामिन सी का सेवन ज्यादा करने से आपको कोरोना नहीं होगा.

कोरोना वायरस फैलने के बाद सोशल मीडिया में विटामिन सी को लेकर भी भ्रम फैलाया जा रहा है.

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  • Last Updated: March 25, 2020, 5:56 PM IST
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कोरोना वायरस फैलने के बाद सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारियां बेहद तेजी के साथ फैली हैं. ऐसी ही भ्रामक जानकारियों का असर जनता कर्फ्यू के दिन देखने को मिला. पीएम मोदी ने अपने घरों से तालियां, शंख या बर्तन बजाकर डॉक्टरों के लिए सम्मान प्रकट करने की बात की थी लेकिन हुआ उल्टा. कई जगहों पर लोग रैलियों में सड़क पर बाहर निकल आए. मतलब भ्रामक सूचना किसी भी वक्त आपकी दिशा गलत तरफ मोड़ सकती है. ऐसा ही कुछ भ्रम विटामिन सी को लेकर फैला हुआ है.

इसकी जानकारी डॉ. स्कंद शुक्ला (एमडी मेडिसिन, डीएम इम्यूनोलॉजी संजय गांधी पीजीआई  लखनऊ) ने अपनी फेसबुक पोस्ट के जरिए दी है. उन्होंने लिखा है- वर्तमान कोविड-19 पैंडेमिक के दौरान अनेक लोग विटामिन सी के सेवन के विषय में प्रश्न पूछ रहे हैं. क्या विटामिन सी की अत्यधिक मात्रा लेकर कोविड-19 से बचा जा सकता है अथवा उसकी रोगकारिता कम की जा सकती है? फ़्लू व इस-जैसे रोगों में विटामिन सी की पैरवी आज से नहीं, दशकों से चल रही है. यह बात अलग है कि यह झूठी है. विटामिन सी का अतिशय सेवन किसी रोग से किसी की रक्षा नहीं करता.'



डॉ. शुक्ला ने विटामिन सी के प्रयोग को लेकर कुछ निष्कर्ष दिए हैं. ये निष्कर्ष कुछ इस तरह हैं- क्या विटामिन सी घाव भरने में मददगार है ? उत्तर है हाँ, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि उसे अधिक मात्रा में लेने पर घाव जल्दी भर जाएगा. उसे लेंगे तो सही समय पर भरेगा , नहीं लेंगे तो हो सकता है देर हो जाए. दूसरा प्रश्न कि क्या विटामिन सी लेने से ज़ुकाम-खाँसी जल्दी ठीक हो जाते हैं ? उत्तर है नहीं. वे नियत समय में ही ठीक होते हैं. फिर प्रश्न है कि क्या विटामिन सी लेने से ज़ुकाम-खांसी कम होते हैं ? उत्तर है पता नहीं. और शोध चाहिए. लेकिन मोटी और अन्तिम बात यह है कि सन्तुलित आहार के रूप में विटामिन सी लेते रहा जाए , न बहुत ज़्यादा और न बहुत कम. सारी समस्या विटामिन सी को जादुई गोली समझने में है जिसे लेने से ज़ुकाम-खांसी होंगे नहीं और होंगे तो जल्दी ठीक हो जाएंगे.



डॉ. स्कंद शुक्ला ने विटामिन सी के अत्यधिक प्रचार के लिए प्रख्यात रसायदविद् लिनस पाउलिंग को जिम्मेदार ठहराया है. डॉ. शुक्ला ने लिखा है-लिनस पाउलिंग नाम के एक विश्वविख्यात केमिस्ट थे , यह मायाजाल उनका फैलाया हुआ है जो आज तक चला आ रहा है कि विटामिन सी में जादू है. वे विटामिन सी से ऐसे ऑब्सेज़्ड हुए कि 1970 में एक पुस्तक तक लिखी 'विटामिन सी एंड द कॉमन कोल्ड' के नाम से. उसमें उन्होंने तीन ग्राम तक विटामिन सी खाने की बात कह डाली. बस फिर क्या था ? पूरे अमेरिका में विटामिन सी की गोलियों की सेल आसमान छूने लगी. जहाँ देखो , बस विटामिन सी , विटामिन सी , विटामिन सी.'

1970 के दशक में अमेरिकियों ने विटामिन सी का प्रयोग काफी ज्यादा बढ़ा दिया था. इसे लिनस पाउलिंग इफेक्ट भी कहा जाता था.


लिनस पाउलिंग के दावे पर हुई थी रिसर्च
द अटलांटिक.कॉम वेबसाइट पर प्रकाशित एक लेख में जानकारी दी गई है कि लिनस पाउलिंग के दावे पर रिसर्च भी की गई थी. यूनिवर्सिटी ऑफ मेरीलैंड के शोधकर्ताओं ने 11 लोगों को तीन हफ्ते तक 3000 मिलिग्राम विटामिन सी का डोज दिया और 10 लोगों सिर्फ चीनी की गोलियां (प्लेसेबो). जब इन सभी लोगों को कॉमन फ्लू से संक्रमित किया तो सबके भीतर एक जैसे ही लक्षण आए. यानी ऐसा नहीं था कि जिन लोगों को विटामिन सी की खुराक ज्यादा दी जा रही थी,वो फ्लू से जल्दी ठीक हो गए या बचे रहे.

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First published: March 25, 2020, 5:46 PM IST
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