ऐसे हुआ था INX Media में FDI घोटाला, ये हैं पूर्व वित्तमंत्री चिदंबरम पर आरोप

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Updated: August 22, 2019, 8:53 AM IST
ऐसे हुआ था INX Media में FDI घोटाला, ये हैं पूर्व वित्तमंत्री चिदंबरम पर आरोप
पी चिदंबरम को आज सीबीआई कोर्ट में पेश कर सकती है

पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) सीबीआई (CBI) के शिकंजे में हैं. मई 2017 से शुरू हुई INX Media Case की जांच अहम मोड़ पर पहुंच गई है. CBI और ED के पास चिदंबरम के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं..

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पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) को बुधवार रात सीबीआई (CBI) ने गिरफ्तार कर लिया. जोरबाग के घर से उन्हें गिरफ्तार कर सीबीआई हेडक्वॉटर लाया गया. वो रातभर सीबीआई हेडक्वॉटर में रहे.  आईएनएक्स मीडिया केस (INX Media Case) में आज सीबीआई उन्हें कोर्ट में पेश कर सकती है. सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि सीबीआई 7 दिन की रिमांड की मांग कर सकती है.

इसके पहले बुधवार को दिनभर उनके वकील सुप्रीम कोर्ट के चक्कर काटते रहे. पी चिदंबरम किसी भी तरह से गिरफ्तारी से बचना चाह रहे थे. लेकिन कोर्ट ने मामले की सुनवाई तुरंत करने से इनकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट की दलील थी कि ये मामला ऐसा नहीं है, जिसपर तुरंत सुनवाई की जाए.

 

मंगलवार को ही ये साफ हो गया था कि पी चिदंबरम की गिरफ्तारी हो सकती है. पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत की याचिका खारिज कर दी. उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर तुरंत सुनवाई से मना कर दिया.

कांग्रेस के सीनियर लीडर पी चिदंबरम आईएनएक्स मीडिया कंपनी में एफडीआई घोटाले के आरोपी हैं. सीबीआई और ईडी के मुताबिक उनके पास चिदंबरम के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं. मई 2017 से चल रहा केस अब अहम मोड़ पर आ चुका है. जहां सीबीआई और ईडी के पास उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए बहुत कुछ है.

पी चिदंबरम का आरोपों से छुटकाना पाना आसान नहीं
दिल्ली हाईकोर्ट ने चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया केस में मुख्य साजिशकर्ता माना है. पी चिदंबरम के वित्त मंत्री रहते हुए कंपनी को एफडीआई क्लीयरेंस दी गई थी. पी चिदंबरम का इस आरोप से पीछा छुड़ाना आसान नहीं रह गया है.
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सीबीआई ने अपनी जांच के दौरान कहा है कि आईएनएक्स मीडिया ने पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम की सेवाएं ली थीं. कार्ति चिदंबरम ने फॉरेन इनवेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) का अप्रूवल पाने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया था. इस साजिश में कुछ ब्यूरोक्रैट्स, कंपनी के प्रमोटर पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी भी शामिल रहे हैं.

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पी चिदंबरम


सेंट्रल विजिलेंस कमिशन (CVC) ने वित्त मंत्रालय में रहे चार ब्यूरोक्रैट्स के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है. इसमें सिंधुश्री खुल्लर, अनूप पुजारी, प्रबोध सक्सेना और रबिन्द्र प्रसाद का नाम शामिल है. सीवीसी के मुताबिक इनलोगों ने साजिश में अहम रोल प्ले किया है.

ऐसे हुआ कंपनी में एफडीआई घोटाला
एफआईपीबी की 18 मई 2007 को हुई बोर्ड मीटिंग में आईएनएक्स मीडिया के आईएनएक्स न्यूज प्राइवेट लिमिटेड में निवेश को मंजूरी नहीं दी थी. आरोप है कि इसके बाद एफआईपीबी के अप्रूवल को मैन्यूपुलेट किया गया. आईएनएक्स मीडिया ने आईएनएक्स न्यूज प्राइवेट लिमिटेड में 305 करोड़ का निवेश किया, जबकि इसके लिए एफआईपीबी का अप्रूवल नहीं था.

इसके महीनों बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट हरकत में आया. एफआईपीबी, जो वित्त मंत्रालय के अधीन है, से इस बारे में जवाब-तलब किया गया. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने निवेश के बारे में और एफडीआई को किस आधार पर मंजूरी दी गई, इस बारे में जानकारी मांगी.

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से दबाव बढ़ने पर एफपीआईबी ने आईएनएक्स मीडिया से इस बारे में जवाब-तलब किया, जिसके बाद आईएनएक्स मीडिया ने कार्ति चिदंबरम की सेवाएं लीं. सीबीआई का आरोप है कि मामले को सुलझाने के लिए कार्ति चिदंबरम ने तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम के साथ अपने रिश्तों का गलत इस्तेमाल किया. सीबीआई का कहना है कि कार्ति चिदंबरम ने एफआईपीबी के कुछ ब्यूरोक्रैट्स की मदद ली.

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कार्ति चिदंबरम


कार्ति चिदंबरम ने अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल किया
सूत्रों के मुताबिक, कार्ति की कंपनी चेस मैनेजमेंट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड की सलाह पर आईएनएक्स मीडिया ने 26 जून 2008 को इस बारे में सफाई दी. कंपनी का कहना था कि निवेश शेयर में हुए मुनाफे की शक्ल में किया गया था. सीबीआई का आरोप है कि इसके बाद कार्ति चिदंबरम के प्रभाव की वजह से एफआईपीबी के अधिकारियों ने इस ओर से आंखें मूंद लिया. इतना ही नहीं एफआईपीबी के कुछ अधिकारियों ने आईएनएक्स मीडिया को गलत तरीके से फायदा पहुंचाया.

एफआईपीबी ने आईएनएक्स न्यूज प्राइवेट लिमिटेड को फ्रेश अप्रूवल पाने के लिए फिर से अप्लाई करने को कहा. एफआईपीबी ने रेवेन्यू डिपार्टमेंट की सलाह को भी अनदेखा कर दिया. रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने इस मामले की जांच की सिफारिश की थी और कहा था कि एफडीआई में नियमों की अनदेखी की गई है और एफआईपीबी के अप्रूवल के बिना निवेश हुआ है.

इस मामले में कार्ति चिदंबरम पर भी शिकंजा कसने वाला है. पी चिदंबरम की गिरफ्तारी के बाद अब कार्ति चिदंबरम सीबीआई और ईडी की राडार पर हैं.

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First published: August 21, 2019, 9:25 AM IST
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