ग्लोबल आतंकी हाफिज सईद की गिरफ्तारी के जरिए यूं बेवकूफ बनाता है पाकिस्तान

पाकिस्तान में हाफिज सईद कई बार गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन हर बार उसे रिहा कर दिया जाता है.

News18Hindi
Updated: July 17, 2019, 2:06 PM IST
ग्लोबल आतंकी हाफिज सईद की गिरफ्तारी के जरिए यूं बेवकूफ बनाता है पाकिस्तान
ग्लोबल आतंकी हाफिज सईद
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Updated: July 17, 2019, 2:06 PM IST
मुंबई में 26/11 सहित भारत में कई आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड ग्लोबल आतंकी हाफिज सईद को पाकिस्तान में एक बार फिर से गिरफ्तार कर लिया गया है. पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद को पंजाब के लाहौर से गुजरावाला जाते वक्त पकड़कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. टेरर फंडिंग के मामले में पंजाब पुलिस के आतंकवाद रोधी विभाग (सीटीडी) ने उसे लाहौर से गुजरावाले के रास्ते में गिरफ्तार किया. हालांकि दो दिन पहले इसी से जुड़े एक मामले में उसे जमानत मिली थी.

जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद दुनिया के खूंखार आतंकियों में से एक है. वह भारत और अमेरिका सहित कई देशों में मोस्ट वांटेड है. पाकिस्तान में पंजाब के सरगोधा में पैदा हुआ हाफिज लश्कर-ए-तैयबा का भी चीफ है. जमात-उद-दावा कुछ और नहीं बल्कि लश्कर-ए-तैयबा का ही मुखौटा संगठन है.

पाकिस्तान में चुनाव भी लड़ा था
69 वर्षीय हाफिज अब कई बीमारियों से ग्रस्त है. पिछले दिनों ये खबरें आई थीं कि उसका ज्यादातर समय अस्पताल में बीतता है. पिछले साल जब पाकिस्तान में राष्ट्रीय चुनाव हुए थे तब हाफिज ने पाकिस्तान में अपनी सियासी पार्टी भी बनाई थी और चुनाव भी लड़ा था. हालांकि उसे बुरी हार का सामना करना पड़ा था. उसकी पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई थी.

पाकिस्तान बार बार हाफिज सईद को गिरफ्तार करता है और फिर उसे रिहा कर दिया जाता है


हाफिज के पाकिस्तान में 300 से ज्यादा मदरसे
हाफिज सईद पाकिस्तान में खुला इसलिए घूम लेता है क्योंकि उसे राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है. वो दावा करता है कि वह और उसका संगठन सामाजिक सेवा करता है. हाफिज सईद का यह संगठन 300 से भी ज्यादा मदरसे और स्कूल पाकिस्तान में चलाता है. इन्हीं मदरसों की आड़ में वो टेरर फंडिंग का काम करता है.
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जमात-उद-दावा का अपना प्रकाशन है, जिसके जरिए वह प्रोपागैंडा पत्र-पत्रिकाएं निकालता है. इसके अलावा जमात के अपने अस्पताल हैं. वो एम्बुलेंस सेवाएं भी देता है. जमात-उद-दावा के पास कम से कम 50,000 वालंटियर आतंकी और बाकायदा सैलरी पाने वाले सैकड़ों आतंकी हैं. इन्हीं के जरिए वो खाड़ी देशों से मोटा पैसा दान के रूप में लेता है फिर ये पैसा भारत के खिलाफ आतंकवाद को पोषित करने में लगाया जाता है. हाफिज लंबे समय से ये काम कर रहा है.

हल्के मामलों में बार-बार गिरफ्तार होता है और फिर रिहा
संयुक्त राष्ट्र संघ में वो लंबे समय से ग्लोबल आतंकी की सूची में दर्ज है लेकिन पाकिस्तान में खुलेआम घूमता है. मीटिंग्स करता है लेकिन अब तक कभी पाकिस्तान में उसे ग्लोबल आतंकवादी होने के कारण गिरफ्तार नहीं किया गया. जब भी उसे गिरफ्तार किया गया तो उसके खिलाफ वहां हल्के मामले बनाए गए और फिर रिहा कर दिया गया. दरअसल पाकिस्तान लगातार उसे कुछ कुछ दिनों के लिए जेल के अंदर करके दुनिया की आंखों में धूल झोंकने का काम ज्यादा करता रहा है.

हाफिज कई सालों से ग्लोबल आतंकी है लेकिन पाकिस्तान ने उसे हमेशा देश में वीआईपी की तरह शरण दे रखी है


क्या है पूरा नेटवर्क, कैसे इकट्ठा होता है फंड
जमात-उद-दावा की आर्थिक गतिविधियों का संचालन फलाह-ए-इंसानियत नाम का संगठन करता है. इसी संगठन के जरिए जमात-उद-दावा अपने लिए फंड इकट्ठा करता है. पूरे पाकिस्तान में इस संगठन और इसके सहयोगियों का तगड़ा नेटवर्क है.

जमात-उद-दावा को संयुक्त राष्ट्र ने लश्कर-ए-तैयबा के साथ ही 2008 में बैन कर दिया था. अमेरिका ने जून 2014 को जमात-उद-दावा को आतंकी संगठन भी घोषित किया था. हाफिज सईद को भी अमेरिका ने वैश्विक आतंकी घोषित कर रखा है. उसका नाम भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में भी है.

वो पाकिस्तान में मजहब के नाम पर आतंक के लिए फंडिंग करता है. अब देखना होगा कि पाकिस्तान क्या वाकई उसकी गिरफ्तारी को लेकर गंभीर है


हाफिज सईद ने साल 2008 में मुंबई पर आतंकी हमला करवाया था. जिसमें 166 लोगों की जान चली गई थी. उसे 2001 में भारतीय संसद पर हुए हमलों का भी मास्टरमाइंड माना जाता है. 2006 में मुंबई लोकल में हुए सिलसिलेवार विस्फोटों के पीछे भी उसी का हाथ था.

दबाव में आकर पाकिस्तान सरकार ने उसे कई बार गिरफ्तार किया है लेकिन अपने राजनीतिक रसूख और सेना के साथ साठ-गांठ के चलते वह छूटकर बाहर आ जाता है. 2009 में इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था. लेकिन इसके बावजूद वह पाकिस्तान में खुलेआम घूम रहा है. वह कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में भारत के खिलाफ जहर उगलता है.

इसके अलावा पाकिस्तान का मुख्य आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद है. जिसका नाम हाल ही में पुलवामा में CRPF के काफिले में हुए हमले में सामने आया था.
First published: July 17, 2019, 1:36 PM IST
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